राजनीति
बोचहाँ की तीन पंचायतों में सहयोग शिविर: 267 शिकायतों का पंजीकरण और मौके पर समाधान
ICN24 Newsroom 6 अग॰ 2026, 05:37 am
मुजफ्फरपुर के बोचहाँ में मुख्यमंत्री सात निश्चय-3 के तहत आयोजित शिविरों में 267 आवेदन प्राप्त हुए, जिनका त्वरित निस्तारण किया गया।
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के बोचहाँ प्रखंड में प्रशासनिक सक्रियता और जनसेवा का एक महत्वपूर्ण उदाहरण सामने आया है। मुख्यमंत्री सात निश्चय-3 योजना के तहत प्रखंड की तीन प्रमुख पंचायतों—लोहसरी, देवगण और भुताने में 'सहयोग शिविर' का आयोजन किया गया। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं को सीधे जनता के द्वार तक पहुँचाना और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना था। इस पहल के दौरान कुल 267 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से कई का मौके पर ही निष्पादन कर दिया गया।
शिविर का औपचारिक उद्घाटन स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर बोचहाँ की विधायक बेबी कुमारी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि इस तरह के आयोजनों से सरकारी तंत्र और आम जनता के बीच की दूरी कम होती है। विधायक ने जोर दिया कि सरकार की मंशा हर पात्र व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुँचाना है। शिविर में सीओ श्रीमती नुपुर, दिनेश सहनी और मुखिया फूल कुमारी देवी सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे।
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, देवगण पंचायत में आयोजित शिविर में कुल 95 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 37 मामलों का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया। इसी तरह, भुताने पंचायत में 102 और लोहसरी पंचायत में 70 आवेदन विभिन्न सरकारी सेवाओं और शिकायतों से संबंधित दर्ज किए गए। अधिकारियों ने शेष आवेदनों को संबंधित विभागों को भेजते हुए निर्देश दिया कि इनका निष्पादन समयबद्ध तरीके से किया जाए ताकि ग्रामीणों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।
जनहित के कार्यों को गति देते हुए भुताने पंचायत की मुखिया फूल कुमारी देवी ने कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत 10 लाभार्थियों को तीन-तीन हजार रुपये की सहायता राशि के चेक प्रदान किए। इसके अलावा, 37 ग्रामीणों के बीच जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र का वितरण किया गया, जो लंबे समय से लंबित थे। इस त्वरित सेवा से स्थानीय निवासियों में संतोष देखा गया। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले प्रवासी भारतीय समुदाय, जो अक्सर अपने गृह राज्यों के विकास कार्यों में रुचि रखते हैं, के लिए यह खबर बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में होते प्रशासनिक सुधारों का संकेत देती है।
कार्यक्रम में प्रखंड कल्याण पदाधिकारी स्वराज चौहान, प्रखंड कृषि पदाधिकारी धर्मेंद्र कुमार और अन्य विभागों के कर्मियों ने भी भाग लिया। इन अधिकारियों ने किसानों और ग्रामीणों को कृषि ऋण, पेंशन योजनाओं और अन्य जनकल्याणकारी नीतियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। शिविर के सफल आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि प्रशासन और जनप्रतिनिधि मिलकर प्रयास करें, तो जमीनी स्तर पर समस्याओं का समाधान आसान हो जाता है।
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