राजनीति
भारत और न्यूज़ीलैंड ने 'रणनीतिक साझेदारी 2030' का रोडमैप किया जारी; व्यापार और सुरक्षा पर जोर
ICN24 Newsroom 12 जुल॰ 2026, 12:31 am

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूज़ीलैंड के पीएम क्रिस्टोफर लक्सन के बीच ऑकलैंड में हुई बैठक के बाद दोनों देशों ने 2030 तक का रणनीतिक रोडमैप साझा किया है।
भारत और न्यूज़ीलैंड ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को एक नए युग में ले जाने के उद्देश्य से 'इंडिया-न्यूज़ीलैंड स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप: 2030 रोडमैप' का अनावरण किया है। ऑकलैंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के बीच हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद इस ऐतिहासिक दस्तावेज़ को साझा किया गया। यह रोडमैप अगले छह वर्षों के लिए दोनों देशों के बीच सहयोग के प्रमुख स्तंभों को परिभाषित करता है, जिसमें व्यापार, रक्षा, शिक्षा और तकनीकी नवाचार पर विशेष ध्यान दिया गया है।
इस रणनीतिक साझेदारी का प्राथमिक उद्देश्य आर्थिक संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ बनाना है। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय व्यापार में आ रही बाधाओं को दूर करने और मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की दिशा में संभावनाओं को तलाशने पर सहमति व्यक्त की है। न्यूज़ीलैंड ने भारत के विशाल बाजार में अपनी डेयरी, कृषि और उच्च तकनीक वाली सेवाओं की पहुंच बढ़ाने की इच्छा जताई है, जबकि भारत ने न्यूज़ीलैंड के साथ सूचना प्रौद्योगिकी और फार्मास्यूटिकल्स क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर जोर दिया।
रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में, रोडमैप हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए साझा दृष्टिकोण को रेखांकित करता है। दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा, साइबर खतरों और आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम करने का संकल्प लिया है। ऑस्ट्रेलिया के पड़ोसी देश होने के नाते, न्यूज़ीलैंड और भारत के बीच यह बढ़ती निकटता ओशिनिया क्षेत्र में एक नया रणनीतिक संतुलन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यह विकास उन भारतीय प्रवासियों के लिए भी महत्वपूर्ण है जो ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड दोनों देशों में व्यापारिक और पारिवारिक संबंध रखते हैं।
शिक्षा और जन-जन के बीच संपर्क (People-to-People ties) इस रोडमैप का एक और महत्वपूर्ण हिस्सा है। दोनों प्रधानमंत्रियों ने छात्रों और पेशेवरों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए वीजा प्रक्रियाओं को सरल बनाने और शैक्षिक योग्यताओं की पारस्परिक मान्यता पर चर्चा की। वर्तमान में, न्यूज़ीलैंड में भारतीय छात्रों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, और यह नया रोडमैप उनके भविष्य के लिए और अधिक अवसर प्रदान करने का वादा करता है।
सांस्कृतिक स्तर पर, न्यूज़ीलैंड ने भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका की सराहना की है। प्रधानमंत्री लक्सन ने भारत को एक 'वैश्विक शक्ति' के रूप में स्वीकार किया और कहा कि न्यूज़ीलैंड के लिए भारत के साथ संबंध सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक हैं। इस रोडमैप के तहत, दोनों देश नियमित उच्च-स्तरीय यात्राओं और मंत्रिस्तरीय संवादों के माध्यम से अपने संबंधों की समीक्षा करते रहेंगे। यह पहल न केवल दोनों देशों के आर्थिक विकास को गति देगी, बल्कि दक्षिण प्रशांत क्षेत्र में भारत की उपस्थिति को भी मजबूती प्रदान करेगी।
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