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बंगलूरू: भाजपा विधायक द्वारा कुख्यात 'किंग मेकर दासा' का सम्मान, वीडियो वायरल होने पर कर्नाटक में राजनीतिक घमासान

ICN24 Newsroom 13 जुल॰ 2026, 07:31 pm
बंगलूरू: भाजपा विधायक द्वारा कुख्यात 'किंग मेकर दासा' का सम्मान, वीडियो वायरल होने पर कर्नाटक में राजनीतिक घमासान

बंगलूरू के बोम्मनहल्ली से भाजपा विधायक सतीश रेड्डी द्वारा एक हिस्ट्रीशीटर 'किंग मेकर दासा' को सम्मानित करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।

कर्नाटक की राजधानी बंगलूरू में एक बार फिर राजनीति और अपराध के कथित गठजोड़ को लेकर बहस छिड़ गई है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें बोम्मनहल्ली निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक सतीश रेड्डी को शहर के एक कुख्यात 'रोडी शीटर' (हिस्ट्रीशीटर) मल्लिकार्जुन उर्फ 'किंग मेकर दासा' का सम्मान करते हुए देखा जा सकता है। इस घटना ने न केवल विपक्षी दलों को हमला करने का मौका दे दिया है, बल्कि सार्वजनिक नैतिकता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में विधायक सतीश रेड्डी, दासा को शॉल ओढ़ाकर और माला पहनाकर सम्मानित करते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह कार्यक्रम दासा के समर्थकों द्वारा आयोजित किया गया था। 'किंग मेकर दासा' के नाम से पहचाने जाने वाले मल्लिकार्जुन पर हत्या के प्रयास, जबरन वसूली और मारपीट जैसे कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड में उसे एक सक्रिय रोडी शीटर के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जिसके चलते एक जनप्रतिनिधि द्वारा उसका सार्वजनिक अभिनंदन चर्चा का विषय बना हुआ है। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस पार्टी ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। कर्नाटक कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब भाजपा के नेताओं को अपराधियों के साथ देखा गया है। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल (केंद्र में) और उसके विधायक अपराधियों को संरक्षण दे रहे हैं, जिससे समाज में गलत संदेश जा रहा है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए पूछा कि क्या भाजपा अब 'गुंडा संस्कृति' को बढ़ावा दे रही है। दूसरी ओर, भाजपा खेमे से इस पर मिली-जुली प्रतिक्रिया आई है। हालांकि विधायक सतीश रेड्डी ने अभी तक इस पर विस्तृत आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन उनके समर्थकों का तर्क है कि सार्वजनिक जीवन में विधायक कई कार्यक्रमों में शामिल होते हैं और अक्सर उन्हें पता नहीं होता कि वहां मौजूद हर व्यक्ति का पिछला रिकॉर्ड क्या है। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि दासा जैसे चर्चित चेहरे को न पहचानना नामुमकिन है। ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय, विशेषकर कर्नाटक मूल के प्रवासियों के लिए यह खबर चिंता का विषय है। सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में रहने वाले कन्नड़ प्रवासी अक्सर कर्नाटक की राजनीति और वहां की कानून-व्यवस्था पर करीब से नजर रखते हैं। समुदाय के सदस्यों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं राज्य की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावित करती हैं। ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समुदाय के बीच राजनीतिक शुचिता और पारदर्शी शासन हमेशा से प्राथमिकता रही है, ऐसे में अपराधियों का राजनीतिकरण एक बड़ा मुद्दा बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि चुनाव नजदीक आने के साथ ही स्थानीय स्तर पर प्रभाव रखने वाले 'मसल पावर' का इस्तेमाल बढ़ जाता है। कर्नाटक में पहले भी कई मौकों पर राजनेताओं और रोडी शीटरों के बीच सांठगांठ की खबरें आती रही हैं। पुलिस प्रशासन के लिए भी यह एक चुनौतीपूर्ण स्थिति है, जहां उन्हें राजनीतिक दबाव और कानूनी कर्तव्य के बीच संतुलन बनाना पड़ता है। फिलहाल, बंगलूरू पुलिस ने इस मामले में कोई नई प्राथमिकी दर्ज नहीं की है, लेकिन सोशल मीडिया पर जनता का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है।
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