ऑस्ट्रेलिया
दिग्गज ब्रॉडकास्टर एलन जोन्स का ट्रायल स्थगित, अदालती कार्यवाही में आई अचानक बाधा
ICN24 Newsroom 12 अग॰ 2026, 11:37 pm
ऑस्ट्रेलियाई मीडिया के दिग्गज एलन जोन्स के खिलाफ चल रहे यौन उत्पीड़न के मामले में आखिरी समय पर देरी हुई है, जिससे सुनवाई की प्रक्रिया फिलहाल रुक गई है।
ऑस्ट्रेलियाई मीडिया जगत के सबसे प्रभावशाली चेहरों में से एक रहे एलन जोन्स के खिलाफ कानूनी कार्यवाही में एक बड़ा मोड़ आया है। सिडनी की एक अदालत में चल रहे उनके ट्रायल को एक अप्रत्याशित बाधा के कारण फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। जोन्स पर यौन उत्पीड़न और अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप हैं, जिन्होंने पिछले साल ऑस्ट्रेलिया के मीडिया और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया था।
सोमवार को जब यह मामला सुनवाई के लिए आया, तो बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष के बीच कानूनी बारीकियों को लेकर उत्पन्न हुए एक गतिरोध के कारण कार्यवाही को टालना पड़ा। अदालत ने इस देरी के पीछे के विशिष्ट कारणों का खुलासा नहीं किया है, लेकिन इसे एक महत्वपूर्ण 'कानूनी अड़चन' माना जा रहा है जो मामले की समयसीमा को प्रभावित कर सकती है। 83 वर्षीय जोन्स पर कई दशकों के दौरान आठ अलग-अलग पुरुषों के साथ यौन दुर्व्यवहार करने के 24 आरोप लगे हैं।
भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए यह खबर काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि एलन जोन्स दशकों तक सिडनी के रेडियो स्टेशन 2GB के माध्यम से ऑस्ट्रेलिया की सार्वजनिक राय को आकार देने वाले सबसे बड़े व्यक्तित्व रहे हैं। उनकी आवाज न केवल राजनीति को प्रभावित करती थी, बल्कि प्रवासी समुदायों, आव्रजन और सामाजिक नीतियों पर भी उनके विचारों का व्यापक प्रभाव पड़ता था। जोन्स को एक ऐसे व्यक्ति के रूप में देखा जाता था जो सरकारों को बनाने और गिराने की शक्ति रखते थे।
इस मामले की शुरुआत तब हुई जब पिछले साल कई पुरुषों ने आगे आकर जोन्स पर अपने करियर और प्रभाव का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। पुलिस की जांच के बाद उन पर औपचारिक रूप से आरोप तय किए गए। हालांकि, जोन्स ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है और वे खुद को निर्दोष बताते रहे हैं। उनके वकीलों का तर्क है कि ये आरोप निराधार हैं और उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।
ऑस्ट्रेलियाई कानून के तहत, यौन उत्पीड़न के मामलों में अदालती प्रक्रिया काफी लंबी और जटिल हो सकती है। इस देरी का मतलब है कि पीड़ितों और आरोपी दोनों को अब लंबे समय तक इंतजार करना होगा। सिडनी की अदालती रिपोर्टों के अनुसार, मामला अब अगले कुछ हफ्तों में फिर से सूचीबद्ध किया जा सकता है, जहां कानूनी पक्ष अपनी दलीलें पेश करेंगे।
यह मामला ऑस्ट्रेलिया में 'मी टू' (Me Too) आंदोलन और कार्यस्थल पर जवाबदेही की बढ़ती मांग को भी दर्शाता है। भारतीय समुदाय, जो ऑस्ट्रेलियाई समाज में एक सक्रिय और जागरूक भूमिका निभाता है, इस मामले को न्याय प्रणाली की निष्पक्षता और मीडिया जगत में नैतिकता के एक बड़े उदाहरण के रूप में देख रहा है। आईसीएल24 (ICN24) इस मामले के हर पहलू पर पैनी नजर बनाए हुए है और आगामी अदालती सुनवाइयों की जानकारी आप तक पहुंचाता रहेगा।
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