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मुंबई: डिपोर्ट होने के बाद जंगल के रास्ते फिर भारत घुसा बांग्लादेशी जोड़ा, दादर से पुलिस ने दबोचा
ICN24 Newsroom 12 जून 2026, 02:31 pm

मुंबई पुलिस ने एक बांग्लादेशी दंपत्ति को गिरफ्तार किया है, जिन्हें पिछले साल डिपोर्ट किया गया था लेकिन वे अवैध रूप से फिर भारत लौट आए।
मुंबई पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दादर के भोइवाड़ा इलाके से एक बांग्लादेशी दंपत्ति को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस जोड़े को पिछले साल ही भारत से डिपोर्ट (निर्वासित) किया गया था, लेकिन वे सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देकर फिर से सीमा पार कर मुंबई पहुंच गए। गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान लिटन शोहिद मुल्ला (43) और उसकी पत्नी पापी बेगम (37) के रूप में हुई है, जो बांग्लादेश के नोआखली जिले के निवासी हैं।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि अवैध रूप से भारत में दाखिल हुए दो विदेशी नागरिक दादर के भोइवाड़ा इलाके में छिपे हुए हैं। इस इनपुट के आधार पर पुलिस टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही दंपत्ति ने पुलिस को देखा, उन्होंने भागने की कोशिश की, जिससे संदेह गहरा गया। हिरासत में लेकर की गई कड़ी पूछताछ के बाद, उन्होंने स्वीकार किया कि वे बांग्लादेशी नागरिक हैं और उनके पास भारत में रहने के लिए कोई वैध दस्तावेज नहीं हैं।
जांच में खुलासा हुआ कि इस दंपत्ति को 14 जुलाई, 2025 (सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार निर्धारित तिथि) को विदेशी पंजीकरण कार्यालय (FRO) और मुंबई पुलिस की विशेष शाखा द्वारा डिपोर्ट किया गया था। हालांकि, बांग्लादेश वापस भेजे जाने के कुछ ही महीनों बाद, वे एक दुर्गम 'जंगल मार्ग' के जरिए अवैध रूप से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर भारत में वापस घुस आए। आरोपी पिछले पांच महीनों से नवी मुंबई के कोपरखैरने इलाके में रह रहे थे।
पुलिस ने जब आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच की, तो उसमें बांग्लादेशी पहचान पत्रों के डिजिटल दस्तावेज मिले। साथ ही, कॉल रिकॉर्ड से पता चला कि वे लगातार बांग्लादेश के कुछ नंबरों के संपर्क में थे। यह मामला न केवल सीमा सुरक्षा पर सवाल उठाता है, बल्कि उस सक्रिय नेटवर्क की ओर भी इशारा करता है जो अवैध प्रवासियों को घुसपैठ और ठहरने में मदद करता है। पुलिस अब उस सटीक रास्ते और उन मददगारों की तलाश कर रही है जिन्होंने इन्हें फिर से मुंबई आने में सहायता की।
यह घटना भारतीय प्रवासियों के लिए भी एक चिंता का विषय है, खासकर ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए, जहाँ वीजा नियमों और अवैध प्रवासन को लेकर सख्त कानून हैं। यह मामला दिखाता है कि कैसे सुरक्षा खामियों का फायदा उठाकर अपराधी और अवैध प्रवासी बार-बार सीमाओं का उल्लंघन करते हैं। आरोपियों के खिलाफ आव्रजन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।
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