ऑस्ट्रेलिया
इंश्योरेंस ब्रोकर्स के 'कोड ऑफ प्रैक्टिस' पर अंतिम निर्णय की घड़ी नजदीक, शुक्रवार को खत्म हो रही है समय सीमा
ICN24 Newsroom 7 अग॰ 2026, 06:39 am

ऑस्ट्रेलिया में बीमा दलालों के नए नियमों पर सुझाव देने का अंतिम मौका शुक्रवार को समाप्त हो रहा है। एनआईबीए शुल्क पारदर्शिता पर अडिग है।
ऑस्ट्रेलियाई बीमा उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ आते हुए, नेशनल इंश्योरेंस ब्रोकर्स एसोसिएशन (NIBA) द्वारा प्रस्तावित संशोधित 'कोड ऑफ प्रैक्टिस' पर प्रतिक्रिया देने की समय सीमा इस शुक्रवार को समाप्त हो रही है। यह नया कोड न केवल बीमा दलालों के कामकाज के तरीकों को परिभाषित करेगा, बल्कि ग्राहकों के साथ उनके वित्तीय संबंधों में पारदर्शिता के नए मानक भी स्थापित करेगा। एनआईबीए ने स्पष्ट किया है कि वह शुल्क प्रकटीकरण (fee disclosure) और हितों के टकराव (conflicts of interest) के प्रबंधन पर अपने कड़े रुख से पीछे हटने वाला नहीं है।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय मूल के व्यवसायियों और पेशेवरों के लिए यह खबर विशेष महत्व रखती है। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय का एक बड़ा हिस्सा छोटे और मध्यम उद्योगों (SMEs), जैसे कि रेस्तरां, आईटी परामर्श और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में सक्रिय है। ये व्यवसायी अपनी संपत्तियों और दायित्वों की सुरक्षा के लिए अक्सर बीमा दलालों पर निर्भर रहते हैं। प्रस्तावित कोड के तहत, दलालों को अब यह स्पष्ट रूप से बताना होगा कि वे अपनी सेवाओं के लिए कितना शुल्क ले रहे हैं और क्या उन्हें बीमा कंपनियों से कोई गुप्त कमीशन या प्रोत्साहन मिल रहा है।
संशोधित कोड का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों के हितों की रक्षा करना और उद्योग में विश्वास बढ़ाना है। एनआईबीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने संकेत दिया है कि शुल्क की पारदर्शिता केवल एक विकल्प नहीं बल्कि एक आवश्यकता है। हालांकि उद्योग के कुछ हलकों में इस बात को लेकर बहस थी कि क्या विस्तृत शुल्क विवरण से ग्राहकों में भ्रम पैदा होगा, लेकिन एनआईबीए का मानना है कि पूर्ण प्रकटीकरण ही पेशेवर नैतिकता का एकमात्र मार्ग है।
भारतीय समुदाय के लिए, जो अक्सर पारिवारिक व्यवसायों के माध्यम से ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था में योगदान देता है, यह बदलाव अधिक सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। अक्सर भाषा की बाधा या जटिल बीमा नियमों के कारण, समुदाय के कुछ सदस्य यह नहीं समझ पाते कि उनके द्वारा भुगतान किए गए प्रीमियम का कितना हिस्सा दलाल की जेब में जा रहा है। नए नियमों के लागू होने के बाद, दलालों को अपनी फीस के बारे में लिखित जानकारी देनी होगी, जिससे ग्राहकों को तुलनात्मक निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
शुक्रवार की समय सीमा समाप्त होने के बाद, प्राप्त सभी सुझावों की समीक्षा की जाएगी और 2025 की शुरुआत तक अंतिम कोड के लागू होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह नया ढांचा ऑस्ट्रेलिया में बीमा मध्यस्थता के भविष्य को आकार देगा, जिससे सेवा की गुणवत्ता में सुधार होगा और उपभोक्ता अधिकारों को मजबूती मिलेगी। यदि आप एक व्यवसायी हैं, तो यह सुनिश्चित करना अनिवार्य है कि आपका बीमा दलाल इन नए मानकों के प्रति जागरूक और अनुपालनशील है।
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