राजनीति
लखनऊ: फायर एनओसी नोटिस के खिलाफ व्यापारियों का विरोध, सख्त नियमों को बताया अव्यवहारिक
ICN24 Newsroom 3 अग॰ 2026, 08:38 am

लखनऊ के व्यापारियों ने अग्निशमन विभाग द्वारा जारी फायर एनओसी नोटिस का विरोध शुरू कर दिया है। व्यापारियों का कहना है कि पुराने बाजारों में इन नियमों का पालन करना असंभव है।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इन दिनों प्रशासनिक सख्ती और व्यापारियों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। शहर के विभिन्न व्यापारिक संगठनों ने अग्निशमन विभाग (Fire Department) द्वारा जारी किए गए फायर 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (NOC) के नोटिसों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। व्यापारियों का तर्क है कि प्रशासन द्वारा थोपे जा रहे नियम न केवल अत्यंत कठोर हैं, बल्कि पुराने और घनी आबादी वाले बाजारों में इन्हें लागू करना तकनीकी और व्यावहारिक रूप से असंभव है।
यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से लखनऊ के ऐतिहासिक व्यापारिक केंद्रों जैसे अमीनाबाद, हजरतगंज और चौक के इलाकों में तेज देखा जा रहा है। व्यापारियों की मुख्य शिकायत यह है कि विभाग ने उन इमारतों को भी नोटिस भेजे हैं जो दशकों पुरानी हैं और जहां आधुनिक फायर फाइटिंग सिस्टम लगाने के लिए पर्याप्त जगह या बुनियादी ढांचा मौजूद नहीं है। व्यापारी संगठनों का कहना है कि सरकार को सुरक्षा और व्यवसाय के बीच संतुलन बनाने की आवश्यकता है।
लखनऊ के प्रमुख व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने एक बैठक के दौरान कहा कि वे सुरक्षा मानकों के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन विभाग का रवैया दमनकारी है। उनके अनुसार, 'इंस्पेक्टर राज' को बढ़ावा देने वाले इन नोटिसों से छोटे व्यापारियों में भय का माहौल है। व्यापारियों ने मांग की है कि पुराने बाजारों के लिए विशेष मानक (Norms) तैयार किए जाएं, क्योंकि वहां की गलियां संकरी हैं और इमारतों का ढांचा आधुनिक मानकों के अनुरूप नहीं है। यदि प्रशासन ने अपनी नीतियों में बदलाव नहीं किया, तो व्यापारी आंदोलन को और उग्र करने की चेतावनी दे रहे हैं।
दूसरी ओर, प्रशासन का पक्ष है कि सार्वजनिक सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। हाल के वर्षों में लखनऊ के कई होटल और व्यावसायिक परिसरों में हुई अग्निकांड की घटनाओं को देखते हुए विभाग ने सुरक्षा ऑडिट तेज कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि एनओसी की प्रक्रिया को डिजिटल किया गया है ताकि पारदर्शिता बनी रहे, लेकिन व्यापारी इसे अतिरिक्त आर्थिक बोझ के रूप में देख रहे हैं।
इस मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय और अनिवासी भारतीयों (NRIs) के लिए भी प्रासंगिक है। कई प्रवासी भारतीयों का लखनऊ जैसे शहरों में व्यावसायिक निवेश है या उनके परिवार वहां बड़े स्तर पर व्यापार से जुड़े हैं। ऑस्ट्रेलिया में अग्नि सुरक्षा के कड़े मानकों (जैसे Australian Standards AS 1851) को देखते हुए, वहां रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए यह समझना चुनौतीपूर्ण हो सकता है कि भारत में इन नियमों का कार्यान्वयन इतना जटिल क्यों है। हालांकि, भारत के पुराने शहरों की भौगोलिक स्थिति और बुनियादी ढांचे की सीमाएं अक्सर विकास और सुरक्षा के बीच एक बड़ी बाधा बनकर सामने आती हैं।
फिलहाल, मामला राजनीतिक मोड़ ले चुका है, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों ने व्यापारियों के समर्थन में बयान दिए हैं। व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही मुख्यमंत्री और संबंधित अधिकारियों से मिलकर अपनी समस्याओं का समाधान खोजने की कोशिश करेगा। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या प्रशासन नियमों में कोई ढील देता है या सुरक्षा के नाम पर कड़ाई जारी रहती है।
संबंधित ख़बरें

राजनीति
पीएम मोदी ने किया 'नशा मुक्त भारत' अभियान का शुभारंभ, '100 रविवार' जागरूकता अभियान की घोषणा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'विकसित भारत' के संकल्प के साथ देश के युवाओं को नशे के चंगुल से बाहर निकालने के लिए एक राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत की है।
3 अग॰ 2026, 09:37 am

राजनीति
लखनऊ: फायर एनओसी के नोटिस पर व्यापारियों का प्रदर्शन, पुराने बाजारों में नियमों को लेकर छिड़ी रार
लखनऊ के व्यापारियों ने फायर एनओसी के नोटिस का कड़ा विरोध किया है। उनका कहना है कि पुराने बाजारों की संकरी गलियों और पुरानी इमारतों में नए सुरक्षा नियमों को लागू करना व्यावहारिक रूप से असंभव है।
3 अग॰ 2026, 08:37 am
राजनीति
2028 अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव: पीट बटिगिएग बने डेमोक्रेटिक समर्थकों की पहली पसंद, सर्वे में मिला 24% समर्थन
मिशिगन में हुए एक नए सर्वे के अनुसार, 24 प्रतिशत डेमोक्रेटिक मतदाता 2028 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए पूर्व परिवहन सचिव पीट बटिगिएग का समर्थन कर रहे हैं।
3 अग॰ 2026, 07:37 am
