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ट्रंप समर्थक की पत्नी को ICE ने लिया हिरासत में: ब्रेंट जिंदरा बोले- 'मैंने 3 बार ट्रंप को वोट दिया था'

ICN24 Newsroom 17 अग॰ 2026, 09:37 am
ट्रंप समर्थक की पत्नी को ICE ने लिया हिरासत में: ब्रेंट जिंदरा बोले- 'मैंने 3 बार ट्रंप को वोट दिया था'

अमेरिका में ट्रंप समर्थक ब्रेंट जिंदरा की रूसी पत्नी गैलिना बोब्रेनेवा को वीजा अवधि समाप्त होने के कारण आव्रजन विभाग ने हिरासत में ले लिया है।

अमेरिकी राजनीति में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां डोनाल्ड ट्रंप के एक कट्टर समर्थक को अब उन्हीं की नीतियों के कड़े कार्यान्वयन का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। नेब्रास्का के रहने वाले ब्रेंट जिंदरा, जिन्होंने गर्व से डोनाल्ड ट्रंप को तीन बार वोट दिया था, अब अपनी रूसी पत्नी गैलिना बोब्रेनेवा को आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद सदमे में हैं। यह घटना तब हुई जब प्रशासन ने अवैध प्रवास के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। गैलिना बोब्रेनेवा, जो एक रूसी नागरिक हैं, साल 2018 में कानूनी तौर पर अमेरिका आई थीं। उन्होंने देश में रहने के लिए शरण (asylum) के लिए आवेदन किया था, लेकिन इस प्रक्रिया के दौरान उनके वीजा की अवधि समाप्त हो गई। आंतरिक सुरक्षा विभाग (DHS) ने उन्हें तकनीकी रूप से 'अवैध विदेशी' (illegal alien) की श्रेणी में डाल दिया। ब्रेंट जिंदरा का कहना है कि उनकी पत्नी को उनकी आंखों के सामने से ले जाया गया, जो उनके लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं था। जिंदरा ने मीडिया से बातचीत में अपनी हताशा व्यक्त करते हुए कहा, "मैंने ट्रंप को तीन बार वोट दिया... मुझे कभी नहीं लगा था कि यह हमारे साथ होगा।" यह मामला आव्रजन नीतियों की जटिलता और उनके मानवीय प्रभाव को उजागर करता है। जिंदरा का तर्क है कि उनकी पत्नी ने कभी कोई अपराध नहीं किया और वे केवल कानूनी प्रक्रिया का पालन कर रहे थे। हालांकि, अमेरिकी आव्रजन कानून के तहत, वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद देश में रहना निर्वासन का आधार बन सकता है, चाहे आवेदक का इरादा कुछ भी हो। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए, यह समाचार एक महत्वपूर्ण संदर्भ प्रस्तुत करता है। ऑस्ट्रेलिया में भी आव्रजन नियम बेहद सख्त हैं। जिस तरह अमेरिका में 'सेक्शन 501' के तहत वीजा रद्द करने की कड़ी प्रक्रिया है, उसी तरह ऑस्ट्रेलिया में भी वीजा शर्तों का उल्लंघन करने पर निर्वासन का सामना करना पड़ता है। भारतीय प्रवासियों के लिए यह खबर एक चेतावनी की तरह है कि आव्रजन स्थिति में कोई भी तकनीकी खामी लंबे समय तक रहने वाले निवासियों के लिए भी गंभीर संकट पैदा कर सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना दर्शाती है कि जब सख्त कानून लागू किए जाते हैं, तो वे अक्सर समर्थकों और विरोधियों के बीच फर्क नहीं करते। जिंदरा अब कानूनी मदद की तलाश कर रहे हैं, लेकिन उनकी पत्नी का भविष्य अब अमेरिकी अदालतों और आव्रजन विभाग के हाथों में है। यह घटना सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनी हुई है, जहां लोग आव्रजन सुधारों की आवश्यकता और नियमों की कठोरता पर बहस कर रहे हैं।
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