ऑस्ट्रेलिया
कैंसर के खिलाफ लंबी जंग के बाद दिग्गज शोधकर्ता और 'ऑस्ट्रेलिया ऑफ द ईयर' को दी गई अंतिम विदाई
ICN24 Newsroom 13 जुल॰ 2026, 05:31 am
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व 'ऑस्ट्रेलिया ऑफ द ईयर' और दिग्गज शोधकर्ता को कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद नम आंखों से विदाई दी गई। उनके योगदान को देश के लिए अपूरणीय बताया गया है।
ऑस्ट्रेलिया ने आज अपने एक सबसे प्रतिभाशाली व्यक्तित्व और निस्वार्थ सेवा की प्रतिमूर्ति को नम आंखों से अंतिम विदाई दी। पूर्व 'ऑस्ट्रेलिया ऑफ द ईयर' और कैंसर अनुसंधान के क्षेत्र में वैश्विक पहचान रखने वाले इस दिग्गज शोधकर्ता का हाल ही में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। आज आयोजित विदाई समारोह में देश के शीर्ष नेताओं, गणमान्य व्यक्तियों और परिवार के सदस्यों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्हें न केवल एक उत्कृष्ट वैज्ञानिक के रूप में, बल्कि एक ऐसे व्यक्ति के रूप में याद किया गया जिनका दिल मानवता के लिए धड़कता था।
इस समारोह में वक्ताओं ने उनके उस साहस की सराहना की, जिसके साथ उन्होंने अपनी बीमारी का सामना किया। एक शोधकर्ता के रूप में उन्होंने अपना पूरा जीवन दूसरों की जान बचाने के लिए समर्पित कर दिया था, लेकिन जीवन के अंतिम दौर में वे स्वयं उस बीमारी से जूझ रहे थे जिस पर वे शोध कर रहे थे। उनका संघर्ष और उनके द्वारा किए गए चिकित्सा सुधार ऑस्ट्रेलिया के स्वास्थ्य ढांचे में हमेशा याद किए जाएंगे।
भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए भी यह एक भावुक क्षण है। ऑस्ट्रेलिया के चिकित्सा क्षेत्र में काम करने वाले हजारों भारतीय मूल के डॉक्टर और शोधकर्ता उन्हें अपना प्रेरणा स्रोत मानते रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया में भारतीय प्रवासियों का एक बड़ा हिस्सा स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र से जुड़ा है, और ऐसे महान व्यक्तित्व का जाना पूरे चिकित्सा जगत के लिए एक बड़ी क्षति है। उनके द्वारा विकसित किए गए शोध मॉडल और कैंसर उपचार की पद्धतियों से न केवल ऑस्ट्रेलिया बल्कि भारत सहित दुनिया भर के मरीजों को लाभ मिल रहा है।
विदाई समारोह के दौरान उनके परिवार ने उनकी व्यक्तिगत उपलब्धियों और उनके दयालु स्वभाव को याद किया। उन्होंने बताया कि किस तरह वे अपने व्यस्त पेशेवर जीवन के बावजूद हमेशा दूसरों की मदद के लिए तैयार रहते थे। सरकार ने भी उनके योगदान को सम्मान देते हुए कहा कि उन्होंने विज्ञान और मानवता के बीच के सेतु को मजबूत किया है।
आज का यह अवसर न केवल शोक का था, बल्कि उनके जीवन के उत्सव का भी था। उनके कार्यों ने भविष्य के वैज्ञानिकों के लिए एक ऐसा मार्ग प्रशस्त किया है जिस पर चलकर कैंसर जैसी घातक बीमारियों पर विजय प्राप्त की जा सकती है। ऑस्ट्रेलिया के इतिहास में उन्हें एक ऐसे 'ब्राइटेस्ट लाइट' (सबसे चमकदार रोशनी) के रूप में दर्ज किया गया है, जिसकी चमक उनके जाने के बाद भी चिकित्सा विज्ञान के गलियारों में बनी रहेगी।
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