राजनीति
'आक्रमण के लिए तैयार...': अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ पर ज़ोहरान ममदानी का तीखा हमला, ट्रंप और आर्थिक असमानता को घेरा
ICN24 Newsroom 4 जुल॰ 2026, 11:31 am

न्यूयॉर्क के राजनीतिक नेता ज़ोहरान ममदानी ने अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ पर आर्थिक असमानता और अरबपतियों के बढ़ते प्रभाव की कड़ी आलोचना की है, जिससे नई राजनीतिक बहस छिड़ गई है।
न्यूयॉर्क की राजनीति में एक प्रमुख भारतीय-अमेरिकी आवाज, ज़ोहरान ममदानी ने संयुक्त राज्य अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान एक ऐसा भाषण दिया है जिसने पूरे देश में राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। ममदानी ने अपने संबोधन में देश की वर्तमान आर्थिक और सामाजिक स्थिति पर कड़ा प्रहार किया, जिसे कई लोग 'पॉलिटिकल बॉम्बशेल' (राजनीतिक धमाका) मान रहे हैं।
ममदानी का भाषण मुख्य रूप से अमेरिका में बढ़ती आर्थिक असमानता पर केंद्रित था। उन्होंने तर्क दिया कि देश की संपत्ति का निर्माण मेहनतकश कामगारों द्वारा किया गया है, लेकिन इसका लाभ केवल मुट्ठी भर अभिजात वर्ग और अरबपतियों तक ही सीमित होकर रह गया है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि अमेरिका अपने सबसे कमजोर परिवारों की रक्षा करने में विफल रहा है, जबकि सत्ता के गलियारों में अरबपतियों का प्रभाव लगातार बढ़ता जा रहा है। उनके इस भाषण के अंश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसमें वे डोनाल्ड ट्रंप और उनकी नीतियों से जुड़ी विचारधारा पर भी निशाना साधते नजर आए।
इस संबोधन ने अमेरिकी समाज और राजनीति को दो धड़ों में बांट दिया है। समर्थकों का कहना है कि ममदानी ने उन कड़वे सच को उजागर किया है जिसे अक्सर मुख्यधारा की राजनीति में नजरअंदाज कर दिया जाता है। वहीं, आलोचकों ने उनके बयानों को अमेरिका के बुनियादी आदर्शों पर हमला बताया है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह भाषण आने वाले समय में अमेरिकी राजनीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, खासकर उस दौर में जब देश अपनी 250वीं वर्षगांठ मना रहा है।
भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए यह घटनाक्रम विशेष महत्व रखता है। विदेशों में भारतीय मूल के नेताओं का बढ़ता राजनीतिक कद और उनकी बेबाक राय अक्सर वैश्विक प्रवासी भारतीयों (दायस्पोरा) के बीच चर्चा का विषय बनती है। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय मूल के लोग भी इस तरह के नेतृत्व को ध्यान से देख रहे हैं, क्योंकि आर्थिक न्याय और समावेशी विकास जैसे मुद्दे वैश्विक स्तर पर प्रासंगिक हैं।
ममदानी की टिप्पणियों ने न केवल अमेरिका में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बहस छेड़ दी है कि क्या आधुनिक लोकतंत्र वास्तव में आम जनता की सेवा कर रहे हैं या वे पूंजीपतियों के हाथों की कठपुतली बन गए हैं। फिलहाल, उनके इस 'इन्वेजन' वाले बयान और ट्रंप पर किए गए प्रहार ने सोशल मीडिया से लेकर टीवी डिबेट्स तक में एक नया राजनीतिक युद्ध छेड़ दिया है।
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