राजनीति
'क्या आपने छात्रों पर गोली चलाने का आदेश दिया?': संसद में राहुल गांधी ने अमित शाह से मांगा सीधा जवाब
ICN24 Newsroom 11 अग॰ 2026, 04:37 am

संसद में हंगामे के बीच राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह से छात्रों पर पुलिसिया कार्रवाई को लेकर स्पष्टीकरण मांगा और शिक्षा पर सामान्य चर्चा को खारिज कर दिया।
नई दिल्ली में संसद के वर्तमान सत्र के दौरान राजनीतिक पारा उस समय गरमा गया जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह पर सीधा हमला बोला। राहुल गांधी ने सदन में एक तीखा सवाल पूछते हुए गृह मंत्री से स्पष्टीकरण मांगा कि क्या उन्होंने विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर गोली चलाने का आदेश दिया था। यह तीखी बहस उस समय हुई जब सरकार शिक्षा के मुद्दे पर सामान्य चर्चा का प्रस्ताव रख रही थी, जिसे कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष ने सिरे से खारिज कर दिया।
राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि विपक्ष शिक्षा के क्षेत्र की व्यापक समस्याओं पर तब तक चर्चा नहीं करेगा जब तक कि हालिया छात्र आंदोलनों के दौरान हुई पुलिसिया कार्रवाई पर सरकार की ओर से जवाब नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि यह मामला सीधे तौर पर देश के युवाओं की सुरक्षा और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा है। गांधी के इस रुख ने संसद की कार्यवाही को बाधित किया, क्योंकि विपक्षी सांसद गृह मंत्री के तत्काल जवाब की मांग पर अड़े रहे।
कांग्रेस पार्टी ने इस मुद्दे पर सरकार के सामने अपनी तीन प्रमुख शर्तें रखी हैं। पहली मांग यह है कि गृह मंत्री अमित शाह स्वयं सदन में आकर इस बात की पुष्टि करें कि छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग का आदेश किसके द्वारा दिया गया था। दूसरी मांग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संबंधित है, जिसमें विपक्ष चाहता है कि पीएम छात्रों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई के लिए देश से माफी मांगें। तीसरी और महत्वपूर्ण मांग राम मंदिर के चंदे से जुड़ी है, जिसमें कांग्रेस ने चंदे के तौर पर जमा की गई राशि और उसके उपयोग पर सरकार से विस्तृत विवरण की मांग की है।
सदन में मौजूद राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विपक्ष अब केवल नीतिगत मुद्दों तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि वह जवाबदेही के मुद्दों पर सीधे सरकार को घेरने की रणनीति अपना रहा है। राहुल गांधी का यह आक्रामक रुख यह दर्शाता है कि कांग्रेस आने वाले समय में छात्र सुरक्षा और पारदर्शिता जैसे मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूती से उठाने वाली है।
ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय के लिए भारत की संसदीय राजनीति में होने वाले ये बदलाव काफी महत्वपूर्ण हैं। यहाँ रहने वाले कई प्रवासी भारतीयों के बच्चे भारत के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में पढ़ रहे हैं या पढ़ाई के लिए जाने की योजना बना रहे हैं। ऐसे में छात्र सुरक्षा और विश्वविद्यालय परिसरों में पुलिस की भूमिका जैसे विषय सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में बसे भारतीय परिवारों के बीच भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। फिलहाल, सरकार की ओर से इन सवालों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, जिससे सदन में गतिरोध और बढ़ने की आशंका है।
संबंधित ख़बरें
राजनीति
रांची लाठीचार्ज बनाम दिल्ली की राजनीति: छात्र प्रदर्शनों पर राजनीतिक दलों के दोहरे मानदंडों पर उठे सवाल
रांची में छात्रों पर पुलिसिया कार्रवाई और दिल्ली की संसद में मचे हंगामे ने भारतीय राजनीति में विरोध प्रदर्शनों के प्रति अलग-अलग दृष्टिकोणों पर बहस छेड़ दी है।
11 अग॰ 2026, 05:37 am
राजनीति
झारखंड में JPSC छात्रों का प्रदर्शन: पुलिस की सख्ती और कांग्रेस की चुप्पी पर उठे सवाल
झारखंड में JPSC परीक्षा की गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। पुलिस की कार्रवाई और कांग्रेस की चुप्पी पर अब राजनीतिक सवाल उठ रहे हैं।
11 अग॰ 2026, 04:38 am

राजनीति
समान नागरिक संहिता के विरोध में मध्य प्रदेश में बड़ा आंदोलन, भोपाल में मुस्लिम समाज ने कसी कमर
मध्य प्रदेश में यूसीसी के खिलाफ 16 से 20 अगस्त तक विरोध प्रदर्शन होगा, जिसमें 21 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपेगा।
11 अग॰ 2026, 03:37 am

