ब्रेकिंग न्यूज़ब्रेकिंग
Nag Panchami 2026: नाग पंचमी पर भूलकर भी न करें ये 5 काम, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा के नियम
ICN24 Newsroom 16 अग॰ 2026, 02:37 am

नाग पंचमी के पावन पर्व पर कुछ विशेष कार्यों की मनाही होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन 5 गलतियों को करने से पूजा का फल नहीं मिलता और जीवन में परेशानियां आ सकती हैं।
हिंदू धर्म में नाग पंचमी का विशेष महत्व है, जो सावन मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है। साल 2026 में यह पर्व 18 अगस्त को मनाया जाएगा। इस दिन नाग देवता की पूजा-अर्चना की जाती है और उनसे परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। हालांकि, धार्मिक शास्त्रों और लोक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन कुछ विशेष कार्यों को करने की सख्त मनाही है। यदि अनजाने में भी ये गलतियां हो जाएं, तो माना जाता है कि इसका नकारात्मक प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर पड़ सकता है।
ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय के लिए भी यह पर्व अपनी जड़ों से जुड़े रहने का एक माध्यम है। सिडनी, मेलबर्न और ब्रिस्बेन जैसे शहरों में स्थित मंदिरों में इस दिन विशेष अभिषेक और पूजा का आयोजन होता है। भारतीय प्रवासियों के लिए इन परंपराओं का पालन करना न केवल आस्था का विषय है, बल्कि अपनी अगली पीढ़ी को सांस्कृतिक मूल्यों से अवगत कराने का अवसर भी है। आइए जानते हैं वे 5 प्रमुख कार्य जो नाग पंचमी के दिन वर्जित माने गए हैं।
1. भूमि की खुदाई से बचें: नाग पंचमी के दिन धरती की खुदाई करना या हल चलाना पूरी तरह वर्जित माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सांप अक्सर मिट्टी के अंदर या बिलों में निवास करते हैं। खुदाई करने से उनके घर नष्ट हो सकते हैं या उन्हें चोट पहुंच सकती है। इस दिन मिट्टी से जुड़े किसी भी नए निर्माण कार्य की शुरुआत नहीं करनी चाहिए।
2. नुकीली वस्तुओं का प्रयोग न करें: इस दिन सुई-धागे का उपयोग, सिलाई या कढ़ाई करना अशुभ माना जाता है। साथ ही, कैंची और चाकू जैसी नुकीली वस्तुओं के इस्तेमाल से भी बचने की सलाह दी जाती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस दिन धातु के तेज हथियारों का प्रयोग करने से पूजा के फल में बाधा आती है।
3. लोहे के बर्तनों का परहेज: नाग पंचमी पर लोहे की कढ़ाई या तवे पर खाना पकाने से बचना चाहिए। विशेष रूप से रोटी बनाने के लिए तवे का उपयोग नहीं किया जाता। कई क्षेत्रों में इस दिन भोजन उबालकर या भाप में पकाकर ग्रहण किया जाता है। लोहे को नाग देवता का प्रतीक मानकर उस पर आग तपाना अनुचित समझा जाता है।
4. सांप को कष्ट न पहुंचाएं: यह दिन नागों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का है। यदि आपके घर या आस-पास कोई सांप नजर आए, तो उसे मारना या सताना महापाप माना जाता है। ऑस्ट्रेलिया में जहां सांपों की कई प्रजातियां पाई जाती हैं, वहां यह धार्मिक नियम वन्यजीव संरक्षण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। किसी भी सांप को नुकसान पहुंचाने के बजाय वन्यजीव विशेषज्ञों की मदद लेनी चाहिए।
5. पेड़ों की कटाई न करें: पेड़ों को काटना या उनके पत्तों को तोड़ना भी इस दिन अशुभ माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार, नाग देवता का वास जंगलों और पेड़ों के नीचे भी होता है। इसलिए प्रकृति का सम्मान करना इस त्योहार का अभिन्न हिस्सा है।
नाग पंचमी के दिन महादेव और नाग देवता का रुद्राभिषेक करना अत्यंत फलदायी होता है। ऑस्ट्रेलिया के स्थानीय मंदिरों में भक्त दूध और जल से अभिषेक कर अपने पितृ दोष और कालसर्प दोष की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं। नियमों का सही पालन न केवल आध्यात्मिक शांति लाता है, बल्कि हमारे पारिस्थितिकी तंत्र के प्रति हमारी जिम्मेदारी को भी दर्शाता है।
संबंधित ख़बरें
ब्रेकिंग
हरियाणा के सुपरस्टार बिंदर दनौदा की नई फिल्म 'वेव्स ओटीटी' पर रिलीज, क्षेत्रीय सिनेमा में उत्साह का माहौल
हरियाणवी कलाकार बिंदर दनौदा की नई फिल्म 6 अगस्त को वेव्स ओटीटी पर रिलीज हो गई है, जिससे प्रशंसकों और क्षेत्रीय सिनेमा प्रेमियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
17 अग॰ 2026, 08:58 am

ब्रेकिंगब्रेकिंग
मऊ: 'वंदे मातरम' के उद्घोष से गूंजा शहर, सांस्कृतिक गौरव और देशभक्ति का दिखा अद्भुत संगम
उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान 'वंदे मातरम' के स्वरों ने वातावरण को देशभक्ति के रंग में रंग दिया, जिसकी गूंज सात समंदर पार भी सुनाई दे रही है।
17 अग॰ 2026, 08:38 am

ब्रेकिंगब्रेकिंग
उधम सिंह नगर: बकरी पालन ने बदली मालती की किस्मत, आत्मनिर्भरता की नई मिसाल की पेश
उत्तराखंड के उधम सिंह नगर की मालती ने बकरी पालन के जरिए न केवल अपनी आर्थिक स्थिति सुधारी, बल्कि आज वे क्षेत्र की महिलाओं के लिए स्वावलंबन का प्रतीक बन गई हैं।
17 अग॰ 2026, 08:37 am
