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भारतीय यात्रियों के लिए बड़ी राहत: जर्मनी ने एयरपोर्ट ट्रांजिट वीजा की अनिवार्यता खत्म की

ICN24 Newsroom 5 जून 2026, 12:01 pm
भारतीय यात्रियों के लिए बड़ी राहत: जर्मनी ने एयरपोर्ट ट्रांजिट वीजा की अनिवार्यता खत्म की

जर्मनी ने भारतीय नागरिकों के लिए एयरपोर्ट ट्रांजिट वीजा की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है। लुफ्थांसा ग्रुप ने इस ऐतिहासिक फैसले का स्वागत किया है, जिससे ऑस्ट्रेलिया जाने वाले भारतीयों को लाभ होगा।

जर्मनी सरकार ने भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए एक महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव की घोषणा की है। संघीय गणराज्य जर्मनी ने भारतीय नागरिकों के लिए हवाई अड्डे पर ट्रांजिट वीजा की आवश्यकता को पूरी तरह से समाप्त करने का निर्णय लिया है। यह नया नियम 3 जून 2026 से प्रभावी होगा। इस फैसले का सबसे अधिक लाभ उन यात्रियों को मिलेगा जो जर्मनी के हवाई अड्डों के माध्यम से तीसरे देशों की यात्रा कर रहे हैं। यूरोप की प्रमुख विमानन कंपनी लुफ्थांसा ग्रुप (Lufthansa Group) ने इस निर्णय का पुरजोर स्वागत किया है। एयरलाइन के अनुसार, यह कदम न केवल भारत और जर्मनी के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय यात्रा को भी अधिक सुलभ और सरल बनाएगा। वर्तमान नियमों के तहत, कई भारतीय यात्रियों को फ्रैंकफर्ट या म्यूनिख जैसे व्यस्त हवाई अड्डों पर केवल कनेक्टिंग फ्लाइट पकड़ने के लिए भी ट्रांजिट वीजा के लिए आवेदन करना पड़ता था, जो एक खर्चीली और समय लेने वाली प्रक्रिया थी। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए यह खबर विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच यात्रा करने वाले कई भारतीय प्रवासी अक्सर यूरोप के रास्ते उड़ानों का चयन करते हैं। लुफ्थांसा जैसी एयरलाइंस ऑस्ट्रेलिया-भारत रूट पर अपनी सेवाओं के लिए जानी जाती हैं। ट्रांजिट वीजा की आवश्यकता समाप्त होने से अब सिडनी, मेलबर्न या ब्रिस्बेन से भारत जाने वाले यात्रियों के लिए जर्मनी एक प्रमुख और आसान ट्रांजिट हब बन जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस छूट से यूरोप के रास्ते हवाई यात्रा करने वाले भारतीयों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। यह बदलाव उन छात्रों, पेशेवर कामगारों और पर्यटकों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है जो अक्सर वीजा प्रक्रियाओं की जटिलता के कारण सीधे उड़ानों या अन्य रूटों को प्राथमिकता देते थे। लुफ्थांसा ग्रुप ने अपनी विज्ञप्ति में कहा कि वे भारतीय बाजार को अपनी वैश्विक रणनीति का एक मुख्य हिस्सा मानते हैं। ट्रांजिट वीजा के हटने से भारतीय यात्री अब बिना किसी अतिरिक्त कागजी कार्रवाई के जर्मन हवाई अड्डों के अंतरराष्ट्रीय ट्रांजिट क्षेत्र का उपयोग कर सकेंगे। हालांकि, यात्रियों को यह ध्यान रखना होगा कि यह छूट केवल हवाई अड्डे के भीतर रहने (ट्रांजिट) के लिए है; यदि कोई यात्री हवाई अड्डे से बाहर निकलकर जर्मनी में प्रवेश करना चाहता है, तो उसे अभी भी नियमित शेंगेन वीजा की आवश्यकता होगी। यह निर्णय भारत की बढ़ती आर्थिक शक्ति और वैश्विक मंच पर भारतीय यात्रियों की बढ़ती संख्या को जर्मनी की मान्यता के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले वर्षों में, इससे भारत, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया के बीच हवाई संपर्क और भी सुदृढ़ होने की उम्मीद है।
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