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2026 विश्व कप: भारतीय कोच रंजीत बजाज ने अमेरिका की आव्रजन नीतियों पर उठाए सवाल, फीफा पर लगाया दोहरा मापदंड
ICN24 Newsroom 11 जून 2026, 04:00 am
भारतीय फुटबॉल जगत की प्रमुख हस्ती रंजीत बजाज ने 2026 विश्व कप से पहले अमेरिका की वीजा नीतियों की आलोचना करते हुए फीफा पर पक्षपात का आरोप लगाया है।
भारतीय फुटबॉल जगत के जाने-माने नाम और मिनर्वा पंजाब एफसी के पूर्व मालिक रंजीत बजाज ने आगामी 2026 फीफा विश्व कप की मेजबानी को लेकर संयुक्त राज्य अमेरिका और फुटबॉल की वैश्विक संस्था फीफा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बजाज का कहना है कि अमेरिका द्वारा कुछ देशों के अधिकारियों और खिलाड़ियों पर लगाए जा रहे प्रवेश प्रतिबंध न केवल खेल की भावना के विपरीत हैं, बल्कि यह टूर्नामेंट की अखंडता को भी गंभीर रूप से प्रभावित कर रहे हैं।
बजाज ने आरटी इंडिया के साथ एक साक्षात्कार में कहा कि विश्व कप जैसे वैश्विक आयोजन के लिए खिलाड़ियों और टीम अधिकारियों के साथ किया जा रहा व्यवहार 'अपमानजनक' है। उन्होंने तर्क दिया कि खेल जगत में राजनीति और आव्रजन नीतियों का दखल नहीं होना चाहिए, विशेषकर तब जब बात दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजन की हो। उनके अनुसार, जिस तरह से टीमों और अधिकारियों को वीजा प्रक्रियाओं में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, वह नस्लवाद के समान है और इससे टूर्नामेंट की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।
भारतीय कोच ने विशेष रूप से फीफा की भूमिका की आलोचना करते हुए कहा कि फुटबॉल की यह सर्वोच्च संस्था 'दोहरे मापदंड' अपना रही है। उन्होंने कहा कि फीफा अक्सर राजनीति को खेल से अलग रखने की बात करता है, लेकिन जब अमेरिका जैसे शक्तिशाली देश अपनी नीतियों के माध्यम से टूर्नामेंट को प्रभावित करते हैं, तो फीफा चुप्पी साध लेता है। यह स्थिति उन एशियाई और अफ्रीकी देशों के लिए अधिक चिंताजनक है जिन्हें अक्सर पश्चिमी देशों में वीजा संबंधी बाधाओं का सामना करना पड़ता है।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए यह मुद्दा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि खेल कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय यात्रा उनके जीवन का एक अभिन्न हिस्सा है। ऑस्ट्रेलिया जैसे बहुसांस्कृतिक देशों में फुटबॉल प्रेमियों की एक बड़ी संख्या है, जो चाहते हैं कि खेल बिना किसी भेदभाव के आयोजित हो। बजाज की टिप्पणियां उन चुनौतियों को रेखांकित करती हैं जो भविष्य में अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के दौरान भारतीय और अन्य विकासशील देशों के खिलाड़ियों को आ सकती हैं।
गौरतलब है कि 2026 का फीफा विश्व कप अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जाना है। रंजीत बजाज का मानना है कि यदि फीफा ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया और सभी भाग लेने वाले देशों के लिए सुगम प्रवेश सुनिश्चित नहीं किया, तो यह आयोजन अपनी साख खो सकता है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय खेल बिरादरी से इस भेदभावपूर्ण रवैये के खिलाफ एकजुट होने की अपील की है।
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