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स्विट्जरलैंड जनमत संग्रह: नागरिकों ने जनसंख्या को 1 करोड़ तक सीमित करने का प्रस्ताव ठुकराया
ICN24 Newsroom 15 जून 2026, 01:31 am

स्विस मतदाताओं ने उस विवादास्पद प्रस्ताव को खारिज कर दिया है जिसमें आव्रजन को रोकने के लिए देश की आबादी को 1 करोड़ पर सीमित करने की मांग की गई थी।
स्विट्जरलैंड में रविवार को हुए एक महत्वपूर्ण जनमत संग्रह में नागरिकों ने उस विवादास्पद प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया, जिसका उद्देश्य देश की स्थायी निवासी आबादी को साल 2050 तक 1 करोड़ (10 मिलियन) पर सीमित करना था। आधिकारिक तौर पर 'नो टू ए स्विट्जरलैंड विद 10 मिलियन! (सस्टेनेबिलिटी इनिशिएटिव)' के नाम से जाने जाने वाले इस प्रस्ताव को देश की सबसे बड़ी दक्षिणपंथी पार्टी, स्विस पीपुल्स पार्टी (SVP) ने पेश किया था।
प्रारंभिक परिणामों के अनुसार, स्विस मतदाताओं के बहुमत ने इस पहल के खिलाफ मतदान किया, जिससे देश की खुली अर्थव्यवस्था और कार्यबल की जरूरतों को प्राथमिकता मिली। यदि यह प्रस्ताव पारित हो जाता, तो स्विट्जरलैंड सरकार को आबादी 9.5 मिलियन तक पहुंचने पर तत्काल प्रभाव से आव्रजन नीतियों को कड़ा करना पड़ता और 10 मिलियन का आंकड़ा छूते ही नए प्रवासियों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना पड़ता।
SVP का तर्क था कि तेजी से बढ़ती आबादी के कारण आवास की कमी, बुनियादी ढांचे पर दबाव और प्राकृतिक संसाधनों का ह्रास हो रहा है। हालांकि, विरोधियों और सरकार का कहना था कि इस तरह का प्रतिबंध स्विट्जरलैंड की आर्थिक प्रगति को रोक देगा, क्योंकि देश के कई उद्योग और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र विदेशी पेशेवरों पर निर्भर हैं।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए यह खबर विशेष महत्व रखती है। जिस तरह स्विट्जरलैंड में 'नेट ओवरसीज माइग्रेशन' और बुनियादी ढांचे पर इसके प्रभाव को लेकर बहस छिड़ी है, वैसी ही चर्चा ऑस्ट्रेलिया में भी अक्सर देखने को मिलती है। स्विट्जरलैंड का यह फैसला दर्शाता है कि आधुनिक विकसित अर्थव्यवस्थाएं कुशल प्रवासियों के बिना अपनी सेवाओं को बनाए रखने में चुनौतियों का सामना करती हैं। भारतीय पेशेवरों, विशेष रूप से आईटी और इंजीनियरिंग क्षेत्र में, स्विट्जरलैंड एक पसंदीदा यूरोपीय गंतव्य रहा है। इस फैसले से वहां काम करने की इच्छा रखने वाले प्रवासियों के लिए अनिश्चितता के बादल छंट गए हैं।
स्विस सरकार ने चेतावनी दी थी कि जनसंख्या पर सीमा लगाने से यूरोपीय संघ (EU) के साथ द्विपक्षीय समझौतों, विशेष रूप से व्यक्तियों की मुक्त आवाजाही (Free Movement of People) पर बुरा असर पड़ सकता था। मतदान के नतीजों ने स्पष्ट कर दिया है कि स्विस जनता फिलहाल सख्त अलगाववादी नीतियों के बजाय आर्थिक स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को अधिक महत्व दे रही है।
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