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अमेरिका: नागरिकता रद्द करने की बड़ी कार्रवाई, 17 प्रवासियों पर जानकारी छिपाने का आरोप

ICN24 Newsroom 9 जून 2026, 05:30 am
अमेरिका: नागरिकता रद्द करने की बड़ी कार्रवाई, 17 प्रवासियों पर जानकारी छिपाने का आरोप

अमेरिकी न्याय विभाग ने गंभीर अपराधों को छिपाने के आरोप में 17 प्राकृतिक नागरिकों की नागरिकता रद्द करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

वाशिंगटन: अमेरिकी न्याय विभाग (DoJ) ने एक कड़ा कदम उठाते हुए 17 प्राकृतिक रूप से नागरिकता प्राप्त अमेरिकियों की नागरिकता रद्द करने के लिए कानूनी कार्यवाही शुरू की है। इन व्यक्तियों पर आरोप है कि उन्होंने अपनी नागरिकता आवेदन प्रक्रिया के दौरान अपने पिछले आपराधिक रिकॉर्ड या मानवाधिकारों के उल्लंघन से जुड़ी जानकारी को जानबूझकर छिपाया था। यह कदम अमेरिका की 'डी-नेचुरलाइजेशन' नीति के तहत उठाया गया है, जो उन लोगों को लक्षित करती है जिन्होंने धोखाधड़ी के माध्यम से अमेरिकी पासपोर्ट हासिल किया है। संघीय अभियोजकों के अनुसार, इन मामलों में वे व्यक्ति शामिल हैं जिन्होंने नागरिकता के लिए साक्षात्कार देते समय या फॉर्म भरते समय गंभीर अपराधों, जैसे यौन शोषण, युद्ध अपराध या मादक पदार्थों की तस्करी के बारे में झूठ बोला था। अमेरिकी कानून के तहत, यदि यह साबित हो जाता है कि किसी व्यक्ति ने नागरिकता प्राप्त करने के लिए भौतिक तथ्यों को छिपाया है या गलत बयानी की है, तो उनकी नागरिकता कानूनी रूप से अमान्य घोषित की जा सकती है। यह घटनाक्रम ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय और अन्य प्रवासियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण चेतावनी है। हालांकि यह मामला अमेरिका का है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में भी नागरिकता और वीजा आवेदनों में 'चरित्र संबंधी आवश्यकताओं' (Character Requirements) और पारदर्शी घोषणाओं पर अत्यधिक जोर दिया जाता है। ऑस्ट्रेलिया का गृह विभाग भी गलत जानकारी देने पर नागरिकता रद्द करने या वीजा रद्द करने के सख्त अधिकार रखता है। यह खबर भारतीय प्रवासियों को यह याद दिलाती है कि आव्रजन दस्तावेजों में पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता बरतना अनिवार्य है। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका की यह कार्रवाई आने वाले समय में और भी सख्त हो सकती है। न्याय विभाग का 'डी-नेचुरलाइजेशन सेक्शन' उन पुराने मामलों की भी जांच कर रहा है जहाँ दशकों पहले नागरिकता दी गई थी। यदि अदालत इन 17 व्यक्तियों के खिलाफ फैसला सुनाती है, तो वे न केवल अपनी नागरिकता खो देंगे, बल्कि उन्हें उनके मूल देशों में वापस भेजे जाने (डिपोर्टेशन) का भी सामना करना पड़ सकता है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई कानून का पालन करने वाले आम प्रवासियों के खिलाफ नहीं है, बल्कि उन लोगों के लिए है जिन्होंने व्यवस्था के साथ धोखाधड़ी की है। अमेरिकी न्याय विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि नागरिकता एक विशेषाधिकार है जिसे धोखे से प्राप्त करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। इस कार्रवाई से यह संदेश स्पष्ट है कि आव्रजन प्रणाली की अखंडता बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है।
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