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एक्साइड के बेंगलुरु लिथियम-आयन संयंत्र से दिसंबर तिमाही में आय शुरू होने की उम्मीद: सीईओ
ICN24 Newsroom 13 जुल॰ 2026, 07:31 pm

एक्साइड इंडस्ट्रीज के सीईओ सुबीर चक्रवर्ती ने पुष्टि की है कि कंपनी का बेंगलुरु स्थित नया लिथियम-आयन सेल कारखाना चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही से राजस्व देना शुरू कर देगा।
भारत की अग्रणी बैटरी निर्माता कंपनी, एक्साइड इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने अपनी भविष्य की योजनाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। कंपनी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सुबीर चक्रवर्ती ने हाल ही में साझा किया कि बेंगलुरु स्थित उनके महत्वाकांक्षी लिथियम-आयन सेल विनिर्माण संयंत्र से चालू वित्त वर्ष (2024-25) की तीसरी तिमाही, यानी अक्टूबर-दिसंबर अवधि से आय शुरू होने की उम्मीद है। यह कदम भारत के ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़े बदलाव का संकेत है, जो पारंपरिक लेड-एसिड बैटरी से अत्याधुनिक लिथियम-आयन तकनीक की ओर बढ़ रहा है।
कोलकाता स्थित मुख्यालय वाली इस कंपनी ने बेंगलुरु के पास स्थित इस इकाई में भारी निवेश किया है। यह परियोजना न केवल एक्साइड के लिए, बल्कि भारत के इलेक्ट्रिक वाहन (EV) पारिस्थितिकी तंत्र के लिए भी सामरिक रूप से महत्वपूर्ण है। चक्रवर्ती ने वार्षिक आम बैठक (AGM) के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि संयंत्र का निर्माण कार्य और मशीनरी स्थापना का काम तेजी से चल रहा है। पहले चरण में इस इकाई की क्षमता 6 गीगावाट घंटा (GWh) होगी, जिसे भविष्य की मांग के अनुसार विस्तारित किया जा सकता है।
यह विकास भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए भी विशेष रुचि का विषय है। जैसा कि ऑस्ट्रेलिया दुनिया के सबसे बड़े लिथियम उत्पादकों में से एक है, भारत की लिथियम-आयन सेल बनाने की बढ़ती क्षमता दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को नई मजबूती प्रदान करती है। भारत और ऑस्ट्रेलिया ने हाल ही में 'क्रिटिकल मिनरल्स इन्वेस्टमेंट पार्टनरशिप' के तहत सहयोग बढ़ाया है, जिसका उद्देश्य सुरक्षित आपूर्ति श्रृंखला स्थापित करना है। एक्साइड जैसे बड़े खिलाड़ियों का इस क्षेत्र में उतरना ऑस्ट्रेलियाई लिथियम निर्यातकों के लिए भारत को एक आकर्षक गंतव्य बनाता है।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि एक्साइड की यह पहल उसे अपने प्रतिस्पर्धियों, विशेष रूप से अमारा राजा और अंतरराष्ट्रीय दिग्गजों के मुकाबले एक मजबूत स्थिति में खड़ा करेगी। वर्तमान में, भारत अपनी लिथियम-आयन सेल जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर चीन और अन्य दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों पर निर्भर है। घरेलू स्तर पर उत्पादन शुरू होने से न केवल उत्पादन लागत में कमी आएगी, बल्कि 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को भी बल मिलेगा।
कंपनी ने इस परियोजना के लिए चीन की एसवोल्ट एनर्जी टेक्नोलॉजी (SVOLT Energy Technology) के साथ तकनीकी सहयोग किया है। इस साझेदारी के माध्यम से एक्साइड को वैश्विक स्तर की तकनीक और विनिर्माण प्रक्रियाओं तक पहुंच मिली है। हालांकि, सीईओ ने यह भी स्पष्ट किया कि हालांकि राजस्व तीसरी तिमाही से शुरू हो जाएगा, लेकिन संयंत्र का पूर्ण परिचालन और लाभप्रदता धीरे-धीरे बढ़ेगी। आने वाले समय में, यह संयंत्र न केवल दोपहिया और तिपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों की जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि औद्योगिक और डेटा सेंटर अनुप्रयोगों के लिए भी ऊर्जा भंडारण समाधान प्रदान करेगा।
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