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तेलंगाना: मतदाता सूची के विशेष संशोधन में कट सकते हैं 30 लाख नाम, प्रवासियों पर होगा बड़ा असर
ICN24 Newsroom 5 जून 2026, 02:30 pm

तेलंगाना में 25 जून से शुरू होने वाले विशेष गहन संशोधन के दौरान लगभग 30 लाख मतदाताओं के नाम चुनावी सूची से हटाए जा सकते हैं। प्रवासियों और दोहरी प्रविष्टियों पर मुख्य फोकस है।
हैदराबाद: तेलंगाना में चुनावी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राज्य में 25 जून से शुरू होने वाले 'विशेष गहन संशोधन' (SIR) के दौरान लगभग 30 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा सकते हैं। यह संख्या तेलंगाना के कुल मतदाता आधार का लगभग नौ प्रतिशत है। चुनाव अधिकारियों के अनुसार, इस छंटनी का मुख्य आधार वर्तमान में चल रही 'वोटर मैपिंग' और दोहरी प्रविष्टियों (डुप्लीकेट रजिस्ट्रेशन) की पहचान करना है।
अब तक के आंकड़ों के अनुसार, निर्वाचन आयोग ने राज्य के 3.4 करोड़ मतदाताओं में से लगभग 68.72 प्रतिशत की मैपिंग पूरी कर ली है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी सी. सुदर्शन रेड्डी ने इस प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का मानना है कि जो लोग मैपिंग प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाए हैं, उनकी पहचान घर-घर जाकर की जाएगी। इस अभियान का सबसे अधिक प्रभाव हैदराबाद और संगारेड्डी जैसे शहरी क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है, जहाँ प्रवासी आबादी अधिक है।
प्रवासन और दोहरी प्रविष्टियों का मुद्दा इस संशोधन के केंद्र में है। हैदराबाद में अब तक केवल 44.87 प्रतिशत और संगारेड्डी में 56 प्रतिशत मैपिंग हुई है। चुनाव अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिहार, गुजरात, राजस्थान और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों से आए कई प्रवासी श्रमिक तेलंगाना में पंजीकृत हैं, लेकिन साथ ही उनका नाम उनके गृह राज्यों की सूची में भी है। इस बार की समीक्षा में ऐसी सभी दोहरी प्रविष्टियों को हटा दिया जाएगा ताकि चुनावी आंकड़ों की शुद्धता सुनिश्चित की जा सके।
इसके विपरीत, तेलंगाना के ग्रामीण जिलों जैसे जनगाँव और महबूबाबाद में मैपिंग की दर 93 प्रतिशत से अधिक रही है। यह दर्शाता है कि जहाँ प्रवासन कम है, वहाँ चुनावी डेटा अधिक स्थिर है। अनिवासी भारतीयों (NRIs) और ऑस्ट्रेलियाई-भारतीय समुदाय के लिए भी यह खबर महत्वपूर्ण है, क्योंकि कई लोग अपने गृह राज्यों में मतदाता सूची में बने रहना चाहते हैं। नियमों के अनुसार, एक नागरिक केवल एक ही स्थान पर मतदाता के रूप में पंजीकृत हो सकता है।
संशोधन का पूरा कार्यक्रम इस प्रकार होगा: 15 से 24 जून तक प्रारंभिक तैयारी और प्रशिक्षण चलेगा। इसके बाद, 25 जून से 24 जुलाई तक बूथ स्तर के अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। 31 जुलाई को मतदाता सूची का मसौदा (Draft Roll) प्रकाशित किया जाएगा, जिस पर 30 अगस्त तक दावे और आपत्तियाँ दर्ज की जा सकेंगी। सभी सुनवाई पूरी करने के बाद, 1 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। तेलंगाना चुनाव आयोग ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस प्रक्रिया में सहयोग करें ताकि एक पारदर्शी मतदाता सूची तैयार की जा सके।
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