राजनीति
न्यू मैक्सिको में जेफ्री एपस्टीन के 'ज़ोरो रेंच' की जांच तेज: बड़ी कंपनियों को रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का निर्देश
ICN24 Newsroom 20 जून 2026, 09:37 am

न्यू मैक्सिको के अधिकारियों ने जेफ्री एपस्टीन के विवादास्पद 'ज़ोरो रेंच' की जांच तेज कर दी है और बड़ी कंपनियों को इससे जुड़े रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का आदेश दिया है।
न्यू मैक्सिको राज्य के अधिकारियों ने दिवंगत यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के कुख्यात 'ज़ोरो रेंच' (Zorro Ranch) से जुड़ी गतिविधियों की एक नई और व्यापक जांच शुरू की है। इस जांच के तहत, राज्य प्रशासन ने कई प्रमुख वैश्विक कंपनियों को पत्र लिखकर आदेश दिया है कि वे इस संपत्ति और एपस्टीन से संबंधित सभी संचार, रसद और वित्तीय रिकॉर्ड को सुरक्षित रखें। यह कदम राज्य के उस प्रयास का हिस्सा है, जिसके तहत उस एकांत रेंच पर हुई संदिग्ध गतिविधियों की तह तक जाने की कोशिश की जा रही है।
न्यू मैक्सिको की स्टेट लैंड कमिश्नर स्टेफ़नी गार्सिया रिचर्ड ने इस जांच का नेतृत्व करते हुए कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने हाल ही में फेडेक्स (FedEx), यूपीएस (UPS) और कुछ प्रमुख तकनीकी कंपनियों जैसी कॉर्पोरेट संस्थाओं को कानूनी नोटिस जारी किए हैं। इन आदेशों का उद्देश्य उन सभी डेटा को नष्ट होने से बचाना है, जो यह बता सकते हैं कि एपस्टीन के स्वामित्व वाले इस रेंच पर कौन-कौन आता-जाता था और वहां किस तरह का सामान पहुँचाया जाता था। अधिकारियों का मानना है कि ये रिकॉर्ड उन पीड़ितों के बयानों की पुष्टि कर सकते हैं जिन्होंने वहां गंभीर दुर्व्यवहार और मानव तस्करी का आरोप लगाया है।
सांता फे के पास स्थित 'ज़ोरो रेंच' लगभग 10,000 एकड़ में फैला हुआ है। यह दशकों तक एपस्टीन के साम्राज्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। एपस्टीन की मृत्यु के बाद भी, वहां की घटनाओं को लेकर रहस्य बना हुआ है। कई पीड़ितों ने अदालत में गवाही दी है कि उन्हें इस रेंच पर ले जाया गया था, जहां उन्हें यौन शोषण का शिकार बनाया गया। नई जांच इस बात पर केंद्रित है कि क्या राज्य की भूमि के नियमों का उल्लंघन किया गया था और क्या एपस्टीन के रसूखदार दोस्तों ने इन अवैध गतिविधियों में उसकी मदद की थी।
भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए, इस तरह के मामले अंतरराष्ट्रीय न्याय और मानव तस्करी के खिलाफ वैश्विक लड़ाई के संदर्भ में महत्वपूर्ण हैं। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय मूल के लोग अक्सर मानवाधिकारों और कानूनी पारदर्शिता के मुद्दों पर मुखर रहते हैं। यह जांच न केवल अमेरिका के भीतर जवाबदेही सुनिश्चित करती है, बल्कि यह दुनिया भर के उन नेटवर्कों के लिए भी एक चेतावनी है जो रसूख और धन के पीछे छिपकर अपराध करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कॉर्पोरेट रिकॉर्ड्स से मिलने वाली जानकारी कई रसूखदार नामों का खुलासा कर सकती है।
राज्य के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह जांच केवल एपस्टीन तक सीमित नहीं है, बल्कि उन सभी संस्थाओं की भूमिका की भी जांच की जाएगी जिन्होंने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से वहां हो रहे अपराधों को अनदेखा किया। आने वाले महीनों में, इन कंपनियों से मिलने वाले डेटा का विश्लेषण किया जाएगा, जो एपस्टीन मामले में न्याय की दिशा में एक नया अध्याय जोड़ सकता है।
संबंधित ख़बरें

राजनीति
इंडो-पैसिफिक से 'पैसिफिक' की ओर: क्या भारत को अब रणनीतिक एकांत के लिए तैयार रहना चाहिए?
अमेरिका द्वारा 'इंडो-पैसिफिक' दृष्टि से पीछे हटने और 'पैसिफिक' पर ध्यान केंद्रित करने के संकेतों के बीच, भारत के लिए रणनीतिक स्वायत्तता की चुनौती बढ़ गई है।
21 जून 2026, 12:11 am
राजनीति
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस: कोलकाता में पीएम मोदी करेंगे योग, 'स्वस्थ उम्र' के संदेश के साथ दुनिया भर में आयोजन
12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर पीएम मोदी कोलकाता में 35,000 लोगों के साथ योग करेंगे। इस साल की थीम 'स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग' है, जिसका असर ऑस्ट्रेलिया समेत दुनिया भर में दिखेगा।
20 जून 2026, 11:41 pm
राजनीति
दिल्ली: योगा एक्सप्रेस में सीट को लेकर विवाद, शाहदरा स्टेशन पर यात्री की पीट-पीटकर हत्या
दिल्ली के शाहदरा रेलवे स्टेशन पर सीट को लेकर हुए झगड़े में 32 वर्षीय पंकज धामा की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने मामले में 8 लोगों को हिरासत में लिया है।
20 जून 2026, 10:56 pm

