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युद्धविराम के चंद घंटों बाद लेबनान पर इजरायली हमला, 16 लोगों की मौत; क्षेत्र में फिर बढ़ा तनाव

ICN24 Newsroom 20 जून 2026, 01:39 pm
युद्धविराम के चंद घंटों बाद लेबनान पर इजरायली हमला, 16 लोगों की मौत; क्षेत्र में फिर बढ़ा तनाव

इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच युद्धविराम लागू होने के कुछ ही घंटों बाद हुए हवाई हमलों में 16 लोगों की मौत हो गई है, जिससे शांति समझौते पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच हुए हालिया युद्धविराम को शनिवार को उस समय गहरा झटका लगा, जब लेबनान में इजरायली हवाई हमलों में कम से कम 16 लोगों की जान चली गई। यह दुखद घटनाक्रम अमेरिका और फ्रांस की मध्यस्थता में लागू हुए संघर्षविराम के कुछ ही घंटों बाद सामने आया है। इस हमले ने न केवल लेबनान में शांति की उम्मीदों को कमजोर किया है, बल्कि पूरे मध्य पूर्व में अस्थिरता का नया दौर शुरू होने की आशंका पैदा कर दी है। लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, इजरायली विमानों ने दक्षिण लेबनान के कई इलाकों को निशाना बनाया। इन हमलों में रिहायशी इलाकों को भारी नुकसान पहुँचा है और मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है। दूसरी ओर, इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि यह सैन्य कार्रवाई हिजबुल्लाह द्वारा किए गए उकसावे का जवाब थी। इजरायल का आरोप है कि ईरान समर्थित समूह हिजबुल्लाह ने युद्धविराम की शर्तों का उल्लंघन करते हुए इजरायली क्षेत्र की ओर प्रोजेक्टाइल्स दागे थे। समझौते के तहत, 60 दिनों की एक निगरानी अवधि तय की गई थी जिसके दौरान हिजबुल्लाह को लितानी नदी के उत्तर में अपने हथियारों और लड़ाकों के साथ पीछे हटना था। वहीं, इजरायली सेना को धीरे-धीरे दक्षिणी लेबनान के क्षेत्रों को खाली करना था ताकि लेबनानी सेना वहां नियंत्रण स्थापित कर सके। हालांकि, शनिवार की हिंसा यह दर्शाती है कि जमीन पर तनाव अभी भी चरम पर है और दोनों पक्षों के बीच अविश्वास की खाई बहुत गहरी है। ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय के लिए यह घटनाक्रम विशेष रूप से चिंताजनक है। सिडनी, मेलबर्न और पर्थ जैसे शहरों में रहने वाले भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई प्रवासियों के मध्य पूर्व के देशों के साथ मजबूत व्यापारिक और व्यक्तिगत संबंध हैं। इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में भारतीय कामगार भी कार्यरत हैं, जिनकी सुरक्षा को लेकर ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले उनके परिजन डरे हुए हैं। इसके अलावा, लेबनान में चल रहे संघर्ष का सीधा असर वैश्विक तेल कीमतों और आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ता है, जिससे ऑस्ट्रेलिया में महंगाई बढ़ने का खतरा बना रहता है। ऑस्ट्रेलियाई विदेश मामलों और व्यापार विभाग (DFAT) ने पहले ही अपने नागरिकों को लेबनान की यात्रा न करने की सख्त सलाह दी है। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के नेताओं ने शांति की अपील करते हुए कहा है कि हिंसा का बढ़ना किसी के हित में नहीं है। समुदाय का मानना है कि यदि यह युद्धविराम पूरी तरह विफल होता है, तो इसके मानवीय परिणाम विनाशकारी होंगे। अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब इस बात पर नजर गड़ाए हुए है कि क्या अमेरिका और फ्रांस इस समझौते को टूटने से बचाने के लिए नए कूटनीतिक प्रयास करेंगे।
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