लाइव
राजनीति
राजनीति

महाभारत का प्रभाव: गजेंद्र चौहान ने साझा किए 'युधिष्ठिर' बनने के बाद के अनसुने किस्से

ICN24 Newsroom 9 जून 2026, 04:30 pm
महाभारत का प्रभाव: गजेंद्र चौहान ने साझा किए 'युधिष्ठिर' बनने के बाद के अनसुने किस्से

बीआर चोपड़ा की 'महाभारत' में युधिष्ठिर का किरदार निभाने वाले गजेंद्र चौहान ने बताया कि कैसे इस शो ने उनकी पहचान बदल दी और उन्हें राष्ट्रपति भवन तक पहुँचाया।

भारतीय टेलीविजन के इतिहास में बीआर चोपड़ा की 'महाभारत' एक ऐसा अध्याय है जिसने न केवल मनोरंजन के मानक बदले, बल्कि इसमें काम करने वाले कलाकारों के जीवन को भी एक नई दिशा दी। इस धारावाहिक में 'धर्मराज युधिष्ठिर' की भूमिका निभाने वाले अभिनेता गजेंद्र चौहान ने हाल ही में उन पलों को याद किया जब इस शो की सफलता ने उन्हें रातों-रात एक वैश्विक पहचान दिला दी थी। गजेंद्र चौहान बताते हैं कि शो के प्रसारण के दौरान और उसके बाद स्थिति यह थी कि लोग उन्हें उनके असली नाम से भूल गए थे। जहाँ भी वे जाते, लोग उन्हें 'धर्मराज' कहकर संबोधित करते थे। यह प्रभाव केवल आम जनता तक सीमित नहीं था; भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति ने भी उन्हें ससम्मान अपने निवास पर आमंत्रित किया था। चौहान के अनुसार, राष्ट्रपति भवन से न्योता मिलना उनके करियर का सबसे गौरवशाली क्षण था, जहाँ उन्हें एक अभिनेता के बजाय उस महान चरित्र के प्रतीक के रूप में देखा गया। एक दिलचस्प किस्से को साझा करते हुए चौहान ने बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर अक्सर बुजुर्ग लोग उनके पैर छूने की कोशिश करते थे। यह भारतीय समाज में उस समय 'महाभारत' के प्रति गहरी आस्था का प्रतीक था। अभिनेता के लिए यह स्थिति अक्सर असहज कर देने वाली होती थी क्योंकि वे खुद को केवल एक कलाकार मानते थे, लेकिन दर्शकों के लिए वे साक्षात धर्मराज के अवतार बन चुके थे। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए भी 'महाभारत' केवल एक टीवी शो नहीं, बल्कि अपनी जड़ों से जुड़ने का एक माध्यम रहा है। सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में रहने वाली पुरानी पीढ़ी आज भी उन दिनों को याद करती है जब रविवार की सुबह सड़कें सूनी हो जाती थीं। गजेंद्र चौहान जैसे कलाकारों का संघर्ष और उनकी सफलता की कहानियां प्रवासी भारतीयों को अपनी सांस्कृतिक विरासत की गहराई का अहसास कराती हैं। गजेंद्र चौहान का कहना है कि 'महाभारत' ने उन्हें जीवन जीने का नजरिया दिया। युधिष्ठिर के संयम और धर्म के मार्ग पर चलने की सीख ने उनके व्यक्तिगत व्यक्तित्व को भी प्रभावित किया। आज दशकों बाद भी जब सोशल मीडिया और ओटीटी का दौर है, 'महाभारत' के कलाकारों के प्रति सम्मान कम नहीं हुआ है। यह इस बात का प्रमाण है कि यदि विषय वस्तु में दम हो और अभिनय में ईमानदारी, तो वह कला समय की सीमाओं को लांघ जाती है।
शेयर:

संबंधित ख़बरें

बोचहाँ की तीन पंचायतों में सहयोग शिविर: 267 शिकायतों का पंजीकरण और मौके पर समाधान
राजनीति

बोचहाँ की तीन पंचायतों में सहयोग शिविर: 267 शिकायतों का पंजीकरण और मौके पर समाधान

मुजफ्फरपुर के बोचहाँ में मुख्यमंत्री सात निश्चय-3 के तहत आयोजित शिविरों में 267 आवेदन प्राप्त हुए, जिनका त्वरित निस्तारण किया गया।

6 अग॰ 2026, 05:37 am
ईरान युद्ध की आंच में खाली हुआ अमेरिका का मिसाइल भंडार; रिपोर्ट में भारी कमी का दावा
राजनीति

ईरान युद्ध की आंच में खाली हुआ अमेरिका का मिसाइल भंडार; रिपोर्ट में भारी कमी का दावा

मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के कारण अमेरिका का मिसाइल भंडार गंभीर स्तर तक कम हो गया है। ATACMS और टोमाहॉक जैसी महत्वपूर्ण मिसाइलों की आपूर्ति में भारी गिरावट आई है।

6 अग॰ 2026, 04:37 am
CCTV की निगरानी में हो वार्ता: झारखंड के छात्रों की हेमंत सरकार को कड़ी चेतावनी, वार्ता पर फैसला कल
राजनीति

CCTV की निगरानी में हो वार्ता: झारखंड के छात्रों की हेमंत सरकार को कड़ी चेतावनी, वार्ता पर फैसला कल

झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में धांधली को लेकर आंदोलनरत छात्रों ने सरकार के वार्ता प्रस्ताव पर सशर्त सहमति की बात कही है।

6 अग॰ 2026, 03:37 am