लाइव
राजनीति
राजनीति

छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर चंदे पर घिरी सरकार; मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम मोदी से की माफी की मांग

ICN24 Newsroom 11 अग॰ 2026, 02:38 am
छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर चंदे पर घिरी सरकार; मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम मोदी से की माफी की मांग

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने छात्रों पर पुलिसिया कार्रवाई और राम मंदिर ट्रस्ट के चंदे को लेकर प्रधानमंत्री मोदी से तीन बड़ी मांगें की हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से तीखे सवाल पूछे हैं। खरगे ने हाल ही में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर ट्रस्ट के चंदे से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने स्पष्ट रूप से तीन मांगें रखी हैं और कहा है कि प्रधानमंत्री को इन मुद्दों पर देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। यह राजनीतिक घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब देश में विभिन्न छात्र संगठन अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर हैं और विपक्ष सरकार की जवाबदेही तय करने में जुटा है। खरगे ने सबसे पहले छात्रों के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक देश में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस का बल प्रयोग करना निंदनीय है। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से संसद में इस मामले पर विस्तृत जवाब देने की मांग की। खरगे का आरोप है कि सरकार युवाओं की आवाज को दबाने के लिए दमनकारी नीतियों का सहारा ले रही है। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए भी यह खबर महत्वपूर्ण है, क्योंकि वहां रह रहे कई प्रवासियों के बच्चे भारत में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं और वे भारत की शिक्षा व्यवस्था और छात्र सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं। दूसरा प्रमुख मुद्दा राम मंदिर ट्रस्ट के चंदे से जुड़ा है। खरगे ने ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन और पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि चंदे के पैसे का सही हिसाब जनता के सामने नहीं रखा जा रहा है। उन्होंने मांग की है कि ट्रस्ट के कामकाज की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस श्रद्धा के साथ देशवासियों ने दान दिया, उस भरोसे के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। उन्होंने इसे केवल एक धार्मिक मुद्दा नहीं, बल्कि शासन की नैतिकता और पारदर्शिता से जुड़ा मामला बताया। खरगे ने अपनी तीन प्रमुख मांगों को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को स्वयं सामने आकर इन विषयों पर स्पष्टीकरण देना चाहिए। उनकी मांगों में छात्रों पर हुई कार्रवाई की न्यायिक जांच, राम मंदिर ट्रस्ट के ऑडिट की सार्वजनिक रिपोर्ट और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कानून बनाना शामिल है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री को अपनी सरकार की विफलताओं के लिए माफी मांगनी चाहिए। विपक्षी दल अब इन मुद्दों को आगामी संसद सत्र में जोर-शोर से उठाने की रणनीति बना रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि खरगे का यह कड़ा रुख आगामी विधानसभा चुनावों और संसद के शीतकालीन सत्र से पहले विपक्ष को एकजुट करने की कोशिश है। ऑस्ट्रेलिया में भारतीय प्रवासियों के बीच भारत की आंतरिक राजनीति और विशेषकर धार्मिक व शैक्षणिक मुद्दों पर गहरी रुचि देखी जाती है। खरगे के इन बयानों ने सोशल मीडिया पर भी बहस छेड़ दी है, जहां लोग सत्ता पक्ष और विपक्ष के तर्कों पर अपनी राय साझा कर रहे हैं। फिलहाल, सरकार की ओर से इन मांगों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन आने वाले दिनों में इस पर सियासी पारा और चढ़ने की संभावना है।
शेयर:

संबंधित ख़बरें

समान नागरिक संहिता के विरोध में मध्य प्रदेश में बड़ा आंदोलन, भोपाल में मुस्लिम समाज ने कसी कमर
राजनीति

समान नागरिक संहिता के विरोध में मध्य प्रदेश में बड़ा आंदोलन, भोपाल में मुस्लिम समाज ने कसी कमर

मध्य प्रदेश में यूसीसी के खिलाफ 16 से 20 अगस्त तक विरोध प्रदर्शन होगा, जिसमें 21 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपेगा।

11 अग॰ 2026, 03:37 am
छत्तीसगढ़ में 'पति-राज' पर पाबंदी: साय सरकार ने महिला प्रतिनिधियों के परिजनों के दखल पर लगाई रोक
राजनीति

छत्तीसगढ़ में 'पति-राज' पर पाबंदी: साय सरकार ने महिला प्रतिनिधियों के परिजनों के दखल पर लगाई रोक

छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों के स्थान पर उनके पतियों या परिजनों द्वारा काम करने की प्रथा पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।

11 अग॰ 2026, 02:37 am
आदित्य ठाकरे का बीजेपी पर तीखा हमला: "हम छोटे लोग, हमारी पहुंच पीएम मोदी तक नहीं"
राजनीति

आदित्य ठाकरे का बीजेपी पर तीखा हमला: "हम छोटे लोग, हमारी पहुंच पीएम मोदी तक नहीं"

शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने केंद्र सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे 'छोटे लोग' हैं जिनकी पहुंच प्रधानमंत्री तक नहीं है, साथ ही उन्होंने बीजेपी के राष्ट्रवाद पर भी सवाल उठाए।

11 अग॰ 2026, 01:37 am