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फंड जारी करें: लुईस फ्रेंकल ने USAID और विदेश नीति पर मार्को रूबियो को घेरा
ICN24 Newsroom 7 जून 2026, 01:30 am
अमेरिकी कांग्रेस की सुनवाई के दौरान प्रतिनिधि लुईस फ्रेंकल ने विदेश मंत्री मार्को रूबियो पर USAID बजट और स्वास्थ्य कार्यक्रमों में कटौती को लेकर तीखे हमले किए।
वाशिंगटन डीसी में एक उच्च-स्तरीय विधायी सुनवाई के दौरान अमेरिकी विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय सहायता को लेकर तीखी बहस देखने को मिली। डेमोक्रेटिक प्रतिनिधि लुईस फ्रेंकल ने नवनियुक्त विदेश मंत्री मार्को रूबियो पर सवालों की बौछार करते हुए अंतरराष्ट्रीय विकास एजेंसी (USAID) के बजट में कटौती और महत्वपूर्ण स्वास्थ्य कार्यक्रमों के लिए फंड रोकने पर स्पष्टीकरण मांगा। फ्रेंकल ने तर्क दिया कि ये कटौतियां न केवल मानवीय दृष्टिकोण से हानिकारक हैं, बल्कि वैश्विक स्थिरता के लिए भी खतरा पैदा कर सकती हैं।
सुनवाई का मुख्य केंद्र बिंदु 'USAID' और वैश्विक स्वास्थ्य पहलों के लिए आवंटित धनराशि थी, जिसे वर्तमान प्रशासन ने फ्रीज कर दिया है। फ्रेंकल ने विशेष रूप से वैक्सीन वितरण और प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए रुके हुए धन का मुद्दा उठाया। उन्होंने सीधे शब्दों में कहा कि फंड को रोकना उन लाखों लोगों के जीवन को जोखिम में डाल रहा है जो अमेरिकी सहायता पर निर्भर हैं। रूबियो, जो अपनी सख्त विदेश नीति के लिए जाने जाते हैं, ने प्रशासन के रुख का बचाव करते हुए कहा कि खर्चों की समीक्षा राष्ट्रीय सुरक्षा प्राथमिकताओं के आधार पर की जा रही है।
भारत और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के प्रवासियों के लिए यह घटनाक्रम विशेष महत्व रखता है। अमेरिका द्वारा दी जाने वाली वैश्विक स्वास्थ्य सहायता का सीधा प्रभाव दक्षिण एशिया और प्रशांत क्षेत्र के विकासशील देशों पर पड़ता है। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लोग अक्सर अपने मूल देशों में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे और विकास परियोजनाओं पर करीब से नजर रखते हैं। USAID द्वारा वित्त पोषित कई परियोजनाएं भारत के ग्रामीण स्वास्थ्य क्षेत्र में सक्रिय रही हैं। यदि अमेरिका अपनी सहायता नीति में बड़े बदलाव करता है, तो इसका असर क्षेत्रीय सुरक्षा और भारत-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक संतुलन पर भी पड़ सकता है।
आप्रवासन (Immigration) के मुद्दे पर भी दोनों नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई। फ्रेंकल ने रूबियो से उन नीतियों पर सवाल किए जो प्रवासियों के अधिकारों और मानवीय सहायता को प्रभावित करती हैं। रूबियो ने दोहराया कि प्रशासन की प्राथमिकता सीमा सुरक्षा को मजबूत करना और अवैध आप्रवासन को रोकना है। हालांकि, आलोचकों का तर्क है कि सहायता में कटौती से उन मूल कारणों को बढ़ावा मिलेगा जो लोगों को अपना देश छोड़ने पर मजबूर करते हैं।
यह बहस ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका अपनी वैश्विक भूमिका को पुनर्परिभाषित करने की कोशिश कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर सहायता को रणनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की रूबियो की नीति से आगामी महीनों में और अधिक विवाद होने की संभावना है। फ्रेंकल के कड़े रुख ने यह स्पष्ट कर दिया है कि विदेशी सहायता और वैश्विक स्वास्थ्य बजट पर अमेरिकी कांग्रेस के भीतर संघर्ष अभी जारी रहेगा।
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