राजनीति
टीएमसी की बड़ी कार्रवाई: अभिषेक बनर्जी ने 20 बागी सांसदों की अयोग्यता के लिए स्पीकर को सौंपी याचिकाएं
ICN24 Newsroom 20 जून 2026, 08:08 am
तृणमूल कांग्रेस ने पार्टी के 20 बागी सांसदों के खिलाफ अयोग्यता याचिकाएं दायर की हैं, जिससे पश्चिम बंगाल और राष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार को पार्टी के भीतर बढ़ते आंतरिक विवादों और अनुशासनहीनता के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाया है। बनर्जी ने नई दिल्ली में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की और पार्टी के 20 बागी सांसदों के खिलाफ औपचारिक रूप से अयोग्यता याचिकाएं दायर कीं। यह कदम भारतीय राजनीति के बदलते घटनाक्रमों के बीच टीएमसी नेतृत्व के सख्त रुख को दर्शाता है।
इस महत्वपूर्ण बैठक में अभिषेक बनर्जी के साथ टीएमसी के वरिष्ठ नेताओं का एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद था, जिसमें सौगत रॉय, कल्याण बनर्जी, महुआ मोइत्रा और राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ'ब्रायन शामिल थे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इन याचिकाओं का आधार उन सांसदों की गतिविधियां हैं जो कथित तौर पर पार्टी लाइन से हटकर काम कर रहे थे या जिन्होंने पिछले कुछ समय में विपक्षी दलों के साथ निकटता दिखाई है।
लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि पार्टी संविधान और लोकतांत्रिक मर्यादाओं की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दल-बदल विरोधी कानून (एन्टी-डिफेक्शन लॉ) के तहत यह आवश्यक है कि जो प्रतिनिधि जनता का विश्वास एक विशेष विचारधारा के तहत जीतते हैं, वे उसी के प्रति जवाबदेह रहें। दसवीं अनुसूची के प्रावधानों का हवाला देते हुए टीएमसी ने मांग की है कि इन सदस्यों की सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द की जानी चाहिए।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय प्रवासियों, विशेष रूप से बंगाल मूल के समुदाय के लिए, यह राजनीतिक हलचल काफी मायने रखती है। ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच बढ़ते व्यापारिक और कूटनीतिक रिश्तों के बीच, भारत की आंतरिक राजनीतिक स्थिरता निवेशकों और प्रवासी भारतीयों के लिए एक प्रमुख चिंता रहती है। मेलबर्न और सिडनी जैसे शहरों में सक्रिय भारतीय समुदाय अक्सर भारत के संसदीय लोकतंत्र की कार्यप्रणाली और राजनीतिक शुचिता पर चर्चा करता है, जिसके मद्देनजर टीएमसी का यह फैसला महत्वपूर्ण हो जाता है।
अब सबकी निगाहें लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पर टिकी हैं, जिनके पास इन अयोग्यता याचिकाओं पर निर्णय लेने का अंतिम संवैधानिक अधिकार है। हालांकि ऐसी कानूनी प्रक्रियाएं अक्सर लंबी चलती हैं, लेकिन टीएमसी की इस त्वरित कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी नेतृत्व अब किसी भी प्रकार के विद्रोह को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इन बागी सांसदों का राजनीतिक भविष्य क्या रुख अपनाता है।
संबंधित ख़बरें

राजनीति
इंडो-पैसिफिक से 'पैसिफिक' की ओर: क्या भारत को अब रणनीतिक एकांत के लिए तैयार रहना चाहिए?
अमेरिका द्वारा 'इंडो-पैसिफिक' दृष्टि से पीछे हटने और 'पैसिफिक' पर ध्यान केंद्रित करने के संकेतों के बीच, भारत के लिए रणनीतिक स्वायत्तता की चुनौती बढ़ गई है।
21 जून 2026, 12:11 am
राजनीति
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस: कोलकाता में पीएम मोदी करेंगे योग, 'स्वस्थ उम्र' के संदेश के साथ दुनिया भर में आयोजन
12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर पीएम मोदी कोलकाता में 35,000 लोगों के साथ योग करेंगे। इस साल की थीम 'स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग' है, जिसका असर ऑस्ट्रेलिया समेत दुनिया भर में दिखेगा।
20 जून 2026, 11:41 pm
राजनीति
दिल्ली: योगा एक्सप्रेस में सीट को लेकर विवाद, शाहदरा स्टेशन पर यात्री की पीट-पीटकर हत्या
दिल्ली के शाहदरा रेलवे स्टेशन पर सीट को लेकर हुए झगड़े में 32 वर्षीय पंकज धामा की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने मामले में 8 लोगों को हिरासत में लिया है।
20 जून 2026, 10:56 pm

