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ज्योतिष और मान्यताएं: सड़क पर पड़ी इन 4 चीजों पर भूलकर भी न रखें पैर, बढ़ सकती हैं आर्थिक और मानसिक परेशानियां
ICN24 Newsroom 15 अग॰ 2026, 10:37 am

सनातन परंपरा और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मार्ग पर चलते समय कुछ विशेष वस्तुओं से दूरी बनाना अनिवार्य माना गया है ताकि नकारात्मक ऊर्जा से बचा जा सके।
भारतीय संस्कृति और ज्योतिष शास्त्र में ऊर्जा के सकारात्मक और नकारात्मक प्रवाह को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए भी अपनी जड़ों से जुड़ी ये मान्यताएं आज भी प्रासंगिक हैं। अक्सर जब हम सड़क पर चलते हैं, तो हमारा ध्यान नीचे नहीं होता, लेकिन ज्योतिषीय दृष्टि से राह में पड़ी कुछ चीजें आपके जीवन में दरिद्रता और अशांति का कारण बन सकती हैं। शास्त्रों के अनुसार, इन वस्तुओं में नकारात्मक ऊर्जा का वास होता है, जो स्पर्श मात्र से मनुष्य के जीवन को प्रभावित कर सकती हैं।
पहली वस्तु है बालों का गुच्छा। ज्योतिष शास्त्र में बालों का संबंध राहु और केतु से माना गया है। अक्सर लोग घरों की सफाई के बाद टूटे हुए बालों को बाहर फेंक देते हैं। यदि राह चलते समय आपका पैर बालों के गुच्छे पर पड़ जाता है, तो यह माना जाता है कि आपके जीवन में राहु का अशुभ प्रभाव शुरू हो सकता है। इससे न केवल मानसिक तनाव बढ़ता है, बल्कि बनते हुए कार्यों में भी बाधाएं आने लगती हैं। विशेषकर मेलबर्न और सिडनी जैसे व्यस्त शहरों के पार्कों या रास्तों पर चलते समय इस बात का ध्यान रखना आवश्यक है।
दूसरी महत्वपूर्ण चीज है सड़क पर पड़े हुए नींबू और मिर्च। भारत में बुरी नजर से बचने के लिए दुकानों और घरों के बाहर नींबू-मिर्च लटकाने की परंपरा है। शनिवार या अन्य विशेष दिनों में जब इन्हें उतारा जाता है, तो अक्सर लोग इन्हें सड़क के बीच या चौराहे पर फेंक देते हैं। माना जाता है कि इनमें उस घर या व्यक्ति की सारी नकारात्मकता समाहित होती है। यदि कोई व्यक्ति अनजाने में भी इन पर पैर रख देता है, तो वह नकारात्मक ऊर्जा उस व्यक्ति के साथ उसके घर तक पहुंच सकती है, जिससे कलह और आर्थिक तंगी की स्थिति पैदा होती है।
तीसरी वस्तु है हवन की राख या जली हुई लकड़ियां। भारतीय समुदाय ऑस्ट्रेलिया में भी बड़ी श्रद्धा के साथ पूजा-पाठ और हवन का आयोजन करता है। नियमानुसार, पूजा के बाद बची हुई सामग्री या राख को पवित्र स्थान या जल में प्रवाहित करना चाहिए, लेकिन कभी-कभी यह सामग्री सड़कों के किनारे पड़ी मिल जाती है। ज्योतिष के अनुसार, राख में अग्नि तत्व का अवशेष होता है जो ठंडा होने के बाद भी संवेदनशील रहता है। इस पर पैर रखने से व्यक्ति के सौभाग्य में कमी आ सकती है और उसे स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
चौथी चीज है सड़क पर पड़ा हुआ बचा हुआ भोजन या भोग। चौराहे पर अक्सर लोग पितरों के निमित्त या ग्रहों की शांति के लिए भोजन रखते हैं। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, ऐसा भोजन केवल उन शक्तियों के लिए होता है जिन्हें अर्पित किया गया है। यदि कोई मनुष्य इस पर पैर रखता है, तो इसे देवताओं या पितरों का अपमान माना जाता है। इससे घर में अशांति और धन की हानि हो सकती है।
निष्कर्ष के तौर पर, यह केवल अंधविश्वास नहीं बल्कि ऊर्जा के संतुलन का विज्ञान माना जाता है। सिडनी के हैरिस पार्क से लेकर पर्थ के उपनगरों तक, अपनी सांस्कृतिक गरिमा और आध्यात्मिक स्वच्छता को बनाए रखना हर भारतीय के लिए महत्वपूर्ण है। चलते समय थोड़ी सी सावधानी आपको बड़ी परेशानियों से बचा सकती है।
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