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42 की उम्र में मेनोपॉज के बाद बढ़ गया था 20 किलो वजन, जानिए लिएन ने कैसे पाई अपनी 'मॉडल फिगर' वापस

ICN24 Newsroom 20 जून 2026, 01:33 am
42 की उम्र में मेनोपॉज के बाद बढ़ गया था 20 किलो वजन, जानिए लिएन ने कैसे पाई अपनी 'मॉडल फिगर' वापस

42 साल की उम्र में हिस्टेरेक्टॉमी के बाद लिएन का वजन तेजी से बढ़ा और वे थकान महसूस करने लगीं। अब 51 की उम्र में उन्होंने 20 किलो वजन घटाकर नई मिसाल पेश की है।

स्वास्थ्य और फिटनेस की दुनिया में अक्सर उम्र को एक बाधा माना जाता है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया की लिएन (Leanne) की कहानी इस धारणा को चुनौती देती है। 42 साल की उम्र में एक बड़ी सर्जरी और उसके बाद शुरू हुए समय पूर्व मेनोपॉज (रजोनिवृत्ति) ने उनके जीवन को पूरी तरह से बदल दिया था। आज 51 साल की उम्र में, उन्होंने न केवल अपना खोया हुआ आत्मविश्वास वापस पा लिया है, बल्कि 20 किलो वजन घटाकर अपनी फिटनेस को एक नए स्तर पर पहुँचाया है। लिएन की यह यात्रा तब शुरू हुई जब 42 साल की उम्र में उनकी हिस्टेरेक्टॉमी (गर्भाशय निकालने का ऑपरेशन) हुई। इस सर्जरी के कारण वह 'सर्जिकल मेनोपॉज' की स्थिति में पहुँच गईं। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, जब शरीर में अचानक हार्मोनल बदलाव होते हैं, तो मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है और वजन बढ़ना एक सामान्य समस्या बन जाती है। लिएन के लिए भी यह समय बेहद कठिन था। उन्होंने बताया कि वह खुद को आईने में पहचान नहीं पा रही थीं और हर समय थकान और भारीपन महसूस करती थीं। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय की महिलाओं के लिए भी यह एक प्रासंगिक विषय है। अक्सर देखा गया है कि दक्षिण एशियाई महिलाओं में हार्मोनल बदलाव और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों का खतरा अधिक होता है। सांस्कृतिक और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच, भारतीय मूल की महिलाएं अक्सर अपने स्वास्थ्य को नजरअंदाज कर देती हैं। लिएन की कहानी यह संदेश देती है कि मेनोपॉज के बाद भी एक स्वस्थ और फिट जीवन जीना संभव है। लिएन ने अपनी इस फिटनेस यात्रा में आहार और व्यायाम के संतुलन पर जोर दिया। उन्होंने केवल वजन घटाने पर ध्यान नहीं दिया, बल्कि अपनी ऊर्जा के स्तर को सुधारने और मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी। शुरुआती संघर्षों के बाद, उन्होंने अपनी जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव किए, जिसमें नियमित पैदल चलना और संतुलित भोजन शामिल था। धीरे-धीरे उनके शरीर में बदलाव आने लगे और आज वह पहले से कहीं अधिक ऊर्जावान महसूस करती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि मेनोपॉज के दौरान वजन प्रबंधन के लिए केवल कैलोरी कम करना काफी नहीं है, बल्कि मांसपेशियों की मजबूती (Strength Training) और पर्याप्त प्रोटीन का सेवन भी जरूरी है। लिएन की सफलता का राज उनकी निरंतरता और सकारात्मक सोच रही। आज वह उन हजारों महिलाओं के लिए प्रेरणा हैं जो रजोनिवृत्ति के शारीरिक और मानसिक प्रभावों से जूझ रही हैं। यह कहानी हमें याद दिलाती है कि सेहत सुधारने के लिए कभी भी बहुत देर नहीं होती।
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