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भोपाल: 4 दिनों की देशव्यापी खोज के बाद मथुरा में मिला लापता बालक, पुलिस ने किया बरामद

ICN24 Newsroom 20 जून 2026, 09:22 am
भोपाल: 4 दिनों की देशव्यापी खोज के बाद मथुरा में मिला लापता बालक, पुलिस ने किया बरामद

भोपाल से लापता हुए 11 वर्षीय अंश को चार दिनों की सघन तलाश के बाद मथुरा से सुरक्षित बरामद कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार, बच्चा घर में हुई डांट से नाराज होकर गया था।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से पिछले चार दिनों से लापता 11 वर्षीय बालक, अंश, को आखिरकार उत्तर प्रदेश के मथुरा से सुरक्षित बरामद कर लिया गया है। इस मामले ने पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया था, क्योंकि सोशल मीडिया और पुलिस नेटवर्क के माध्यम से एक व्यापक तलाशी अभियान चलाया जा रहा था। पुलिस ने पुष्टि की है कि बालक पूरी तरह सुरक्षित है और उसे जल्द ही उसके परिवार को सौंप दिया जाएगा। प्रारंभिक जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि अंश किसी अपहरण या आपराधिक साजिश का शिकार नहीं हुआ था, बल्कि वह अपनी मां और सौतेले पिता द्वारा दी गई डांट से आहत होकर घर से निकल गया था। अधिकारियों के अनुसार, घर में हुई मामूली कहासुनी के बाद बालक ने यह आत्मघाती कदम उठाया और ट्रेन के जरिए मथुरा पहुंच गया। भोपाल पुलिस की विशेष टीम और रेलवे पुलिस (GRP) के आपसी समन्वय ने इस सफल बचाव अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या फिरौती की मांग जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसे बाल कल्याण समिति (Child Welfare Committee) को सौंप दिया गया है। समिति के सदस्य बालक की काउंसलिंग करेंगे ताकि वह मानसिक तनाव से बाहर आ सके और दोबारा ऐसा कदम न उठाए। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों के साथ संवाद करते समय माता-पिता को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए भी यह खबर एक महत्वपूर्ण सबक पेश करती है। प्रवासी परिवारों में अक्सर सांस्कृतिक अंतर और नई पीढ़ी की बदलती मानसिकता के कारण संवाद की कमी देखी जाती है। बाल मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और उनकी भावनाओं को समझना आज के समय में बेहद जरूरी है, चाहे वह भारत हो या ऑस्ट्रेलिया। बच्चों के घर छोड़कर जाने की घटनाएं अक्सर गहरे भावनात्मक असंतोष का परिणाम होती हैं। फिलहाल, पुलिस कानूनी औपचारिकताओं को पूरा कर रही है। अंश के परिजनों ने पुलिस और उन सभी लोगों का आभार व्यक्त किया है जिन्होंने इस कठिन समय में उनकी मदद की। भोपाल के इस मामले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि पुलिस की तत्परता और आधुनिक तकनीक का सही उपयोग किसी भी अनहोनी को टालने में सक्षम है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे बच्चों के व्यवहार में आने वाले बदलावों पर नजर रखें और उनके साथ एक दोस्ताना माहौल बनाए रखें।
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