राजनीति
लश्कर-ए-तैयबा का बड़ा खुलासा: पाकिस्तान में 30 आतंकियों की 'टारगेट किलिंग', भारतीय एजेंसियों पर लगाया आरोप
ICN24 Newsroom 4 अग॰ 2026, 03:37 pm

आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने स्वीकार किया है कि पाकिस्तान में उसके 30 से अधिक आतंकी मारे जा चुके हैं, जिसके लिए उसने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को जिम्मेदार ठहराया है।
पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। संगठन ने आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है कि पिछले कुछ समय में पाकिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में उसके कम से कम 30 आतंकी 'टारगेट किलिंग' का शिकार हुए हैं। लश्कर ने इन हत्याओं के पीछे भारतीय सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों का हाथ होने का आरोप लगाया है। यह स्वीकारोक्ति ऐसे समय में आई है जब पाकिस्तान में भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल कई हाई-प्रोफाइल आतंकियों की रहस्यमय तरीके से हत्याओं का सिलसिला जारी है।
लश्कर-ए-तैयबा के नेतृत्व ने एक आंतरिक संचार और सोशल मीडिया पर प्रसारित संदेशों में बताया कि उनके कैडरों को योजनाबद्ध तरीके से निशाना बनाया जा रहा है। इनमें से कई आतंकी वे थे जो भारत में 26/11 मुंबई हमलों या जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ और हमलों की साजिशों में शामिल रहे थे। संगठन का दावा है कि इन हत्याओं को 'अज्ञात हमलावरों' द्वारा अंजाम दिया जा रहा है, जिन्हें कथित तौर पर सीमा पार से समर्थन मिल रहा है। हालांकि, भारत ने हमेशा ऐसे आरोपों को निराधार बताया है और पाकिस्तान को अपनी धरती पर पनप रहे आतंकवाद पर लगाम लगाने की चेतावनी दी है।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम पाकिस्तान में आतंकियों के लिए उपलब्ध 'सुरक्षित पनाहगाहों' के सिकुड़ने का संकेत है। पिछले दो वर्षों में हाफिज सईद और मसूद अजहर जैसे सरगनाओं के करीबी सहयोगियों को मस्जिदों के बाहर, बाजारों में या उनके घरों के पास निशाना बनाया गया है। लश्कर का यह कबूलनामा दर्शाता है कि अब आतंकी संगठनों के भीतर भारी डर और असुरक्षा का माहौल है। वे अब खुलेआम घूमने या सार्वजनिक गतिविधियों में शामिल होने से कतरा रहे हैं।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है। ऑस्ट्रेलिया सरकार ने लश्कर-ए-तैयबा को एक आतंकवादी संगठन के रूप में सूचीबद्ध किया है और इसके खिलाफ सख्त रुख अपना रखा है। सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में रहने वाले भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई नागरिक अक्सर दक्षिण एशिया की सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंतित रहते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आतंकी बुनियादी ढांचे का कमजोर होना वैश्विक सुरक्षा के लिए अच्छा संकेत है। मेलबर्न स्थित एक सुरक्षा विश्लेषक के अनुसार, 'जब आतंकी संगठन अपनी कमजोरी स्वीकार करते हैं, तो यह उनकी भर्ती प्रक्रिया और मनोबल पर सीधा प्रहार करता है।'
फिलहाल, पाकिस्तान की सरकार और उसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) ने इन हत्याओं पर चुप्पी साध रखी है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान अक्सर खुद को आतंकवाद का पीड़ित बताता रहा है, लेकिन लश्कर जैसे संगठनों का यह कबूलनामा साबित करता है कि ये आतंकी आज भी पाकिस्तान की जमीन का इस्तेमाल कर रहे हैं। भारत ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाता रहेगा।
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