राजनीति
तेजस्वी यादव के राजभवन मार्च में 'AK-47' के कटआउट ने मचाया बवाल, कानून व्यवस्था और बेरोजगारी पर बिहार में सियासी संग्राम
ICN24 Newsroom 19 अग॰ 2026, 06:37 pm

बिहार में बेरोजगारी और सिवान फायरिंग के विरोध में तेजस्वी यादव ने राजभवन मार्च निकाला, जहां राजद कार्यकर्ताओं द्वारा AK-47 के कटआउट ले जाने पर विवाद खड़ा हो गया।
बिहार की राजधानी पटना की सड़कों पर आज एक बार फिर राजनीतिक पारा चढ़ गया। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने छात्रों की समस्याओं, बढ़ती बेरोजगारी और सिवान में हाल ही में हुई AK-47 फायरिंग की घटना के विरोध में 'राजभवन मार्च' का आह्वान किया। इस विरोध प्रदर्शन ने उस समय नाटकीय मोड़ ले लिया जब राजद कार्यकर्ता अपने हाथों में AK-47 राइफल के बड़े-बड़े कटआउट लेकर प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। इसे सिवान की घटना के प्रति एक सांकेतिक विरोध बताया गया, लेकिन इसने सुरक्षा बलों और प्रशासन के बीच हड़कंप मचा दिया।
राजभवन की ओर बढ़ रहे इस मार्च को रोकने के लिए बिहार पुलिस ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे। डाक बंगला चौराहे और जेपी गोलंबर के पास भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की गई। जब राजद कार्यकर्ताओं ने इन अवरोधकों को पार करने की कोशिश की, तो पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। तेजस्वी यादव ने इस दौरान राज्य की नीतीश सरकार पर जमकर निशाना साधा और आरोप लगाया कि बिहार में 'डबल इंजन' की सरकार में अपराध और बेरोजगारी चरम पर पहुंच गई है।
तेजस्वी यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि बिहार में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। उन्होंने सिवान में हुई AK-47 फायरिंग का हवाला देते हुए पूछा कि आम जनता अब कहां सुरक्षित है। राजद का तर्क है कि राज्य में युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है और प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली ने छात्रों का भविष्य अंधकार में डाल दिया है। कार्यकर्ताओं द्वारा ले जाए गए AK-47 के कटआउट को उन्होंने राज्य में बढ़ते अपराध का प्रतीक बताया। हालांकि, सत्ताधारी दल के नेताओं ने इसे 'डर और हिंसा की राजनीति' करार दिया है।
ऑस्ट्रेलिया में बसे प्रवासी भारतीय समुदाय, विशेष रूप से बिहार और उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले लोगों के लिए यह खबर काफी महत्वपूर्ण है। सिडनी, मेलबर्न और ब्रिस्बेन जैसे शहरों में रहने वाले बिहारी प्रवासी अक्सर अपने गृह राज्य की सुरक्षा और शासन व्यवस्था को लेकर चिंतित रहते हैं। ऑस्ट्रेलिया में 'बिहार फाउंडेशन' जैसे समूहों के माध्यम से सक्रिय यह समुदाय बिहार में निवेश और विकास की संभावनाओं पर नजर रखता है। राज्य में अपराध की ऐसी खबरें उनके लिए चिंता का विषय बनती हैं, क्योंकि इसका सीधा असर वहां रह रहे उनके परिवारों और उनकी पैतृक संपत्तियों की सुरक्षा पर पड़ता है।
इस मार्च के माध्यम से तेजस्वी यादव ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए भी अपनी जमीन तैयार करने की कोशिश की है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बेरोजगारी और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों को उठाकर राजद युवाओं और मध्यम वर्ग को अपने पाले में करने की रणनीति पर काम कर रही है। समाचार लिखे जाने तक, पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है और राजभवन के आसपास सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है।
संबंधित ख़बरें

राजनीति
मोदी चाहते हैं कि तारिक रहमान की भारत यात्रा 'यादगार' रहे: भारतीय उच्चायुक्त
भारतीय उच्चायुक्त ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बांग्लादेशी नेता तारिक रहमान की आगामी भारत यात्रा को ऐतिहासिक और यादगार बनाने के इच्छुक हैं।
19 अग॰ 2026, 10:37 pm
राजनीति
हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला: अब बेटियों के बच्चों को भी मिलेगा स्टैम्प ड्यूटी में छूट का लाभ, 12 साल का संशय खत्म
हरियाणा सरकार ने स्पष्ट किया है कि रक्त संबंधों में संपत्ति हस्तांतरण पर स्टैम्प ड्यूटी की छूट अब बेटियों के बच्चों पर भी समान रूप से लागू होगी।
19 अग॰ 2026, 09:37 pm

राजनीति
महाराष्ट्र: मुख्यमंत्री की शक्तियों में बड़ा इजाफा, अब मंत्रियों के फैसलों को बदल सकेंगे देवेंद्र फडणवीस
महाराष्ट्र सरकार ने कार्य संचालन नियमों में बदलाव कर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को मंत्रियों के फैसलों को बदलने या रद्द करने का विशेष अधिकार दिया है।
19 अग॰ 2026, 08:37 pm
