लाइव
राजनीति
राजनीति

राज्यसभा चुनाव: राजस्थान से मदन राठौड़ और चुन्नीलाल गरासिया समेत 4 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित

ICN24 Newsroom 12 जून 2026, 12:01 pm
राज्यसभा चुनाव: राजस्थान से मदन राठौड़ और चुन्नीलाल गरासिया समेत 4 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित

राजस्थान और मणिपुर समेत कई राज्यों में राज्यसभा की खाली सीटों पर उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों ने अपनी सीटें सुरक्षित कीं।

भारतीय राजनीति के ऊपरी सदन, राज्यसभा के लिए द्विवार्षिक चुनावों की प्रक्रिया के बीच एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में राजस्थान और मणिपुर सहित कई राज्यों के उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया है। राजस्थान से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मदन राठौड़ और चुन्नीलाल गरासिया के साथ-साथ अन्य प्रमुख चेहरों ने बिना किसी विरोध के जीत हासिल की। यह घटनाक्रम भारत के संसदीय समीकरणों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि राज्यसभा में सीटों का संतुलन सीधे तौर पर केंद्र सरकार की विधायी क्षमता को प्रभावित करता है। नामांकन वापस लेने की समय सीमा समाप्त होने के बाद निर्वाचन अधिकारियों ने परिणामों की आधिकारिक घोषणा की। राजस्थान में विधानसभा की सदस्य संख्या और दलीय स्थिति के आधार पर भाजपा और विपक्षी दलों के बीच सीटों का बंटवारा स्पष्ट था, जिससे मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ी। भाजपा के लिए यह जीत विशेष महत्व रखती है क्योंकि पार्टी उच्च सदन में अपनी उपस्थिति को और अधिक मजबूत करने की कोशिश कर रही है। मदन राठौड़ और चुन्नीलाल गरासिया जैसे जमीनी नेताओं का चयन पार्टी की सांगठनिक रणनीति को दर्शाता है। सिर्फ राजस्थान ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे राज्यों में भी यही स्थिति देखी गई। कई राज्यों में सत्ता पक्ष और विपक्ष ने अपनी सीटों की संख्या के अनुसार ही उम्मीदवार उतारे थे, जिससे चुनाव मैदान में कोई अतिरिक्त उम्मीदवार नहीं बचा। मणिपुर में भी भाजपा की शारदा देवी के चयन की खबरें चर्चा में रहीं, जो पूर्वोत्तर क्षेत्र में पार्टी के प्रभाव को प्रदर्शित करती हैं। इन निर्वाचित सदस्यों का कार्यकाल छह वर्ष का होगा, जिसके दौरान वे देश के नीति-निर्माण में अपनी भूमिका निभाएंगे। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले प्रवासी भारतीयों (NRIs) के लिए भारत के राज्यसभा चुनावों के ये परिणाम काफी प्रासंगिक हैं। प्रवासी समुदाय अक्सर भारत की राजनीतिक स्थिरता और नीतिगत निरंतरता पर नजर रखता है। राज्यसभा में सरकार का बहुमत होना आर्थिक सुधारों और द्विपक्षीय समझौतों, विशेष रूप से भारत-ऑस्ट्रेलिया मुक्त व्यापार समझौते (ECTA) जैसे महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने में सहायक होता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि निर्विरोध निर्वाचन से दलों के भीतर के आपसी तालमेल और चुनावी अंकगणित की स्पष्टता का पता चलता है। हालांकि, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में स्थिति अलग हो सकती है जहां अतिरिक्त उम्मीदवारों की उपस्थिति के कारण मतदान की संभावना बनी रहती है। फिलहाल, निर्विरोध चुने गए ये नेता जल्द ही संसद सदस्य के रूप में शपथ लेंगे और भारतीय लोकतंत्र की सर्वोच्च संस्था में अपने-अपने राज्यों का प्रतिनिधित्व करेंगे।
शेयर:

संबंधित ख़बरें

राज्यसभा ने दी मंजूरी: सुप्रीम कोर्ट में अब होंगे 38 न्यायाधीश, विपक्षी दलों का सदन से वॉकआउट
राजनीति

राज्यसभा ने दी मंजूरी: सुप्रीम कोर्ट में अब होंगे 38 न्यायाधीश, विपक्षी दलों का सदन से वॉकआउट

राज्यसभा ने उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 को पारित कर दिया है, जिससे जजों की कुल संख्या 34 से बढ़कर 38 हो जाएगी।

6 अग॰ 2026, 07:37 am
तसलीमा नसरीन की गुहार: 'स्वदेश बांग्लादेश लौटना चाहती हूँ, लेकिन राह में खड़ी हैं कानूनी बाधाएं'
राजनीति

तसलीमा नसरीन की गुहार: 'स्वदेश बांग्लादेश लौटना चाहती हूँ, लेकिन राह में खड़ी हैं कानूनी बाधाएं'

निर्वासित लेखिका तसलीमा नसरीन ने बांग्लादेश लौटने की अपनी तीव्र इच्छा व्यक्त की है, लेकिन पासपोर्ट नवीनीकरण न होने के कारण वे स्वदेश नहीं जा पा रही हैं।

6 अग॰ 2026, 06:37 am
बोचहाँ की तीन पंचायतों में सहयोग शिविर: 267 शिकायतों का पंजीकरण और मौके पर समाधान
राजनीति

बोचहाँ की तीन पंचायतों में सहयोग शिविर: 267 शिकायतों का पंजीकरण और मौके पर समाधान

मुजफ्फरपुर के बोचहाँ में मुख्यमंत्री सात निश्चय-3 के तहत आयोजित शिविरों में 267 आवेदन प्राप्त हुए, जिनका त्वरित निस्तारण किया गया।

6 अग॰ 2026, 05:37 am