ऑस्ट्रेलिया
वर्ल्ड कप: सॉकरूज़ की हार के बाद प्रशंसकों का हंगामा, ऑस्ट्रेलिया के कई शहरों में चले फ्लेयर्स
ICN24 Newsroom 20 जून 2026, 10:36 am

सॉकरूज़ और अमेरिका के बीच हुए वर्ल्ड कप मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया की हार के बाद प्रशंसकों ने लाइव स्क्रीनिंग स्थलों पर हंगामा किया और फ्लेयर्स जलाए।
ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख शहरों में फीफा वर्ल्ड कप के दौरान उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब सॉकरूज़ (Socceroos) और अमेरिका के बीच हुए रोमांचक मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को हार का सामना करना पड़ा। इस परिणाम से निराश सैकड़ों प्रशंसकों ने सार्वजनिक स्क्रीनिंग स्थलों पर जमकर हंगामा किया, सुरक्षा घेरे तोड़े और प्रतिबंधित फ्लेयर्स (मशालें) जलाए, जिससे वहां मौजूद अन्य दर्शकों और परिवारों में दहशत फैल गई।
सिडनी, मेलबर्न और ब्रिस्बेन जैसे शहरों में स्थित 'फेडरेशन स्क्वायर' और 'डार्लिंग हार्बर' जैसे लोकप्रिय स्थलों पर हजारों की संख्या में फुटबॉल प्रेमी मैच देखने के लिए जुटे थे। शुरुआती जोश और उत्साह तब गुस्से में बदल गया जब टीम की हार निश्चित हो गई। चश्मदीदों के अनुसार, जैसे ही मैच खत्म होने की सीटी बजी, भीड़ के एक हिस्से ने पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स को धक्का देकर गिरा दिया। नीले और लाल रंग के धुएं वाले फ्लेयर्स के कारण पूरे इलाके में दृश्यता कम हो गई और सांस लेना मुश्किल हो गया।
ऑस्ट्रेलियाई पुलिस ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि हालांकि खेल के प्रति जुनून का वे सम्मान करते हैं, लेकिन सार्वजनिक स्थलों पर फ्लेयर्स जलाना और संपत्ति को नुकसान पहुंचाना पूरी तरह से गैर-कानूनी है। कई स्थानों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए दंगारोधी पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। रिपोर्टों के अनुसार, कुछ प्रशंसकों को सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने और खतरनाक वस्तुओं के इस्तेमाल के आरोप में हिरासत में भी लिया गया है।
भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए भी यह घटना चिंता का विषय बनी हुई है। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाला भारतीय समुदाय फुटबॉल का बड़ा प्रशंसक रहा है और बड़ी संख्या में भारतीय परिवार इन लाइव स्क्रीनिंग का हिस्सा बनते हैं। मेलबर्न में रहने वाले एक भारतीय प्रवासी ने बताया कि वह अपने बच्चों के साथ मैच का आनंद लेने आए थे, लेकिन अचानक हुए हंगामे और धुएं के कारण उन्हें सुरक्षा के लिए वहां से भागना पड़ा। समुदाय के नेताओं ने अपील की है कि खेल का आनंद शालीनता से लिया जाना चाहिए और ऐसी घटनाओं से खेल की छवि खराब होती है।
ऑस्ट्रेलियाई फुटबॉल संघ ने भी इस व्यवहार पर निराशा व्यक्त की है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि मुट्ठी भर लोगों की इस हरकत ने उन लाखों प्रशंसकों की मेहनत पर पानी फेर दिया है जो शांतिपूर्वक अपनी टीम का समर्थन कर रहे थे। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य के मैचों के लिए अब सुरक्षा व्यवस्था और सख्त की जा सकती है, जिससे आम जनता के लिए खुले में मैच देखने का अनुभव प्रभावित हो सकता है। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज के जरिए उन लोगों की पहचान कर रही है जिन्होंने कानून का उल्लंघन किया है।
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