राजनीति
जम्मू-कश्मीर में विवादित किताबों पर बड़ी कार्रवाई: 8 अधिकारी निलंबित, FIR दर्ज
ICN24 Newsroom 5 जुल॰ 2026, 10:31 am

जम्मू-कश्मीर सरकार ने स्कूलों में अलगाववाद को बढ़ावा देने वाली पुस्तकों के मामले में आठ अधिकारियों को निलंबित कर दिया है और इस मामले में पुलिस जांच शुरू हो गई है।
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने केंद्र शासित प्रदेश के स्कूली पुस्तकालयों में अलगाववादियों और आतंकवादियों का महिमामंडन करने वाली विवादित पुस्तकों की मौजूदगी के खिलाफ एक बड़ी कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई शुरू की है। इस गंभीर चूक के मद्देनजर, सरकार ने तत्काल प्रभाव से आठ शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निलंबित कर दिया है और मामले की गहन जांच के लिए एक उच्च-स्तरीय विभागीय समिति का गठन किया है।
यह कार्रवाई उन रिपोर्टों के बाद सामने आई है जिनमें दावा किया गया था कि सरकारी स्कूलों के पुस्तकालयों में ऐसी सामग्री उपलब्ध कराई गई थी जो राष्ट्र-विरोधी भावनाओं को भड़का सकती है। प्राथमिक जांच में पाया गया कि इन किताबों की खरीद और वितरण की प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन किया गया था। निलंबित अधिकारियों पर ड्यूटी में लापरवाही बरतने और ऐसी विवादास्पद सामग्री को मंजूरी देने का आरोप है जो नई पीढ़ी के दिमाग को प्रभावित कर सकती थी।
पुलिस ने इस मामले में अज्ञात व्यक्तियों और संबंधित विभाग के कुछ अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) भी दर्ज की है। श्रीनगर और आसपास के इलाकों में विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की गई है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन किताबों की आपूर्ति के पीछे कौन से संगठन या प्रकाशक शामिल थे। जांच एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि क्या इन पुस्तकों के चयन में किसी बाहरी दबाव या गुप्त एजेंडे का हाथ था।
जम्मू-कश्मीर के शिक्षा विभाग ने एक स्पष्ट संदेश जारी किया है कि शैक्षणिक संस्थानों में किसी भी प्रकार की कट्टरपंथी या विभाजनकारी सामग्री के लिए 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाएगी। सरकार ने निर्देश दिया है कि केंद्र शासित प्रदेश के सभी स्कूलों की लाइब्रेरी के स्टॉक की पुनः समीक्षा की जाए ताकि किसी भी आपत्तिजनक सामग्री को तुरंत हटाया जा सके। यह कदम उस व्यापक सुधार प्रक्रिया का हिस्सा है जिसका उद्देश्य कश्मीर के युवाओं को मुख्यधारा की शिक्षा और राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ना है।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए यह खबर विशेष महत्व रखती है। प्रवासी भारतीय अक्सर कश्मीर में स्थिरता और वहां की शिक्षा प्रणाली के आधुनिकीकरण के पक्षधर रहे हैं। मेलबर्न और सिडनी जैसे शहरों में रहने वाले कश्मीरी प्रवासियों का मानना है कि स्कूल ही वह स्थान हैं जहां युवाओं के भविष्य की नींव रखी जाती है, और वहां किसी भी प्रकार का भ्रामक प्रचार शांति के प्रयासों को बाधित कर सकता है। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई को सुरक्षा और सामाजिक समरसता की दिशा में एक सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
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