ऑस्ट्रेलिया
ऑस्ट्रेलिया में बफ़ेलो मोज़ेरेला का बढ़ता चलन: पारंपरिक भैंस के दूध से बना पनीर बना खास
ICN24 Newsroom 20 जून 2026, 12:51 pm

ऑस्ट्रेलियाई डेयरी उद्योग में अब पारंपरिक भैंस के दूध से बने मोज़ेरेला पनीर की मांग बढ़ रही है, जो भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए एक परिचित स्वाद लेकर आया है।
मोज़ेरेला पनीर, जो आज दुनिया भर में पिज्जा, पास्ता और सलाद की जान माना जाता है, उसकी असली पहचान और स्वाद की जड़ें 'वॉटर बफ़ेलो' यानी जल भैंस के दूध में छिपी हैं। ऑस्ट्रेलिया में लंबे समय तक गाय के दूध से बने मोज़ेरेला का वर्चस्व रहा है, लेकिन अब यहाँ के डेयरी उद्योग में एक बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। स्थानीय किसान और पनीर निर्माता अब पारंपरिक इतालवी पद्धति को अपनाते हुए भैंस के दूध से प्रामाणिक 'मोज़ेरेला दी बुफ़ाला' (Mozzarella di Bufala) तैयार कर रहे हैं।
ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया और न्यू साउथ वेल्स जैसे राज्यों में भैंस पालन और उससे जुड़े डेयरी उत्पादों का चलन तेजी से बढ़ रहा है। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए यह खबर विशेष रुचि वाली है, क्योंकि भारत दुनिया में भैंस के दूध का सबसे बड़ा उत्पादक है। जहाँ ऑस्ट्रेलिया में पारंपरिक रूप से गाय के दूध (A1 और A2) को प्राथमिकता दी जाती रही है, वहीं अब भैंस के दूध की मलाईदार बनावट और उच्च वसा सामग्री (Fat content) को इसके प्रीमियम स्वाद के लिए सराहा जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भैंस का दूध गाय के दूध की तुलना में अधिक गाढ़ा होता है और इसमें कैल्शियम और प्रोटीन की मात्रा भी अधिक होती है। यही कारण है कि इससे बना मोज़ेरेला अधिक नरम, सफेद और स्वाद में समृद्ध होता है। ऑस्ट्रेलियाई किसानों के लिए यह सफर चुनौतीपूर्ण रहा है, क्योंकि भैंसों का स्वभाव गायों से काफी अलग होता है और उन्हें पालने के लिए विशेष वातावरण और प्रबंधन की आवश्यकता होती है। इसके बावजूद, उच्च गुणवत्ता वाले 'आर्टिसनल' (Artisanal) उत्पादों की मांग ने इस उद्योग को नई ऊर्जा दी है।
मेलबर्न और सिडनी के शीर्ष रेस्टोरेंट्स में अब स्थानीय स्तर पर उत्पादित बफ़ेलो मोज़ेरेला की मांग बढ़ रही है। शेफ का कहना है कि ग्राहक अब केवल पनीर नहीं, बल्कि उसके पीछे की कहानी और उसकी शुद्धता को महत्व दे रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया में इस उद्योग के विस्तार से न केवल खाद्य संस्कृति समृद्ध हो रही है, बल्कि यह उन प्रवासियों के लिए भी एक सुखद अनुभव है जो अपने देश में भैंस के दूध के उत्पादों के साथ पले-बढ़े हैं।
निष्कर्ष के तौर पर, ऑस्ट्रेलिया का डेयरी क्षेत्र अब विविधता की ओर बढ़ रहा है। भैंस के मोज़ेरेला का पुनरुद्धार इस बात का प्रमाण है कि उपभोक्ता अब गुणवत्ता और परंपरा को आधुनिक बाजार में सबसे ऊपर रख रहे हैं। यह रुझान आने वाले समय में ऑस्ट्रेलिया के कृषि निर्यात और स्थानीय व्यंजनों में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
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