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मैरी मिलबेन ने जी-7 शिखर सम्मेलन को बताया महत्वपूर्ण अवसर, पीएम मोदी और ट्रंप के बीच संबंध सुधारने की अपील

ICN24 Newsroom 14 जून 2026, 09:01 pm
मैरी मिलबेन ने जी-7 शिखर सम्मेलन को बताया महत्वपूर्ण अवसर, पीएम मोदी और ट्रंप के बीच संबंध सुधारने की अपील

अफ्रीकी-अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन ने राष्ट्रपति ट्रंप से अपील की है कि वे जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करें और भारतीय जनता का विश्वास जीतें।

वॉशिंगटन: प्रसिद्ध अफ्रीकी-अमेरिकी गायिका और भारत-अमेरिका संबंधों की मुखर समर्थक मैरी मिलबेन ने आगामी जी-7 शिखर सम्मेलन को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है। मिलबेन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से अपील की है कि वे इस मंच का उपयोग भारत के साथ संबंधों को 'ठीक' करने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रणनीतिक साझेदारी को नया जीवन देने के लिए करें। मिलबेन, जो भारत में अपनी राष्ट्रभक्तिपूर्ण प्रस्तुतियों और प्रधानमंत्री मोदी के प्रति सम्मान के लिए जानी जाती हैं, ने जोर देकर कहा कि अमेरिका और भारत के बीच का गठबंधन वैश्विक स्थिरता के लिए अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि आगामी शिखर सम्मेलन ट्रंप के लिए भारतीय जनता का 'भरोसा वापस जीतने' का एक सुनहरा मौका है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब वैश्विक राजनीति में बड़े बदलाव देखे जा रहे हैं और भारत की भूमिका एक प्रमुख शक्ति के रूप में उभरी है। अपने संदेश में मिलबेन ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना की और संकेत दिया कि पिछले कुछ समय में कूटनीतिक स्तर पर जो दूरियां आई हैं, उन्हें सक्रिय संवाद के माध्यम से पाटा जा सकता है। उन्होंने तर्क दिया कि जी-7 शिखर सम्मेलन केवल आर्थिक चर्चाओं का केंद्र नहीं होना चाहिए, बल्कि यह दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच साझा मूल्यों को दोहराने का भी स्थान है। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए यह घटनाक्रम विशेष महत्व रखता है। ऑस्ट्रेलिया, भारत और अमेरिका 'क्वाड' (QUAD) के माध्यम से एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। मिलबेन की यह अपील इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा और आर्थिक सहयोग को और मजबूती प्रदान कर सकती है। सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में बसे प्रवासी भारतीय भी इन वैश्विक समीकरणों पर पैनी नजर रखते हैं, क्योंकि भारत-अमेरिका संबंधों की मजबूती का सीधा असर प्रवासी भारतीयों की साख और क्षेत्र की शांति पर पड़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि मिलबेन जैसी प्रभावशाली हस्तियों द्वारा की गई ऐसी अपीलें अक्सर सॉफ्ट पावर के रूप में कार्य करती हैं, जो राजनीतिक नेतृत्व पर जनता की भावनाओं को पहुंचाने का काम करती हैं। अब सबकी नजरें जी-7 शिखर सम्मेलन पर टिकी हैं कि क्या राष्ट्रपति ट्रंप इस सुझाव को गंभीरता से लेते हुए नई दिल्ली के साथ एक नई शुरुआत करेंगे।
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