राजनीति
जम्मू-कश्मीर पर सेर्गियो गोर की टिप्पणी से पाकिस्तान नाराज, अमेरिका के बदलते रुख ने बढ़ाई हलचल
ICN24 Newsroom 20 अग॰ 2026, 12:37 pm
भारत में अमेरिकी राजदूत के नामित उम्मीदवार सेर्गियो गोर द्वारा जम्मू-कश्मीर को भारत का 'महत्वपूर्ण हिस्सा' बताए जाने पर पाकिस्तान ने कड़ी आपत्ति जताई है।
भारत में अमेरिका के अगले राजदूत के तौर पर नामित सेर्गियो गोर द्वारा जम्मू-कश्मीर को लेकर दिए गए हालिया बयान ने दक्षिण एशिया की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। गोर ने जम्मू-कश्मीर को भारत का 'महत्वपूर्ण हिस्सा' बताया, जिसके बाद पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में अमेरिकी चार्ज डी'अफेयर्स (राजदूत के कार्यवाहक) को तलब कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है। यह घटनाक्रम न केवल वाशिंगटन के बदलते रुख की ओर इशारा करता है, बल्कि नई दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच पहले से ही तनावपूर्ण संबंधों में एक नया मोड़ भी लाता है।
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि सेर्गियो गोर की टिप्पणी 'तथ्यात्मक रूप से गलत' है और यह कश्मीर विवाद पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन करती है। पाकिस्तान का तर्क है कि इस तरह के बयान से क्षेत्र की स्थिरता प्रभावित हो सकती है। हालांकि, कूटनीतिक जानकारों का मानना है कि गोर का यह बयान अनायास नहीं था। यह अमेरिका के भीतर एक उभरते हुए विचार को दर्शाता है जो भारत की क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अधिक मुखर समर्थन दिखाता है, विशेष रूप से 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद की परिस्थितियों में।
विशेषज्ञों के अनुसार, सेर्गियो गोर की यह टिप्पणी वाशिंगटन की दशकों पुरानी संतुलित नीति से हटकर है। लंबे समय तक अमेरिका कश्मीर को एक द्विपक्षीय विवाद मानता रहा है, जिसे भारत और पाकिस्तान को आपसी बातचीत से सुलझाना चाहिए। लेकिन हाल के वर्षों में, विशेष रूप से चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए भारत के साथ मजबूत रणनीतिक साझेदारी की आवश्यकता ने अमेरिका को अपनी भाषा बदलने पर मजबूर किया है। भारत के लिए यह एक बड़ी कूटनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय मंच पर उसकी स्थिति को और मजबूत करता है।
ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय के लिए भी यह खबर विशेष महत्व रखती है। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ते रक्षा और व्यापारिक संबंधों के बीच, दक्षिण एशिया में स्थिरता एक प्रमुख चिंता का विषय है। मेलबर्न और सिडनी जैसे शहरों में रहने वाले भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई प्रवासियों का मानना है कि अमेरिका का यह समर्थन भारत के आर्थिक विकास और सुरक्षा के लिए शुभ संकेत है। ऑस्ट्रेलिया भी क्वाड (QUAD) के माध्यम से भारत और अमेरिका का करीबी साझेदार है, ऐसे में अमेरिका के इस बदले हुए स्वर का असर कैनबरा की विदेश नीति पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल, भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस मुद्दे पर सधी हुई प्रतिक्रिया दी है, जबकि पाकिस्तान इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कोशिश कर रहा है। लेकिन सेर्गियो गोर का यह संदेश स्पष्ट है—आने वाले समय में अमेरिका, भारत के हितों के साथ अधिक मजबूती से खड़ा दिखाई दे सकता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि डोनाल्ड ट्रंप के आगामी प्रशासन में यह नीतिगत बदलाव कितनी स्थायी जगह बना पाता है।
संबंधित ख़बरें

राजनीति
राहु का रत्न 'गोमेद': इन लोगों को भूलकर भी नहीं पहनना चाहिए यह पत्थर, शनि और गुरु के रत्नों के साथ भी बरतें सावधानी
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहु का रत्न गोमेद हर किसी के लिए फलदायी नहीं होता। गलत चयन से मानसिक और आर्थिक नुकसान हो सकता है।
20 अग॰ 2026, 01:37 pm

राजनीति
डूसू चुनाव के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय में सुरक्षा कड़ी, 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से होगी निगरानी
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनावों से पहले प्रशासन ने सुरक्षा चाक-चौबंद कर दी है, जिसमें 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों और भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है।
20 अग॰ 2026, 11:37 am

राजनीति
बाबूलाल मरांडी ने झारखंड भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली की सीबीआई जांच की मांग की
झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने JSSC-CGL और JPSC सिविल सेवा परीक्षाओं में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग की है।
20 अग॰ 2026, 10:37 am

