राजनीति
गणगौर माता घाट से निकली भव्य हाटकेश्वर कावड़ यात्रा, वेदा नदी के जल से हुआ महादेव का अभिषेक
ICN24 Newsroom 4 अग॰ 2026, 12:37 pm

गोगावा में सावन सोमवार पर दशोरा नागर महाजन समाज द्वारा भव्य कावड़ यात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने वेदा नदी के जल से शिवलिंग का अभिषेक किया।
मध्य प्रदेश के गोगावा क्षेत्र में सावन के पवित्र महीने के उपलक्ष्य में धार्मिक उत्साह और श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। सोमवार को दशोरा नागर महाजन समाज मंडल के तत्वावधान में भगवान हाटकेश्वर महादेव की भव्य कावड़ यात्रा निकाली गई। इस यात्रा का शुभारंभ गणगौर माता घाट से हुआ, जहां बड़ी संख्या में शिव भक्त केसरिया बाना पहने और कावड़ उठाए एकत्रित हुए। आयोजन का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की सुख-समृद्धि और आध्यात्मिक चेतना का प्रसार करना था।
यात्रा की शुरुआत से पूर्व दशोरा नागर महाजन समाज के अध्यक्ष महेंद्र गुप्ता ने सपत्नीक विधि-विधान से पूजन संपन्न किया। आचार्य अमित शुक्ला के नेतृत्व में विद्वान पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान शिव और कावड़ का पूजन करवाया। जैसे ही मंत्रों की गूंज शांत हुई, पूरा वातावरण 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। इसके पश्चात, बैंड-बाजों की मधुर धुनों और शिव भजनों पर झूमते श्रद्धालुओं का कारवां आगे बढ़ा।
यात्रा मार्ग में नगरवासियों ने कावड़ियों का भव्य स्वागत किया। जब यह यात्रा शाहपुरा स्थित नर्मदेश्वर महादेव मंदिर पहुंची, तो वहां का दृश्य अत्यंत भावुक और अनुशासित था। छात्रावास की छात्राओं ने कतारबद्ध होकर श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा की और उनका अभिनंदन किया। मंदिर समिति ने भी कावड़ियों का स्वागत करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। स्थानीय प्रशासन और गोगावा थाना पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखा, जिससे यातायात सुचारू बना रहा और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई।
इस धार्मिक आयोजन का समापन शाहपुरा के प्रसिद्ध नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में हुआ। यहां श्रद्धालुओं ने वेदा नदी से लाए गए पवित्र जल से भगवान शिव का जलाभिषेक किया। अभिषेक के उपरांत भव्य महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों भक्तों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के अंत में मंदिर समिति और दशोरा नागर महाजन समाज की ओर से अल्पाहार और मिष्ठान प्रसादी का वितरण किया गया।
आयोजन की सफलता में समाज के सचिव सोरिन गुप्ता, कोषाध्यक्ष राजेश गुप्ता, नीरज गुप्ता, और नर्मदेश्वर महादेव समिति के अनिल कर्मा व गणपति चौहान जैसे प्रमुख सदस्यों का विशेष योगदान रहा। उल्लेखनीय है कि सावन के दौरान इस तरह के आयोजन न केवल भारत में, बल्कि ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में बसे भारतीय समुदाय के बीच भी अत्यंत लोकप्रिय हैं। सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में स्थित शिव मंदिरों में भी प्रवासी भारतीय इसी श्रद्धा के साथ जलाभिषेक और कीर्तन का आयोजन करते हैं, जो उनकी अपनी जड़ों से जुड़ाव को दर्शाता है।
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