लाइव
राजनीति
राजनीति

आसाराम को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका: नाबालिग से दुष्कर्म मामले में अंतरिम जमानत देने से इनकार

ICN24 Newsroom 6 अग॰ 2026, 11:37 pm
आसाराम को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका: नाबालिग से दुष्कर्म मामले में अंतरिम जमानत देने से इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने कहा कि फिलहाल राहत नहीं दी जा सकती, लेकिन स्वास्थ्य बिगड़ने पर वे दोबारा आवेदन कर सकते हैं।

भारत के उच्चतम न्यायालय ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम बापू को एक बार फिर कानूनी झटका दिया है। अदालत ने आसाराम की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए अंतरिम जमानत की मांग की थी। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ ने स्पष्ट किया कि वर्तमान परिस्थितियों में सजा के निलंबन या अंतरिम राहत का कोई ठोस आधार नहीं दिखता। सुनवाई के दौरान आसाराम के वकीलों ने तर्क दिया कि उनके मुवक्किल की उम्र 80 वर्ष से अधिक है और वे गंभीर हृदय रोगों सहित कई अन्य बीमारियों से जूझ रहे हैं। बचाव पक्ष ने महाराष्ट्र के एक आयुर्वेदिक अस्पताल में उपचार कराने की अनुमति मांगी थी। हालांकि, अदालत ने राजस्थान सरकार की दलीलों और मेडिकल रिपोर्टों को ध्यान में रखते हुए फिलहाल जमानत देने से मना कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को पूरी तरह से समाप्त नहीं किया है, बल्कि इसे लंबित (pending) रखा है। पीठ ने कहा कि यदि भविष्य में आसाराम की स्वास्थ्य स्थिति अधिक गंभीर होती है, तो वे दोबारा अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं। आसाराम को साल 2013 में जोधपुर के उनके आश्रम में एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद, साल 2018 में जोधपुर की एक विशेष अदालत ने उन्हें दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। तब से आसाराम राजस्थान की जेल में बंद हैं और कई बार विभिन्न अदालतों में जमानत के लिए आवेदन कर चुके हैं, लेकिन हर बार उनकी याचिकाएं खारिज कर दी गई हैं। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए भी यह खबर महत्वपूर्ण है, क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में विदेशों में भी स्वयंभू धर्मगुरुओं के प्रभाव और उनके द्वारा किए गए अपराधों पर व्यापक चर्चा होती रही है। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले प्रवासी भारतीय अक्सर भारत की न्याय व्यवस्था में ऐसे प्रभावशाली व्यक्तियों की जवाबदेही पर नजर रखते हैं। इस फैसले को कानूनी विशेषज्ञ एक कड़े संदेश के रूप में देख रहे हैं कि अपराध की गंभीरता के सामने किसी भी प्रकार का प्रभाव या 'भक्तों का आधार' कोई मायने नहीं रखता। प्रवर्तन एजेंसियों और अभियोजन पक्ष ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए तर्क दिया कि आसाराम एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं और बाहर आने पर गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। राजस्थान उच्च न्यायालय ने भी पहले उनकी इसी तरह की याचिकाओं को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि उन्हें जेल के भीतर ही पर्याप्त चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा रही है। अब सुप्रीम कोर्ट के इस रुख ने आसाराम के समर्थकों के लिए फिलहाल राहत के सारे रास्ते बंद कर दिए हैं।
शेयर:

संबंधित ख़बरें

एआई के लिए चेहरे किराए पर देने का बढ़ता बाजार: कमाई के साथ बढ़ा पहचान चोरी और डीपफेक का खतरा
राजनीति

एआई के लिए चेहरे किराए पर देने का बढ़ता बाजार: कमाई के साथ बढ़ा पहचान चोरी और डीपफेक का खतरा

एआई मार्केट में अब लोग अपने चेहरे किराए पर देकर हज़ारों कमा रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञ पहचान चोरी और अवैध डीपफेक के खतरों को लेकर आगाह कर रहे हैं।

6 अग॰ 2026, 11:39 pm
'PDA में P का मतलब पंडित भी है': अखिलेश यादव का 2027 के लिए बड़ा ब्राह्मण कार्ड
राजनीति

'PDA में P का मतलब पंडित भी है': अखिलेश यादव का 2027 के लिए बड़ा ब्राह्मण कार्ड

2027 के यूपी विधानसभा चुनावों से पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने PDA फॉर्मूले का विस्तार करते हुए ब्राह्मणों को जोड़ने का नया रणनीतिक दांव चला है।

6 अग॰ 2026, 10:38 pm
यूपी चुनाव 2027: अखिलेश यादव का बड़ा दांव, बोले- 'PDA में P का मतलब पंडित भी है'
राजनीति

यूपी चुनाव 2027: अखिलेश यादव का बड़ा दांव, बोले- 'PDA में P का मतलब पंडित भी है'

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले अपनी 'PDA' रणनीति का विस्तार करते हुए इसमें ब्राह्मणों को शामिल करने का संकेत दिया है।

6 अग॰ 2026, 10:37 pm