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यमन युद्ध की वापसी: सऊदी अरब ने हूती मिसाइलों को किया नाकाम, सना हवाई अड्डे पर हमलों के बाद बढ़ा तनाव
ICN24 Newsroom 14 जुल॰ 2026, 12:31 pm

सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच लंबे समय से चला आ रहा युद्धविराम समाप्त हो गया है। सऊदी सेना ने हूती मिसाइलों को मार गिराया है।
सऊदी अरब और यमन के हूती आंदोलन के बीच पिछले कई वर्षों से बना शांति का माहौल अब पूरी तरह से खत्म हो गया है। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने पुष्टि की है कि उसने किंगडम के दक्षिणी क्षेत्र की ओर दागी गई कई बैलिस्टिक मिसाइलों को सफलतापूर्वक हवा में ही नष्ट कर दिया है। यह हमला हूती विद्रोहियों द्वारा 2022 के संयुक्त राष्ट्र समर्थित युद्धविराम के आधिकारिक रूप से समाप्त होने की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद किया गया है।
इस तनाव की तात्कालिक वजह सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर किए गए हवाई हमले बताए जा रहे हैं, जिसमें हवाई अड्डे के रनवे को भारी नुकसान पहुँचा था। हूतियों ने इन हमलों का बदला लेने के लिए सऊदी अरब के नागरिक और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की चेतावनी दी थी। क्षेत्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि इस जवाबी कार्रवाई ने मध्य पूर्व में एक बार फिर युद्ध की लपटों को तेज कर दिया है, जिससे न केवल पड़ोसी देश बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला भी प्रभावित हो सकती है।
भारत और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के लिए यह घटनाक्रम अत्यंत चिंताजनक है। मध्य पूर्व में बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी रहते हैं, और युद्ध की स्थिति में वहां कार्यरत लाखों भारतीयों की सुरक्षा पर संकट आ सकता है। विशेष रूप से मेलबर्न और सिडनी में बसे भारतीय समुदाय के कई सदस्यों के रिश्तेदार सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों में कार्यरत हैं। संघर्ष का विस्तार न केवल प्रवासियों की सुरक्षा को खतरे में डालता है, बल्कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल की संभावना भी पैदा करता है, जिसका सीधा असर ऑस्ट्रेलिया और भारत की अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ सकता है।
2022 में हुआ युद्धविराम यमन में मानवीय सहायता पहुँचाने और शांति की संभावनाओं को तलाशने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम था। हालांकि, हूतियों का आरोप है कि गठबंधन सेना ने समझौते की शर्तों का उल्लंघन किया है। दूसरी ओर, सऊदी गठबंधन का कहना है कि वे केवल अपनी संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र के दूतों ने चेतावनी दी है कि यदि संघर्ष इसी तरह बढ़ता रहा, तो यमन में पहले से ही जारी मानवीय संकट और गहरा हो जाएगा। फिलहाल, सऊदी सेना अपनी सीमा पर कड़ी निगरानी रख रही है और किसी भी अन्य हवाई हमले का जवाब देने के लिए हाई अलर्ट पर है। इस नए संघर्ष ने न केवल क्षेत्रीय स्थिरता को हिला दिया है, बल्कि शांति के लिए किए गए वर्षों के प्रयासों पर भी पानी फेर दिया है।
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