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अमेरिका का कड़ा रुख: अपराधी ही नहीं, उनके परिवारों को भी नहीं मिलेगा वीजा; ट्रंप प्रशासन ने नियमों में किया बड़ा बदलाव

ICN24 Newsroom 27 जुल॰ 2026, 10:36 pm
अमेरिका का कड़ा रुख: अपराधी ही नहीं, उनके परिवारों को भी नहीं मिलेगा वीजा; ट्रंप प्रशासन ने नियमों में किया बड़ा बदलाव

अमेरिका ने वित्तीय धोखाधड़ी करने वाले अपराधी नेटवर्कों पर नकेल कसने के लिए नए वीजा नियमों का एलान किया है, जिसके तहत अब अपराधियों के परिजनों को भी वीजा नहीं मिलेगा।

वाशिंगटन: अमेरिका में ट्रंप प्रशासन ने अपनी आव्रजन नीति को और अधिक सख्त करते हुए अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्कों के खिलाफ बड़े बदलाव की घोषणा की है। आव्रजन और राष्ट्रीयता अधिनियम (Immigration and Nationality Act) के तहत पेश किए गए इन नए नियमों का मुख्य उद्देश्य उन विदेशी नेटवर्कों को नष्ट करना है जो अमेरिका के भीतर अरबों डॉलर की धोखाधड़ी और वित्तीय अनियमितताओं में संलिप्त हैं। इस नीति की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अब प्रतिबंध केवल मुख्य अपराधियों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि उनके परिवार के सदस्यों को भी अमेरिकी वीजा प्राप्त करने से वंचित कर दिया जाएगा। नवनियुक्त अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस नई वीजा प्रतिबंध नीति का विवरण साझा करते हुए कहा कि अमेरिका अब उन लोगों के लिए सुरक्षित पनाहगाह नहीं रहेगा जो वैश्विक स्तर पर आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कदम उन गिरोहों की कमर तोड़ने के लिए उठाया गया है जो संगठित अपराध के जरिए अमेरिकी अर्थव्यवस्था और सुरक्षा को नुकसान पहुंचाते हैं। रुबियो के अनुसार, अपराधियों के परिजनों पर प्रतिबंध लगाने का उद्देश्य उन आर्थिक लाभों और सुविधाओं को रोकना है जो ये नेटवर्क अपने परिवारों के लिए सुनिश्चित करते थे। यह नीति विशेष रूप से उन समूहों को लक्षित करती है जो डिजिटल धोखाधड़ी, मनी लॉन्ड्रिंग और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित होने वाले स्कैम कॉल सेंटरों के जरिए अवैध कमाई करते हैं। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के संदर्भ में देखें तो यह कदम काफी महत्वपूर्ण है। ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका दोनों ही 'फाइव आइज' खुफिया गठबंधन का हिस्सा हैं, और अक्सर एक देश की वीजा नीतियों का प्रभाव दूसरे देशों की जांच प्रक्रियाओं पर भी पड़ता है। हाल के वर्षों में भारतीय छात्रों और कामगारों को निशाना बनाने वाले फर्जी वीजा एजेंटों और वित्तीय घोटालेबाजों के कई मामले सामने आए हैं। अमेरिका के इस कड़े रुख से ऐसे अवैध एजेंटों और उनके सहयोगियों पर वैश्विक दबाव बढ़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन का यह निर्णय केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक राजनीतिक संदेश भी है। अमेरिका यह स्पष्ट करना चाहता है कि उसकी सीमाओं में प्रवेश एक विशेषाधिकार है, अधिकार नहीं। नए नियमों के लागू होने के बाद, वीजा आवेदकों की स्क्रीनिंग प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक जटिल और गहन हो जाएगी। अब आवेदकों को न केवल अपनी पृष्ठभूमि, बल्कि अपने परिवार के सदस्यों के व्यावसायिक संबंधों और वित्तीय इतिहास के बारे में भी अधिक पारदर्शिता बरतनी होगी। आगामी हफ्तों में अमेरिकी विदेश विभाग उन व्यक्तियों और समूहों की पहचान करने के लिए अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय शुरू करेगा, जिन्हें इस काली सूची में डाला जाना है। भारतीय मूल के लोगों के लिए, जो अक्सर अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के बीच यात्रा करते हैं या जिनके व्यापारिक हित दोनों देशों में हैं, यह सलाह दी जाती है कि वे किसी भी प्रकार के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन या अनधिकृत वीजा सलाहकारों से दूर रहें। अमेरिका की यह नई 'जीरो टॉलरेंस' नीति अवैध गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति के लिए भविष्य में अंतरराष्ट्रीय यात्रा के रास्ते पूरी तरह बंद कर सकती है।
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