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फुटबॉल दिग्गज रूड गुलिट ने फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो से मांगा इस्तीफा, आव्रजन विवादों पर जताई कड़ी नाराजगी

ICN24 Newsroom 11 जून 2026, 06:30 am
फुटबॉल दिग्गज रूड गुलिट ने फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो से मांगा इस्तीफा, आव्रजन विवादों पर जताई कड़ी नाराजगी

डच फुटबॉल दिग्गज रूड गुलिट ने अमेरिका की आव्रजन नीतियों और वीजा समस्याओं के कारण फीफा अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग की है, जिससे विश्व कप से पहले खलबली मच गई है।

न्यूयॉर्क: फुटबॉल जगत में उस समय हड़कंप मच गया जब नीदरलैंड के महान खिलाड़ी रूड गुलिट ने फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो को एक खुला पत्र लिखकर उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की। यह घटनाक्रम फीफा विश्व कप 2026 के औपचारिक आगाज से ठीक एक दिन पहले सामने आया है। गुलिट ने अमेरिका की विवादास्पद आव्रजन नीतियों और उससे जुड़ी वीजा समस्याओं को लेकर फीफा नेतृत्व की विफलता पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। अपने पत्र में गुलिट ने तर्क दिया है कि फीफा अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल का संरक्षक है, लेकिन वह खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए सुगम यात्रा सुनिश्चित करने में विफल रहा है। हाल के हफ्तों में कई टीमों और खेल अधिकारियों को अमेरिका में प्रवेश के दौरान वीजा संबंधी दिक्कतों और कड़ी सुरक्षा जांच का सामना करना पड़ा है। गुलिट का मानना है कि इन मुद्दों ने खेल की अखंडता और वैश्विक समावेशिता को खतरे में डाल दिया है। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए यह खबर विशेष महत्व रखती है। ऑस्ट्रेलिया में एक बड़ी आबादी फुटबॉल की प्रशंसक है और भारतीय प्रवासियों का एक बड़ा वर्ग नियमित रूप से अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के लिए यात्रा करता है। कड़े वीजा नियमों और आव्रजन बाधाओं का असर अक्सर उन समर्थकों और शौकिया खिलाड़ियों पर भी पड़ता है जो ऑस्ट्रेलिया से अमेरिका या अन्य देशों की यात्रा करते हैं। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय, जो पहले से ही सख्त आव्रजन नीतियों के प्रति संवेदनशील रहा है, इस विवाद को खेलों में बढ़ते राजनीतिकरण के रूप में देख रहा है। गुलिट ने पत्र में लिखा कि फुटबॉल दुनिया को जोड़ने का माध्यम है, लेकिन वर्तमान नेतृत्व के तहत यह विभाजनकारी नीतियों का शिकार हो रहा है। उन्होंने कहा कि यदि मेजबान देश की नीतियां एथलीटों के सम्मानजनक प्रवेश में बाधा बनती हैं, तो इसकी जिम्मेदारी फीफा प्रमुख को लेनी चाहिए। इन्फेंटिनो के नेतृत्व पर यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब फीफा पहले से ही मानवाधिकारों और पारदिर्शता के मुद्दों पर सवालों के घेरे में रहा है। फिलहाल फीफा मुख्यालय की ओर से इस पत्र पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, यह स्पष्ट है कि विश्व कप की शुरुआत से पहले इस तरह के विवाद ने टूर्नामेंट के उत्साह पर सवालिया निशान लगा दिया है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वीजा और आव्रजन की स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो यह टूर्नामेंट इतिहास के सबसे चुनौतीपूर्ण आयोजनों में से एक साबित हो सकता है।
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