ब्रेकिंग न्यूज़ब्रेकिंग
फिजियोथेरेपी: केवल चोट ही नहीं, इन 7 बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं में भी है बेहद कारगर; एनएचएस ने साझा की जानकारी
ICN24 Newsroom 11 जुल॰ 2026, 06:31 pm

एनएचएस के अनुसार फिजियोथेरेपी केवल चोट के बाद की रिकवरी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पुरानी बीमारियों और जीवनशैली से जुड़ी समस्याओं में भी सहायक है।
अक्सर जब हम 'फिजियोथेरेपी' शब्द सुनते हैं, तो हमारे दिमाग में किसी खिलाड़ी की चोट या किसी गंभीर दुर्घटना के बाद होने वाले पुनर्वास (rehabilitation) की तस्वीर उभरती है। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों और ब्रिटेन की नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) के अनुसार, यह धारणा काफी सीमित है। फिजियोथेरेपी एक बहुआयामी चिकित्सा पद्धति है जो न केवल हड्डियों और मांसपेशियों के दर्द को ठीक करती है, बल्कि कई पुरानी और जटिल बीमारियों के प्रबंधन में भी क्रांतिकारी भूमिका निभा सकती है। विशेष रूप से ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए, जहां बदलती जीवनशैली और डेस्क जॉब्स के कारण स्वास्थ्य चुनौतियां बढ़ रही हैं, इसे समझना अनिवार्य है।
एनएचएस ने ऐसी सात प्रमुख स्थितियों की पहचान की है जहां फिजियोथेरेपी दवा मुक्त उपचार के रूप में उत्कृष्ट परिणाम दे सकती है। इनमें सबसे पहला है 'हृदय और फेफड़ों का स्वास्थ्य'। फिजियोथेरेपिस्ट सांस लेने की तकनीक और कार्डियक रिहैबिलिटेशन के जरिए अस्थमा, सीओपीडी (COPD) और दिल के दौरे के बाद मरीजों की रिकवरी में मदद करते हैं। दूसरा महत्वपूर्ण क्षेत्र 'न्यूरोलॉजिकल स्थितियां' हैं। स्ट्रोक, पार्किंसंस और मल्टीपल स्केलेरोसिस जैसी बीमारियों में फिजियोथेरेपी शरीर के संतुलन और गतिशीलता को बनाए रखने में मदद करती है।
तीसरा, पुरानी पीठ और गर्दन का दर्द (Chronic Pain), जो आईटी पेशेवरों और सिडनी-मेलबर्न जैसे शहरों में लंबी दूरी तय करने वाले ड्राइवरों में आम है। फिजियोथेरेपी केवल दर्द निवारक नहीं है, बल्कि यह दर्द के मूल कारण को सुधारती है। चौथा है 'मानसिक स्वास्थ्य'। व्यायाम और शारीरिक गतिविधि एंडोर्फिन रिलीज करती है, जो तनाव और अवसाद को कम करने में सहायक है। पांचवां क्षेत्र 'महिलाओं का स्वास्थ्य' है, जिसमें गर्भावस्था के दौरान और बाद में पेल्विक फ्लोर की मजबूती शामिल है। छठा, उम्र से संबंधित समस्याएं जैसे ऑस्टियोपोरोसिस और गठिया, जहां फिजियोथेरेपी बुजुर्गों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करती है। अंत में, सातवां क्षेत्र 'ऑपरेशन से पहले की तैयारी' है, जिसे 'प्री-हैब' कहा जाता है, ताकि सर्जरी के बाद रिकवरी तेज हो सके।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीयों के लिए स्वास्थ्य बीमा और मेडिकेयर के माध्यम से फिजियोथेरेपी सेवाओं तक पहुंचना अब आसान हो गया है। यदि आप मधुमेह या हृदय रोग जैसी पुरानी बीमारी (Chronic Disease Management Plan) से जूझ रहे हैं, तो अपने जीपी (GP) से परामर्श कर आप सब्सिडी वाली फिजियोथेरेपी सत्र प्राप्त कर सकते हैं। यह न केवल आपके शरीर को लचीला बनाता है, बल्कि दीर्घकालिक रूप से दवाओं पर निर्भरता को भी कम करता है।
संबंधित ख़बरें

ब्रेकिंगब्रेकिंग
जेडी वेंस की 'विस्कॉन्सिन लहजे' की कोशिश पड़ी महंगी, सोशल मीडिया पर बनावटी व्यवहार के लिए हो रही है आलोचना
रिपब्लिकन उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जेडी वेंस को मिलवाकी में एक भाषण के दौरान स्थानीय लहजे की नकल करने की कोशिश पर सोशल मीडिया पर भारी उपहास का सामना करना पड़ रहा है।
11 जुल॰ 2026, 07:31 pm

ब्रेकिंगब्रेकिंग
ईरान को डोनाल्ड ट्रंप की खुली चुनौती: 'अगर मुझे कुछ हुआ तो होगा भयानक अंजाम', इजरायली खुफिया रिपोर्ट के बाद तनाव चरम पर
इजरायली खुफिया इनपुट के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि उनकी हत्या की कोशिश हुई, तो ईरान को इसके लिए अभूतपूर्व कीमत चुकानी होगी।
11 जुल॰ 2026, 05:31 pm

ब्रेकिंगब्रेकिंग
दिल्ली: EWS और DG कोटे के तहत दूसरे ड्रा में 8,000 से अधिक छात्रों का चयन, निजी स्कूलों में मिलेगा दाखिला
दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने EWS, DG और CWSN श्रेणियों के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए दूसरे ड्रा के परिणामों की घोषणा की है, जिसमें 8,000 से अधिक बच्चों का चयन हुआ है।
11 जुल॰ 2026, 04:31 pm

