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ईरान की वर्ल्ड कप तैयारियों में बाधा: अमेरिकी वीजा पाबंदियों के कारण टीम को मेक्सिको में लेना पड़ा ठिकाना
ICN24 Newsroom 8 जून 2026, 09:31 am
ईरान की फुटबॉल टीम को अमेरिका में केवल मैच के दिनों में प्रवेश की अनुमति मिली है, जिसके कारण उन्हें अपना ट्रेनिंग कैंप मेक्सिको स्थानांतरित करना पड़ा है।
आगामी फुटबॉल वर्ल्ड कप से पहले ईरानी राष्ट्रीय टीम को अभूतपूर्व कूटनीतिक और लॉजिस्टिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। नवीनतम रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी वीजा पाबंदियों के कारण ईरानी खिलाड़ियों और स्टाफ को केवल उन्हीं दिनों अमेरिका में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी जब उनके मैच निर्धारित हैं। खेल समाप्त होते ही टीम को तुरंत अमेरिकी सीमा छोड़नी होगी।
ईरान के राजदूत द्वारा पुष्टि की गई इस व्यवस्था ने टीम की पूर्व नियोजित तैयारियों को पूरी तरह से बाधित कर दिया है। मूल रूप से, ईरानी टीम ने अमेरिका के एरिजोना राज्य के टक्सन (Tucson) शहर में अपना प्रशिक्षण शिविर स्थापित करने की योजना बनाई थी। हालांकि, इन सख्त वीजा नियमों के चलते टीम को अब अपनी रणनीति बदलते हुए मेक्सिको के सीमावर्ती शहर तिजुआना (Tijuana) में शरण लेनी पड़ी है।
यह घटनाक्रम खेल और राजनीति के बीच के जटिल संबंधों को उजागर करता है। विश्व कप जैसे वैश्विक मंच पर आम तौर पर खिलाड़ियों को सुगम यात्रा की सुविधा दी जाती है, लेकिन ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रहे तनावपूर्ण संबंधों का असर अब खेल के मैदान पर भी दिखने लगा है। तिजुआना से टीम को मैच के दिनों में सीमा पार कर अमेरिका लाया जाएगा और खेल खत्म होने के कुछ ही घंटों के भीतर वापस मेक्सिको भेज दिया जाएगा।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय और दक्षिण एशियाई प्रवासियों के लिए यह खबर विशेष रुचि रखती है, क्योंकि खेल और आप्रवासन (immigration) के मुद्दे अक्सर इस समुदाय को प्रभावित करते हैं। विशेष रूप से मेलबर्न और सिडनी जैसे शहरों में रहने वाले फुटबॉल प्रेमी, जो वैश्विक टूर्नामेंटों के दौरान अंतरराष्ट्रीय यात्रा करते हैं, इस तरह के सख्त वीजा नियमों के प्रभाव को समझते हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की 'मैच-डे ओनली' नीति टीम के प्रदर्शन पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है, क्योंकि खिलाड़ियों को बार-बार यात्रा और आव्रजन प्रक्रियाओं से गुजरना होगा।
लॉजिस्टिक दृष्टि से, किसी अंतरराष्ट्रीय टीम के लिए सीमा पार प्रशिक्षण कैंप चलाना एक बड़ी चुनौती है। खिलाड़ियों की रिकवरी, डाइट और अभ्यास सत्रों के लिए स्थिरता आवश्यक होती है, जो इस आप्रवासन विवाद के कारण खतरे में पड़ गई है। वर्तमान में, ईरानी फुटबॉल महासंघ और फीफा के बीच इस स्थिति को सुलझाने के लिए बातचीत जारी है, हालांकि अमेरिकी प्रशासन ने सुरक्षा और नीतिगत कारणों का हवाला देते हुए नियमों में ढील देने से फिलहाल इनकार किया है।
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