राजनीति
कोविड की उत्पत्ति और वुहान लैब को NIH फंडिंग पर अमेरिकी संसद में गरमाई बहस, डॉ. फाउची पर लगे गंभीर आरोप
ICN24 Newsroom 1 जुल॰ 2026, 07:11 am

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की सुनवाई में कोविड-19 की उत्पत्ति और वुहान लैब की फंडिंग को लेकर नए दावे किए गए हैं, जिससे वैश्विक स्वास्थ्य नीति पर सवाल उठ रहे हैं।
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (House of Representatives) की एक ताजा सुनवाई में कोविड-19 की उत्पत्ति और सरकारी पारदर्शिता को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि यह सुनवाई मुख्य रूप से सीआईए (CIA) के विवादास्पद 'MKUltra' कार्यक्रम की समीक्षा के लिए बुलाई गई थी, लेकिन जल्द ही चर्चा का रुख महामारी के दौरान नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) की भूमिका और वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी को दी गई फंडिंग की ओर मुड़ गया।
संसदीय समिति के सदस्यों ने तर्क दिया कि अमेरिकी नागरिक और वैश्विक समुदाय संघीय एजेंसियों से जवाबदेही की मांग करते हैं। सुनवाई के दौरान सांसदों ने विस्फोटक दावे किए कि महामारी की शुरुआत से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी को दबाया गया था। विशेष रूप से, अमेरिका के पूर्व शीर्ष स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एंथनी फाउची की भूमिका एक बार फिर जांच के दायरे में आ गई है। उन पर आरोप लगाए गए कि उन्होंने वुहान लैब से जुड़ी शोध गतिविधियों और वैक्सीन संबंधी रहस्यों को छिपाने का प्रयास किया था।
ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए यह घटनाक्रम काफी महत्वपूर्ण है। ऑस्ट्रेलिया की स्वास्थ्य प्रणाली में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के पेशेवर कार्यरत हैं, और महामारी के दौरान भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों देशों ने इसके विनाशकारी प्रभावों को झेला है। वैश्विक स्वास्थ्य संस्थानों की पारदर्शिता में किसी भी प्रकार की कमी का सीधा असर भविष्य की महामारियों से निपटने की रणनीतियों पर पड़ता है।
समिति के सदस्यों ने सवाल उठाया कि क्या करदाताओं का पैसा ऐसी प्रयोगशालाओं में भेजा गया था जहाँ खतरनाक वायरस पर शोध किया जा रहा था। सांसदों ने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक बहस नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक विश्वास का मुद्दा है। बहस के दौरान यह भी कहा गया कि वर्गीकृत सरकारी कार्यक्रमों और विदेशी लैब के साथ अमेरिकी शोध संस्थाओं के संबंधों को पूरी तरह से सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
फिलहाल, वाशिंगटन में कोविड-19 की उत्पत्ति और संघीय अनुसंधान निधि पर जांच जारी है। यह सुनवाई उस समय हुई है जब दुनिया भर में स्वास्थ्य नीतियों और पारदर्शिता को लेकर नए मानक तय किए जा रहे हैं। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय, जिसने महामारी के दौरान अपनों को खोया है, इस तरह की जांच के परिणामों पर बारीकी से नजर रख रहा है क्योंकि यह न केवल अतीत की जवाबदेही तय करेगा बल्कि भविष्य की वैश्विक सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण होगा।
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