राजनीति
तमिलनाडु भाजपा में बड़ा फेरबदल: के. अन्नामलाई के बाद कई वरिष्ठ नेताओं ने छोड़े पद
ICN24 Newsroom 7 जून 2026, 06:00 am

तमिलनाडु भाजपा में आंतरिक कलह गहरा गई है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई के पद छोड़ने के बाद अब कई अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है।
तमिलनाडु की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एक बड़े संगठनात्मक संकट का सामना कर रही है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई के पद छोड़ने के बाद से राज्य इकाई में इस्तीफों की झड़ी लग गई है। हालिया घटनाक्रम में पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों और जिला स्तर के नेताओं ने अपनी जिम्मेदारियों से मुक्त होने की घोषणा की है, जिससे राज्य में पार्टी की भविष्य की रणनीति पर सवाल खड़े हो गए हैं।
चेन्नई से मिल रही खबरों के अनुसार, इस्तीफा देने वाले नेताओं ने संगठनात्मक असंतोष और कार्यशैली में मतभेदों को मुख्य कारण बताया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अन्नामलाई के नेतृत्व के दौरान पार्टी ने जो आक्रामक रुख अपनाया था, उसके बाद अब नेतृत्व परिवर्तन के दौर में पार्टी के भीतर अलग-अलग गुटों के बीच खींचतान बढ़ गई है। यह स्थिति ऐसे समय में आई है जब भाजपा दक्षिण भारत, विशेषकर तमिलनाडु में अपनी जड़ें मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
आस्ट्रेलिया में रहने वाले प्रवासी भारतीय समुदाय, विशेषकर तमिल मूल के लोगों के लिए यह खबर काफी महत्वपूर्ण है। मेलबर्न और सिडनी जैसे शहरों में सक्रिय तमिल समुदाय भारत की क्षेत्रीय राजनीति पर गहरी नजर रखता है। ऑस्ट्रेलिया में बसे कई प्रवासी भारतीय भाजपा की 'दक्षिण विजय' योजना को लेकर उत्साहित थे, लेकिन इस हालिया उथल-पुथल ने उन्हें चिंता में डाल दिया है। सिडनी के एक समुदाय नेता के अनुसार, तमिलनाडु में भाजपा की स्थिरता प्रवासी समर्थकों के मनोबल को प्रभावित करती है, क्योंकि कई लोग राज्य के विकास के लिए एक मजबूत विकल्प की उम्मीद कर रहे थे।
पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने अब तक इस संकट पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि डैमेज कंट्रोल की कोशिशें शुरू कर दी गई हैं। दिल्ली से वरिष्ठ नेताओं को चेन्नई भेजा जा सकता है ताकि नाराज गुटों को मनाया जा सके। इस्तीफों का यह दौर न केवल संगठन की कमजोरी को दर्शाता है, बल्कि आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में भी भाजपा की संभावनाओं को प्रभावित कर सकता है।
फिलहाल, तमिलनाडु भाजपा एक संक्रमण काल से गुजर रही है। क्या पार्टी इस आंतरिक कलह को शांत कर पाएगी या यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा, यह आने वाले कुछ हफ्तों में साफ हो जाएगा। अन्नामलाई का जाना केवल एक व्यक्ति का पद छोड़ना नहीं था, बल्कि इसने राज्य इकाई में सत्ता संतुलन को पूरी तरह से हिला दिया है।
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