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घर पर मुफ्त में बनाएं जैविक खाद: अपने बगीचे को हरा-भरा रखने के लिए अपनाएं ये आसान टिप्स
ICN24 Newsroom 9 अग॰ 2026, 11:37 pm

महंगी खाद खरीदने के बजाय अब आप घर पर ही रसोई के कचरे से बेहतरीन जैविक खाद तैयार कर सकते हैं। जानें कैसे अपने बगीचे को प्राकृतिक रूप से स्वस्थ रखें।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के बीच होम गार्डनिंग या घरेलू बागवानी का क्रेज पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है। सिडनी से लेकर मेलबर्न तक, भारतीय मूल के लोग अपने पिछवाड़े (बैकयार्ड) में करी पत्ता, मिर्च और मेथी जैसी सब्जियां उगाना पसंद करते हैं। पौधों को स्वस्थ और हरा-भरा रखने के लिए अक्सर लोग नर्सरी से महंगी जैविक खाद या फर्टिलाइजर खरीदकर लाते हैं, जो न केवल जेब पर भारी पड़ता है बल्कि कई बार उनमें रसायनों की मिलावट भी होती है।
ICN24 के इस विशेष लेख में हम आपको बता रहे हैं कि कैसे आप बिना एक भी पैसा खर्च किए घर पर ही उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद तैयार कर सकते हैं। यह तरीका न केवल किफायती है, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल भी है क्योंकि यह रसोई से निकलने वाले कचरे को कम करने में मदद करता है।
जैविक खाद बनाने की प्रक्रिया बेहद सरल है। इसकी शुरुआत आपके किचन से होती है। हर दिन निकलने वाले फलों के छिलके, सब्जियों के अवशेष, इस्तेमाल की हुई चाय की पत्ती और अंडों के छिलके नाइट्रोजन के बेहतरीन स्रोत होते हैं। ध्यान रहे कि खाद बनाने के लिए कभी भी पका हुआ भोजन, मांस, डेयरी उत्पाद या तेल का उपयोग न करें, क्योंकि इससे बदबू और कीड़े पैदा हो सकते हैं।
खाद बनाने के लिए आपको एक 'कम्पोस्ट बिन' या किसी पुराने मटके की आवश्यकता होगी। सबसे पहले नीचे सूखी पत्तियों या गत्ते के टुकड़ों की एक परत बिछाएं, जिसे 'ब्राउन वेस्ट' कहा जाता है। इसके ऊपर अपनी रसोई का गीला कचरा यानी 'ग्रीन वेस्ट' डालें। खाद बनने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए इसमें थोड़ा पानी छिड़कें और समय-समय पर इसे हिलाते रहें ताकि हवा का संचार बना रहे। ऑस्ट्रेलिया की गर्मियों के दौरान खाद में नमी बनाए रखना महत्वपूर्ण है, जबकि सर्दियों में इसे ढककर रखना चाहिए ताकि तापमान बना रहे।
मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने का एक और गुप्त तरीका 'लिक्विड फर्टिलाइजर' है। केले के छिलकों को दो-तीन दिनों के लिए पानी में भिगोकर रखें और फिर उस पानी को पौधों में डालें। यह पोटेशियम का प्राकृतिक स्रोत है, जो विशेष रूप से फूलों वाले पौधों के लिए रामबाण सिद्ध होता है।
घर पर बनी इस खाद का उपयोग करने से न केवल आपके पौधों की वृद्धि बेहतर होगी, बल्कि मिट्टी की जल धारण क्षमता भी बढ़ेगी। यह सस्टेनेबल लिविंग या टिकाऊ जीवनशैली की ओर एक छोटा लेकिन प्रभावी कदम है। अब आपको अपने पसंदीदा पौधों को पोषण देने के लिए बाजार जाने की जरूरत नहीं है; बस अपनी रसोई के कचरे को सही ढंग से प्रबंधित करें और अपने बगीचे को लहलहाते हुए देखें।
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