टेक्नोलॉजी
मुंबई में E85 ईंधन की शुरुआत: E20 पेट्रोल से सस्ता विकल्प, ₹91.18 प्रति लीटर पर उपलब्धता
ICN24 Newsroom 20 जून 2026, 02:06 am

मुंबई ने फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए E85 ईंधन की बिक्री शुरू कर दी है। ₹91.18 प्रति लीटर की कीमत के साथ, यह पारंपरिक पेट्रोल और E20 के मुकाबले किफायती विकल्प है।
भारत की वित्तीय राजधानी मुंबई ने देश के हरित ऊर्जा संक्रमण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। शहर में अब आधिकारिक तौर पर E85 ईंधन की खुदरा बिक्री शुरू हो गई है, जिसकी कीमत ₹91.18 प्रति लीटर तय की गई है। यह नया ईंधन विकल्प न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि वर्तमान में उपलब्ध E20 पेट्रोल की तुलना में काफी सस्ता भी है, जिससे फ्लेक्स-फ्यूल वाहन (FFV) मालिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
E85 ईंधन में 85 प्रतिशत इथेनॉल और 15 प्रतिशत गैसोलीन का मिश्रण होता है। मुंबई में इसकी शुरुआती कीमत दिल्ली की तुलना में थोड़ी अधिक है, जहां यह ₹75 के आसपास उपलब्ध है, लेकिन मुंबई के स्थानीय कर ढांचे के बावजूद यह E20 पेट्रोल (लगभग ₹104-106 प्रति लीटर) की तुलना में किफायती बना हुआ है। सरकार का यह कदम भारत के इथेनॉल सम्मिश्रण कार्यक्रम (EBP) का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता को कम करना और किसानों की आय में वृद्धि करना है।
तकनीकी दृष्टिकोण से, E85 का उपयोग केवल उन्हीं वाहनों में किया जा सकता है जो 'फ्लेक्स-फ्यूल' तकनीक से लैस हैं। सामान्य इंजन इस उच्च इथेनॉल सांद्रता को सहन नहीं कर सकते। वर्तमान में, भारतीय बाजार में टोयोटा और मारुति सुजुकी जैसे प्रमुख ऑटो निर्माता अपने फ्लेक्स-फ्यूल प्रोटोटाइप का प्रदर्शन कर रहे हैं। मुंबई में इस ईंधन की उपलब्धता इन कंपनियों को बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करेगी। विशेषज्ञ बताते हैं कि इथेनॉल का कैलोरी मान पेट्रोल से कम होता है, जिससे माइलेज में थोड़ी कमी आ सकती है, लेकिन प्रति लीटर कम कीमत इस अंतर को संतुलित कर देती है।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए यह खबर विशेष रुचि की है। ऑस्ट्रेलिया में भी क्वींसलैंड और न्यू साउथ वेल्स जैसे राज्यों में E10 ईंधन (10% इथेनॉल) काफी लोकप्रिय है और वहां भी सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) और उच्च इथेनॉल मिश्रणों पर चर्चा तेज हो रही है। भारत द्वारा इतनी तेजी से E85 को अपनाना यह दर्शाता है कि उभरती अर्थव्यवस्थाएं अब वैश्विक उत्सर्जन मानकों को अपनाने में विकसित देशों के साथ प्रतिस्पर्धा कर रही हैं।
भविष्य की योजनाओं की बात करें तो, भारत सरकार का लक्ष्य 2025-26 तक पूरे देश में 20 प्रतिशत इथेनॉल सम्मिश्रण (E20) हासिल करना है। मुंबई में E85 की शुरुआत इस लक्ष्य से भी आगे की सोच है, जो विशेष रूप से शहरी प्रदूषण को कम करने में सहायक सिद्ध होगी। हालांकि, चुनौती अब बुनियादी ढांचे के विस्तार और वाहन निर्माताओं द्वारा किफायती फ्लेक्स-फ्यूल कारों को बाजार में उतारने की है। यदि यह मॉडल सफल रहता है, तो भारत जल्द ही ब्राजील जैसे देशों की कतार में खड़ा होगा, जहां फ्लेक्स-फ्यूल वाहन सामान्य यातायात का मुख्य हिस्सा हैं।
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