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कर्मचारियों की निगरानी करेगा टोरंटो-डोमिनियन बैंक: उत्पादकता बढ़ाने के लिए सॉफ्टवेयर का उपयोग करेगा टीडी
ICN24 Newsroom 20 जून 2026, 09:53 am

कनाडा के टीडी बैंक ने वित्तीय अपराध और जोखिम प्रबंधन टीम के कर्मचारियों की निगरानी के लिए नया सॉफ्टवेयर पेश किया है, जिससे गोपनीयता और सहमति पर बहस छिड़ गई है।
कनाडा के प्रमुख ऋणदाता टोरंटो-डोमिनियन (TD) बैंक ने अपने कर्मचारियों को सूचित किया है कि वह उनके काम और उत्पादकता को ट्रैक करने के लिए विशेष सॉफ्टवेयर का उपयोग शुरू करेगा। रॉयटर्स द्वारा समीक्षा की गई एक टीम कॉल की रिकॉर्डिंग और आंतरिक दस्तावेजों के अनुसार, यह कदम बैंक की वित्तीय अपराध और जोखिम प्रबंधन टीम के कुछ सदस्यों को प्रभावित करेगा। बैंक का तर्क है कि इस पहल का उद्देश्य कार्यक्षमता और उत्पादकता में सुधार करना है, लेकिन इस निर्णय ने कार्यस्थल में गोपनीयता और कर्मचारी सहमति को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बैंक प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि यह निगरानी सॉफ्टवेयर कर्मचारियों द्वारा किए जाने वाले कार्यों के विवरण और उनके द्वारा कार्य पूरा करने में लगने वाले समय को ट्रैक करेगा। हालांकि, कई कर्मचारियों और गोपनीयता विशेषज्ञों ने इस कदम पर चिंता व्यक्त की है। उनका मानना है कि इस तरह की निरंतर निगरानी न केवल मानसिक तनाव का कारण बनती है, बल्कि यह कर्मचारी और नियोक्ता के बीच भरोसे के रिश्ते को भी कमजोर करती है। भारत और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में भी, जहां बड़ी संख्या में भारतीय पेशेवर बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं में कार्यरत हैं, डिजिटल निगरानी का विषय एक ज्वलंत मुद्दा बनता जा रहा है।
विशेष रूप से ऑस्ट्रेलियाई संदर्भ में, जहां 'राइट टू डिस्कनेक्ट' जैसे कानून चर्चा में हैं, टीडी बैंक का यह कदम एक महत्वपूर्ण मिसाल पेश कर सकता है। ऑस्ट्रेलिया के 'बिग फोर' बैंकों (CBA, Westpac, NAB, और ANZ) में बड़ी संख्या में भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई काम करते हैं। यदि वैश्विक स्तर पर टीडी जैसे संस्थान इस तरह की निगरानी को अपनाते हैं, तो इसका असर भविष्य में ऑस्ट्रेलियाई वर्क-कल्चर पर भी पड़ सकता है। वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया के फेयर वर्क एक्ट के तहत नियोक्ताओं को निगरानी के संबंध में पारदर्शी होना आवश्यक है, लेकिन सॉफ्टवेयर के माध्यम से सूक्ष्म-प्रबंधन (Micro-management) अभी भी एक ग्रे एरिया बना हुआ है।
आलोचकों का कहना है कि वित्तीय अपराध जैसे संवेदनशील विभागों में काम करने वाले कर्मचारियों पर पहले से ही काम का काफी दबाव होता है। सॉफ्टवेयर आधारित निगरानी उन्हें और अधिक दबाव में डाल सकती है, जिससे मानवीय त्रुटि की संभावना बढ़ जाती है। इसके विपरीत, टीडी बैंक का कहना है कि यह डेटा उन्हें संसाधनों के बेहतर आवंटन और प्रक्रिया में आने वाली बाधाओं को पहचानने में मदद करेगा। बैंक ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह निगरानी केवल कार्यालय में काम करने वालों के लिए है या घर से काम (WFH) करने वाले कर्मचारियों पर भी लागू होगी।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर में 'बॉसवेयर' (Bossware) का उपयोग बढ़ रहा है। कई टेक कंपनियां और वित्तीय संस्थान अब ऐसे टूल का उपयोग कर रहे हैं जो कीस्ट्रोक्स, स्क्रीन गतिविधियों और यहां तक कि वेबकैम के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करते हैं। भारतीय समुदाय के पेशेवरों के लिए, जो अक्सर इन क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभाते हैं, कार्य-जीवन संतुलन और गोपनीयता की रक्षा करना अब एक नई चुनौती बन गई है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि कर्मचारियों को अपने रोजगार अनुबंधों और डेटा गोपनीयता नीतियों के बारे में अधिक जागरूक होने की आवश्यकता है।
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