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सुदूर उत्तर क्वींसलैंड में बड़ी कार्रवाई: अवैध प्रवासियों और श्रमिक शोषण के नेटवर्क का भंडाफोड़
ICN24 Admin 6 जून 2026, 04:30 am
ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने सुदूर उत्तर क्वींसलैंड में चार दिवसीय अभियान चलाकर अवैध प्रवासियों को हिरासत में लिया और श्रमिक शोषण के संदिग्ध मामलों का खुलासा किया।
ऑस्ट्रेलियाई सीमा बल (ABF) और क्वींसलैंड पुलिस के नेतृत्व में चलाए गए एक व्यापक संयुक्त अभियान ने सुदूर उत्तर क्वींसलैंड में अवैध प्रवासन और श्रमिक शोषण के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। चार दिनों तक चले इस विशेष प्रवर्तन अभियान के दौरान इनिसफेल, मारीबा, एथर्टन और डिंबुला जैसे क्षेत्रों में सघन छापेमारी की गई। अधिकारियों ने इस कार्रवाई के माध्यम से न केवल अवैध रूप से रह रहे प्रवासियों को पकड़ा, बल्कि असुरक्षित आवास स्थितियों और कार्यस्थल नियमों के उल्लंघन के गंभीर मामले भी दर्ज किए।
इस अभियान में ऑस्ट्रेलियन बॉर्डर फोर्स (ABF) के साथ क्वींसलैंड पुलिस सेवा, रोजगार और कार्यस्थल संबंध विभाग (DEWR) और वर्ककवर क्वींसलैंड के अधिकारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। रिपोर्ट के अनुसार, जांच अधिकारियों ने कुल 180 आव्रजन अनुपालन जांचें (immigration compliance checks) कीं। इन जांचों के परिणामस्वरूप 25 ऐसे व्यक्तियों की पहचान की गई, जिनके दस्तावेज़ संदिग्ध पाए गए और जिन्हें आगे की जांच के दायरे में रखा गया है।
कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने छह व्यक्तियों को हिरासत में लिया, जो ऑस्ट्रेलिया में बिना किसी वैध वीजा के निवास कर रहे थे। इन सभी व्यक्तियों को अब देश से निष्कासित करने (removal proceedings) की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके अतिरिक्त, छह अन्य व्यक्तियों को सख्त शर्तों के साथ 'ब्रिजिंग वीजा' जारी किए गए हैं। इन शर्तों के तहत उन्हें एक निश्चित समय सीमा के भीतर या तो स्वेच्छा से ऑस्ट्रेलिया छोड़ना होगा या अपने आव्रजन दर्जे को वैध बनाने के लिए आवश्यक कानूनी कदम उठाने होंगे।
इस अभियान का एक मुख्य पहलू प्रवासी श्रमिकों के शोषण के मामलों को उजागर करना था। जांचकर्ताओं को एक तंबाकू व्यवसाय में अवैध श्रमिकों के नियोजित होने और वहीं उनके रहने की व्यवस्था किए जाने के सबूत मिले हैं। एक अन्य स्थान पर, अधिकारियों ने पाया कि 13 लोग अत्यंत भीड़भाड़ वाले और असुरक्षित वातावरण में रह रहे थे। इन आवासों की स्थिति इतनी खराब थी कि वहां रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
एबीएफ के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई उन नियोक्ताओं के लिए एक कड़ी चेतावनी है जो विदेशी कामगारों का फायदा उठाते हैं और उन्हें न्यूनतम मानकों से कम सुविधाओं में रखते हैं। अधिकारियों ने दोहराया कि ऑस्ट्रेलिया में कार्यस्थल नियमों का उल्लंघन और मानवाधिकारों की अनदेखी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संबंधित विभागों ने अब उन नियोक्ताओं के खिलाफ जांच शुरू कर दी है जो इन अवैध गतिविधियों में शामिल पाए गए हैं।
स्थानीय समुदायों और कानूनी रूप से काम कर रहे व्यवसायों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है। प्रशासन का कहना है कि इस तरह के अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ऑस्ट्रेलिया की सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ यहां आने वाले प्रवासियों के अधिकारों की भी रक्षा हो सके।
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