लाइव
राजनीति
राजनीति

ममता बनर्जी को बड़ा झटका: TMC के 20 बागी सांसदों का NCPI में विलय, NDA को समर्थन का किया ऐलान

ICN24 Newsroom 14 जून 2026, 11:01 pm
ममता बनर्जी को बड़ा झटका: TMC के 20 बागी सांसदों का NCPI में विलय, NDA को समर्थन का किया ऐलान

तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों ने त्रिपुरा की नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी (NCPI) में विलय कर लिया है और संसद में एनडीए को समर्थन देने की घोषणा की है।

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 28 लोकसभा सांसदों में से 20 बागी सांसदों के एक बड़े गुट ने त्रिपुरा की नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी (NCPI) में विलय का औपचारिक ऐलान कर दिया है। इस गुट ने केंद्र की सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को अपना समर्थन देने की भी घोषणा की है, जिससे लोकसभा के भीतर समीकरणों में बड़ा बदलाव आना तय है। बागी गुट की वरिष्ठ नेता काकोली घोष दस्तीदार ने रविवार शाम को नई दिल्ली में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने एक आधिकारिक पत्र सौंपकर मांग की कि उनके गुट को सदन में अलग बैठने की जगह आवंटित की जाए। दस्तीदार ने मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट किया कि उनका समूह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए विकास के एजेंडे में शामिल होना चाहता है। उन्होंने कहा, 'हमने पीएम मोदी के विजन और एनडीए की कार्यप्रणाली के तहत काम करने का निर्णय लिया है।' इस राजनीतिक हलचल के केंद्र में प्रमुख सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय और शताब्दी रॉय भी शामिल हैं। इन नेताओं ने पुष्टि की कि उनका गुट पहले ही एनसीपीआई (NCPI) में अपना विलय पूरा कर चुका है। स्पीकर के साथ हुई बैठक की जो तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, उनमें लगभग 17 सांसद प्रत्यक्ष रूप से मौजूद थे, जबकि बाकी तीन सांसदों ने पत्र के माध्यम से अपनी सहमति प्रदान की है। यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल की राजनीति के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ माना जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय और विशेष रूप से बंगाल मूल के प्रवासियों के लिए यह खबर काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि तृणमूल कांग्रेस लंबे समय से राज्य में एक मजबूत शक्ति रही है। सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में सक्रिय बंगाली प्रवासी अक्सर राज्य की राजनीति पर गहरी नजर रखते हैं, और इतने बड़े स्तर पर पार्टी में टूट ममता बनर्जी के लिए एक गंभीर चुनौती पेश कर सकती है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में सांसदों के बागी होने से दलबदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) का खतरा भी कम हो सकता है, क्योंकि यह संख्या कुल सांसदों के दो-तिहाई के करीब है। यदि स्पीकर इस विलय को मान्यता दे देते हैं, तो संसद में टीएमसी की ताकत काफी घट जाएगी। अब सबकी निगाहें लोकसभा सचिवालय की अगली कार्रवाई और टीएमसी नेतृत्व की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं कि वे इस संवैधानिक संकट से कैसे निपटते हैं।
शेयर:

संबंधित ख़बरें

तसलीमा नसरीन की गुहार: 'स्वदेश बांग्लादेश लौटना चाहती हूँ, लेकिन राह में खड़ी हैं कानूनी बाधाएं'
राजनीति

तसलीमा नसरीन की गुहार: 'स्वदेश बांग्लादेश लौटना चाहती हूँ, लेकिन राह में खड़ी हैं कानूनी बाधाएं'

निर्वासित लेखिका तसलीमा नसरीन ने बांग्लादेश लौटने की अपनी तीव्र इच्छा व्यक्त की है, लेकिन पासपोर्ट नवीनीकरण न होने के कारण वे स्वदेश नहीं जा पा रही हैं।

6 अग॰ 2026, 06:37 am
बोचहाँ की तीन पंचायतों में सहयोग शिविर: 267 शिकायतों का पंजीकरण और मौके पर समाधान
राजनीति

बोचहाँ की तीन पंचायतों में सहयोग शिविर: 267 शिकायतों का पंजीकरण और मौके पर समाधान

मुजफ्फरपुर के बोचहाँ में मुख्यमंत्री सात निश्चय-3 के तहत आयोजित शिविरों में 267 आवेदन प्राप्त हुए, जिनका त्वरित निस्तारण किया गया।

6 अग॰ 2026, 05:37 am
ईरान युद्ध की आंच में खाली हुआ अमेरिका का मिसाइल भंडार; रिपोर्ट में भारी कमी का दावा
राजनीति

ईरान युद्ध की आंच में खाली हुआ अमेरिका का मिसाइल भंडार; रिपोर्ट में भारी कमी का दावा

मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के कारण अमेरिका का मिसाइल भंडार गंभीर स्तर तक कम हो गया है। ATACMS और टोमाहॉक जैसी महत्वपूर्ण मिसाइलों की आपूर्ति में भारी गिरावट आई है।

6 अग॰ 2026, 04:37 am