राजनीति
क्या शादी के बाद बदल जाता है आपका PF नॉमिनी? EPFO के नियमों में छिपा है बड़ा अपडेट
ICN24 Newsroom 7 जुल॰ 2026, 06:31 pm

ईपीएफओ के नियमों के अनुसार, विवाह के बाद कर्मचारी द्वारा किया गया पिछला नामांकन अमान्य हो जाता है। जानिए नए नियमों और परिवार की परिभाषा के बारे में।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के नियमों में एक ऐसा प्रावधान है जिसके बारे में अधिकांश नौकरीपेशा लोगों को जानकारी नहीं होती। सामान्यतः माना जाता है कि एक बार नॉमिनी (नामांकन) दर्ज करने के बाद वह तब तक प्रभावी रहता है जब तक उसे बदला न जाए। हालांकि, ईपीएफ योजना 1952 के तहत, यदि किसी सदस्य ने अपनी शादी से पहले किसी को नामांकित किया था, तो विवाह के बंधन में बंधते ही वह पुराना नामांकन स्वतः ही अमान्य (Invalid) हो जाता है।
यह नियम उन हजारों भारतीय प्रवासियों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है जो वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया में रह रहे हैं लेकिन भारत में अपनी पिछली नौकरियों के कारण ईपीएफ खातों में जमा राशि रखते हैं। ईपीएफओ के नियमों के अनुसार, 'परिवार' की परिभाषा शादी के बाद बदल जाती है। शादी से पहले एक सदस्य अपने माता-पिता या भाई-बहन को नामांकित कर सकता है, लेकिन शादी के बाद कानूनन उसे नया नामांकन (Fresh Nomination) दाखिल करना अनिवार्य है।
नियमों के अनुसार, ईपीएफ में 'परिवार' का अर्थ पुरुष सदस्यों के लिए उनकी पत्नी, बच्चे (शादीशुदा या अविवाहित), आश्रित माता-पिता और मृतक बेटे की विधवा और बच्चे हैं। महिला सदस्यों के लिए, इसमें पति, बच्चे, आश्रित सास-ससुर और मृतक बेटे की विधवा और बच्चे शामिल होते हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि यदि किसी सदस्य का परिवार है, तो वह परिवार के बाहर के किसी व्यक्ति को नॉमिनी नहीं बना सकता। यदि वह ऐसा करता है, तो वह नामांकन कानूनी रूप से अवैध माना जाएगा।
ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय (NRIs/OCIs) के लिए यह अपडेट इसलिए भी प्रासंगिक है क्योंकि कई लोग अपने पुराने पीएफ खातों को 'पेंशन' या भविष्य की बचत के रूप में देखते हैं। यदि आपने शादी के बाद अपना नामांकन अपडेट नहीं किया है और भविष्य में कोई अप्रिय घटना होती है, तो आपके जीवनसाथी या बच्चों को उस राशि का दावा करने में लंबी कानूनी प्रक्रियाओं और जटिलताओं का सामना करना पड़ सकता है।
डिजिटल इंडिया की दिशा में बढ़ते कदमों के कारण अब नामांकन की प्रक्रिया काफी सरल हो गई है। सदस्य 'ई-नॉमिनेशन' (e-Nomination) सुविधा का उपयोग करके यूएएन (UAN) पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी अपडेट कर सकते हैं। इसके लिए आधार से जुड़े मोबाइल नंबर का होना आवश्यक है। ईपीएफओ का स्पष्ट कहना है कि विवाह के बाद नया नामांकन न केवल एक कानूनी आवश्यकता है, बल्कि यह आपके परिवार की वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने का सबसे प्रभावी तरीका भी है। यदि आप शादीशुदा हैं और आपने अभी तक अपना ई-नॉमिनेशन अपडेट नहीं किया है, तो इसे जल्द से जल्द पूरा करना समझदारी है।
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